अंम्मा की इच्छा बेटे से चुदायी

हाय
मेरा नाम शालिनी है. मेरी उमर 43 है मै एक विधवा हू. मेरे पती काफी टाइम पेहले गुजर गये. अब मै मेरी सासू माँ और मेरा 23 साल का बेटा विशाल हम तिनो ही घर रेहते है. विशाल वैसे दुबला पतला है लेकीन उसकी उंची 6 फिट 2 इंच है. मै भी जॉब करती हू शाम को 7 बजे तक घर भी आती हू. हम अच्छे खासे रयीस है. इतनी पैसो की चिंता नही. खाली दिमाग शैतान का घर नही होना चाहिये इसलीये जॉब करती हू और थोडा दिल भी बहेल जाता है. जब जॉब पे थी तब कुछ सहेलियोसे मैने किस्से भी सुने थे.
गीता नाम की एक सहेली अछि सहेली है मेरी.
एक दिन ऑफिस से निकलते वक्त गीताने मुझे उस्के घर बुलाया. मेरा ऑफिस और घर के बीच ही गीता का घर लगता है तो मै चली गयी. हमने चाय पी इधर उधर की थोडी बाते की.
“अरे शालिनी तुझे मालूम है? कही बोलेगीतो नही?” मैने कहा “हा नही बोलुंगी कही” गीता ने कहा “प्रॉमिस” मैने कहा “हा बाबा पक्का प्रॉमिस”
गीता ने कहा “तुझे मालूम है प्रीती का बाहर एक अपनी उमसे बडे आदमी के साथ अफेर है, और तो और शीला का तो एक अफैर है ऐसे लडके के साथ जिस्की उमर उस्के बेटे इतनी है, और उज्वला तो लडके लाती है मालूम है उज्वला का एक पार्लर के साथ कॉन्टॅक्ट है जहासे से लडके यंग लडके आते है और अनके साथ संबंध रख ती है”

मैने कहा “माय गॉड. लेकीन ये तो सब शादी शुदा है और अच्छे घर से है ना” गीता ने कहा “एक बार बाहर की खाने की आदत लगी तो घर का खाना पराया
लगता है”

लेकीन क्या पता उस रात मुझे निंद नही आरही थी करवटे बदलते बदलते मै परेशान होगयी. उपरसे गीता के किस्से और भी मेरे दिमाग मे थे. सासू माँ उस्के रुम मे सोयी थी एक बात मुझे मालूम था के वो रात को जगती नही निंद से और उसका बाथरूम भी उसी रुम मे था तो वो बाहर आनेका सवाल ही नही था. ओ आराम से सो रही थी.

और मै निंद मे करवटे बदल रही थी.
अब मुझे रहा नही गया मै उठी और विशाल के रूम की ओर बढि.
मेरे बारे मे बताना रेह गया
मै मोटी हू थोडी चुबी लेकीन दिखने मे बुरी नही हू. मै प्लस साईज हू. मेरी उंची 5 फिट 5 इंच है.
41 के भरेहूये स्तन डबल डी की ब्रा पेहनती हू. 40 की कमर और 48 के नितम्ब गांड है मेरी. याने आप ही समझो मै कैसी हुंगी. जब मेरे पती थे.. विशाल मेरा बेटे के पैदा होने के बाद मुझे सेक्स बंद था डॉक्टर ने कहा था अब आप सेक्स नही कर सक्ती क्योके आप के वर्ज्याना बुर मे इन्फेकॅशन संक्रमण हो सकता है आगर आप सेक्स करोगी तो. इस लिये मेरे और मेरे पती मे सेक्स नही होता था. कुछ ही सालोके बाद उनकी याने मेरे पती की डेथ हुई हार्ट अटॅक के कारन. तो ऐसा था मेरा जीवन…

तो कहा थे हम, निंद नही आरही थी, करवटे ले रही थी किसी चिस के लिये तडप रही थी. ओर विशाल के रुम मे चल पडी ना के अंदर ही गयी.
विशाल बेड पे लेटा था. कुछ किताब देख रहा था जैसे ही मै अंदर गयी उसने लबक के किताब अपनी तकीये नीचे रखी. मै उस्के बाजू मे जाके बेड पे बैठ गयी. उस्के बाजूका लाईट ऑन था.
मैने कहा “विशाल बेटे क्या कर रहे हो? पढ रहे हो?

