Teaching Rekha – 1

I was waiting eagerly for Rekha, but Raani came alone, I was dismayed, I tactfully asked her “क्या हुआ आज रेखा को नहीं लाई ?

Raani set aside her dupatta “ना आएगी थोड़ी देर में, मैं तो तुम्हारे लिए आई थी, कल तुम्हे आधे में छोड़ गई थी न!, आज पूरे कर लो अपने अरमान” her cleavage looked deeper than usual. She rubbed my crotch and felt my flaccid penis “क्या हो गया साहिल मुझसे ऊब गए हो?”. I focused back on her “क्या मतलब? नहीं ऐसा कुछ नहीं है “. She looked into my eyes “नहीं पहले तो अब तक ये तन के बाहर आने को जाता था!” I quickly covered up and held her by the waist “अरे क्या बात करती है रानी, अब मुझे तेरे साथ वो लम्बे वाला टाइम चाइये होता है, जल्दी में मज़ा नहीं आता, अनीता हो तो कोई बात नहीं है, पर रेखा के होते हुए, समझ रही है न!, तू मिलने अकेले आया कर, क्या फ़ायदा हम बीच में होंगे और वो आ जाए”. She seemed to understand, just then the bell rang I was quick “देखा अगर कुछ कर रहे होते तो, आता ना गुस्सा, अब जा और खोल!” She went off to answer the door, it was Anita. I went into the drawing room and caught raani from behind and started kissing her on the neck “चल रानी बहुत दिन से मिल नहीं रही है तू. ” She was off guard and resisted “अरे छोड़ो क्या करते हो? अनीता खड़ी है !” I grabbed her tits and squeezed gently “वो कौन सा मन कर रही है! ले जाऊं इसे अंदर ?”.

Anita “ये तो आपकी आपस की बात है, मैं कौन होती हूँ मना करने वाली” I picked raani and carried her towards the room “चल आज तेरे सवालन का जवाब देता हूँ!” I threw her on the bed and pinned her down, she resisted feebly “तुमने तो दिल से लगा ली बात, मैं तो बस कल की कमी पूरी कर रही थी” I started kissing her aggressively, she gave in “हम्म्म आओ साहिल लेलो मुझे जो करना है करो मेरे साथ “. Suddenly Anita enters the room “मैं बस झाड़ू लगा लेती हूँ. ” I teased Anita “हाँ जब यहाँ फिल्म चल रही है तो तू कैसे पीछे रह सकती है, आ तू भी आ!”.

Anita “नहीं मेरा फिलहाल मूड नहीं है. ” I lifted Raani’s top, she was wearing a slip instead of a bra gently bit her nipple, she cried out “हम्म अह्ह्ह क्या करते हो जंगली मत बनो, ” I sucked on her breast and gave her a big love bite “ले रानी मेरी निशानी “. Anita giggled “जीजी ज़रा बचके रहना आज जोश में है ये!” I leapt and grabbed her and wrestled her to the bed “तू बड़ा बोल रही है आज कल ममिया रही थी, आज दोनों की खैर नहीं!” Suddenly the bell rang, I pinned raani down and asked Anita to open the door, Raani resisted “साहिल जाने दो, रेखा होगी, रोज़ रोज़ मैं तुहारे से साथ अन्दर शक हो जाएगा!” I held her firmly “इसे घर छोड़ के वापिस आ!” She agreed “ठीक है मगर अभी जाने दो “. I let her go she quickly smoothened herself and went off, I went out, Rekha was sitting on the sofa, she greeted me with a smile, I gave her instructions “चल थोड़ी देर पढ़ ले मैं अभी आ रहा हूँ “. I went behind Anita to the kitchen. She was doing the dishes, I hugged her from behind, and she giggled “क्या हुआ? काम खराब हो गया ? चलो कोई नहीं, जाओ उसे पढ़ाओ !”. I poked her ass with my dick “तेरा मूड है या आज हाथ से ही करना पड़ेगा?”. Anita pushed her ass back “मूड तो बन जाएगा, पर उसका क्या करोगे? आ सकते हो तो शाम को आ जाओ घर पे !”. I agreed “तो तू जा रही है? मुझे बता दियो कितने बजे आऊं ?”. I came and started to tutor Rekha, after a while Anita came “भइया जी मैं जा रही हूँ और कोई काम तो नहीं है न?, I declined and she left. Finally we were alone; I gave her some cold drink, her hand brushed against mine as she took the glass, she was feeling shy, I knew she had something to say about what she saw the day before, I coaxed her “का हुआ कुछ बोलना चाहती है ?