वो बोला “नही अंम्मा कुछ नही, कहो”

मैने कहा “कुछ बात करनी थी तुमसे”

उसने कहा “कहो अंम्मा”

वो मुझे अंम्मा ही बोल ता था

मैने कहा “क्या तुम लाईट ऑफ कर सकते हो? नही तो मै बात नही कर पाऊनगी”

मैने वैसे आते वक्त कुंडी लगायी थी. तो कुछ टेन्शन नही था. उसने लाईट भी ऑफ किया.

मैने कहा “बात थोडी अजीब है ये हम दोनो मे ही रेहनी चाहिये”
उसने कहा “ठीक है”
मैने कहा “मै चाहती हू के तू मेरे साथ…” और मै रूक गयी.
उसने कहा “क्या आपके साथ”
मैने कहा “मेरे साथ….”
उसने कहा “हा बतावो क्या आप के साथ?”
मैने कहा “मै चाहती हू के तू मेरे साथ सेक्स करे”
और हम खामोश हो गये थोडी देर.
फिर मैने कहा “हा बेटा… क्या बतावू तुम्हारे पिताजी को गुजरते काफी साल हो गये, उपर से डॉक्टर ने कहा वरजयना संक्रमण के कारन मै सेक्स नही कर पाऊनगी इस लिये जब तेरे पिताजी भी थे उस वक्त भी हम सेक्स नही कर पाते थे. बाद मे वो भी हार्ट अटॅक के कारन गुजर गये, अब क्या बतावू मै भी 43 उमर की हू, लेकीन अब मेरे अंदर की वासना जाग रही है”

रूम एकदम शांत और पुरा अंधेरा था.
मै ने कहा “क्यो क्या हुआ… तू भी तो जवान और समझदार है अब, और मुझे मालूम है एक बात. तू इंटरनेट पे जो किस टाईप की साईट देखता है. एक दिन मै तेरी रूम साफ कर रही थी तब तू नहाने गया था और मेरा हाथ गलतीसे तेरे, कंम्पुटर माउस को लगा उस वक्त कंम्पुटर ऑन था एक वेबसाईट ओपन थी जीसमे दुबला लडका मोटी औरत का सेक्स विडिओ चल रहा था. जब एक दिन तू बाहर था तब मै फिर तेरे रूम की सफाई करने आयी तब तेरी कुछ किताबोसे या अश्लील किताबे गिरी वी भी वैसे ही थी दुबला लडका मोटी औरत के सेक्स की और मै जानती हू अभि भी तू वोही किताब देख रहा है. तो अब बता मैने तुझे ओपन ऑफर करी है. जो चीज तू आज तक किताब मे देक रहा था आज मै ही तेरे सामने खुली किताब बनके आयी हू”

रूम मे अंधेरा ही था, उसने तुरंत ही अपना हाथ मेरे मु तक लिया और किस किया मेरे मु मे अपना मु डालके मेरा मु लॉक कर दिया, मेरे साडी का पल्लू निकाल के दोनो हातोसे मेरा ब्लॉउस फाडा. मेरे बोबले कुद के ब्लाऊस के बाहर आगये. अंधेरे मे तो कुछ नही दिख रहा था. मेरी बाहर आयी हुये बोबलो को दबाने लगा. जोर जोर से मसल ने लगा. बोबलो के चुचियों पिलने लगा बीच बीच मे चुसने लगा. मै समझ गयी वो कितना उत्तेजित हुवा है. उसने वैसे ही मुझे बेड पे लेटा दिया और मेरी साडी उपर की. चढ गया मेरे उपर एक तरफ मु मे मु, एक हात से बोबलो को दबाना और एक हाथ उसने मेरी निकर मे डाल के मेरी बुर चुत मे उंगली डालने लगा. वो काफी अग्रेसीव हो गया. मैने सोचा अब इस्को रोकना होगा.

मैने कहा “हां हां सबकुछ होगा लेकीन धीरे धिरे”
वो भी रूक गया. शायद उसका पानी जादा उत्तेजित होने के कारन उस्के ही पॅन्ट मे निकल गया. और मै हस पडी.

मैने कहा “अब ऐसे ही लेट जाते है बाकी कल देख ते है”
उसने कहा “कल, पक्का? प्रॉमिस?”
मैने कहा “हा प्रॉमिस लेकीन एक बात है” उसने कहा “एक बात क्या”
मैने कहा “तुझे मेरी बुर नही, तुझे मेरी चुतड (गांड) मारनी होगी”
उसने कहा “जोभी है मुझे अच्छा लगेगा” वो रात वैसे ही गयी. हम बेड पे सोये मैने साडी उपर की थी उसने अपना लंड मेरे दो जंघो के बीच रखा वैसे ही पडे रहे. मै सुबह जलदी उठ के मेरे रूम मे गयी. अपना पल्लू संभालके मैने मेरे उपर लिया क्यो के रात को उसने मेरा ब्लॉउज फाडा था.