Rekha agreed “हम्म”

I “कल के बारे में?” तो बोल ना! चुप क्यों है, मैंने तुझे देख लिया था, झांकते हुए ”

Rekha “                मुझे पता है, पर मुझसे रहा नहीं गया. और कल रात को मुझे बहुत हे अजीब सा अहसास हुआ है ”

I was getting excited “अच्छा की बुरा? क्या हुआ ? बता तो सही !”

Rekha gathered some courage “कल मैं आपके बारे में सोच रही थी बहुत अच्छा लग रहा था! मुझे शर्म आ रही है “, I was thrilled with her confession “देख बोलती जा शर्माने वाली कोई बात नहीं है, मुझे अपने दोस्त समझ “. She started talking “मुझे अच्छा अच्छा लग रहा था, और गर्मी भी लग रही थी, और बेचैनी हो रही थी, मैंने जैसे ही करवट बदल के पैरों को जोड़ा, अचानक ही शरीर में कम्पन से आने लगी, उथल पुथल से होने लगी गरम गरम लगने लगा, थोड़ी देर ऐसे हुआ और फिर थकान हुई और आँख लग गई और आज !”. I was really focused on listening to her orgasm “क्या हुआ रुक क्यों गई क्या हुआ आज? ऐसा पहले कभी हुआ है ?

Rekha “नहीं, तभी तो मैं परेशान हूँ और कपड़ो पे दाग भी थे. “ My cock throbbed with excitement in my shorts, I stood up to get some water, deliberately revealing my hardness to her, she looked with awe at the bulge  , I  had a sip of water, it was today or never, I went and sat beside her and held her hand gently “रेखा ये सब इस उम्र में होता है, इसमें कुछ गलत नहीं है, मुझे भी हुआ है, Rekha trembled by my touch, I caressed her cheek “ये बात हम दोनों में ही रेहनी चाइए !”. She was very nervous; she stammered “बस माँ को नहीं पता चलना चाइए. ” I slowly got closer to her “नहीं पता चलेगा, तुझे कभी किसी ने हाथ लगाया है? She responded by holding my hand, I kissed her cheek she reacted ““कुछ होगा तो नहीं न?”, I pulled her close and kissed her again this time on her lips she buckled in my arms she feebly resisted me “मत करो न मुझे कुछ हो रहा है, “, I sucked her lower lip, she held my lip with her, she was an amateur, I caressed her hair “अच्छा लग रहा है ?, She just nodded her eyes filled with arousal, I slowly moved towards her ample tits, the moment I held them she gasped” अह्ह्ह बस करो और नहीं ! माँ ना आ जाए !”. I lifted her top and kissed her belly she hissed “ससससस अहह, ” I tried to lift her top, she resisted “नहीं बस और नहीं कुछ हो ना जाए “, she was shivering, I abruptly let her go “हाँ बहुत हो गया आज के लिए, चल अब थोड़ी पढाई करले”. As I stood she looked at my cock “यह क्या हो गया?. I was happy that she noticed”कुछ नहीं जब लड़के गरम होते है तो ऐसा होता है”. तू इसे मत देख फिर कभी दिखाऊंगा, तेरी माँ आती होगी !”. I deliberately left her high and dry.

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