दुसरे दिन शुक्रवार वो उठ गया किचन मे आया मै वही थी कहा “आज ऑफिस नही जाओगी क्या?”

मैने कहा “आज नही जाऊगी”
मैने कहा “तेरा कॉलेज नही क्या?” उसने कहा “कॉलेज मे स्पोर्ट सिजन है, हमारा मॅच नही है. नही जाऊगा क्या फरक पडता है” मुझे चुमा और मेरे चुचियो को दबाया. मै हलकीसी चिलायी “आऊच” और कहा “सासुमा बाहर है” उसने फिर से चुमा और जोर से चुचियो को दबाया. मै फिर चिलायी “आऊचच.. चल नॉटि कही का. बडा नॉटि है तू” वो दिन शुक्रवार था. कुछ ही देर मे हमारे घर कुछ मेहमान आये. बेटा थोडी देर बैठा और वो बाहर चला गया.
जाते वक्त कहा “मेसेज पे रेहना”
मैने “हा” कहा. थोडी देर मे सासुमा खाना खाके ऊन मेहमानो के साथ चली गयी मेहमानो भी खाना खाया. अब करीब 2 बजे थे. विशाल बाहर ही था.

मेसेज
मै “विशाल कहा है तू”
विशाल “मै बाहर हू थोडा टाईम लगेगा”
मै “ठीक है. मै भी बाहर जाने वाली हू थोडी देर. शाम तक आऊनगी. सासुमाँ ऊन मेहमानो के साथ बाहर गयी है वो अब रविवार को शाम को आयेगी”
विशाल ने स्मायली भेजा.

मैने सोचा आज कुछ अलग करते है.
मैने मेसेज भेजा.
मैने “आज कुछ अलग करते है”
विशाल “ठीक है”
मैने “मै जैसा बोलती हू वैसा ही करना”
विशाल “ठीक है”

मै बाहर गयी शॉपिंग की आते वक्त 5 बजे शाम के. विशाल घर ही सोया था.
वो उठ गया. मेरे नसदीक आके मेरे बदन से खेल ने लगा. मैने कहा “रुको. अब तुम पेहेले नहा लो. और ये दूध पियो” मैने दूध का ग्लास टेबल पर रखा. उसने कहा “मुझे तो आप का दूध पिना है” मैने कहा “मिलेगा लेकीन बाद मे ये चूप चाप पियो” उसने दूध पिया और कहा “ये कुछ अजीब लगता है” मैने कहा “हा उसने मैने बदाम केसर डाला है” उसें क्या मालूम मैने उस दूध के ग्लास मे क्या डाला था. मुझे आयुर्वेदा का ज्ञान है मैने कुछ जडीबुटी का मिश्रण बनाके उस ग्लास मे डाला था ताके उसका सेक्स का स्टॅमिना जाडा रहे और हम जादा वक्त मजे ले सके. उसने दूध पिया. नहाने चला गया. नहाते वक्त भी हम मेसेज कर रहे थे.
मैने मेसेज किया
“नहाके अपने रूम मे जाना गद्दी नीचे बिछाना और ओपन ही रेहना”
उसका रिप्लाय आया “ओपन…”
मैने रिप्लाय किया “हा ओपन. मेरा इंतजार करना मै भी तयार हो के आती हू.

मुझे मालूम था जो दूध दिया है उस्को उसका असर होने को थोडा टाईम लगेगा. दूध के असर मे वो पुरा मधहोश होगा. एकदम शैतांन बेकाबू होगा. मैने भी दूध पिया मैने मेरे ग्लास मे दो चम्मच और उस्के ग्लास मे छे चम्मच पावडर दाली थी. अब वो उस्के रूम मे था.

मैने नहा लिया. मेरे रूम मे गयी अब शाम के 7 बजे थे. सोसायटी मे खेलनेवाले छोटे बचो की आवाज कम हुई थी अब वो थोडे ही देर मे अपने अपने घर जाने वाले थे. मैने चेक किया घर के सब लाईट और खिडकीया बंद है के नही. फ्रेश होके मेरे बेडरूम मे आयी. अपने सब कपडे उतारे पुरी नंगी खडी थी आयीने के सामने.
मैने आते वक्त एक नेट ड्रॉप वेल खरिदा था जो क्रिश्चियन वधु शादी के टाईम पेहनती है जालीवाला वो जो सिर से लेके जमीन तक होता है पिछेकीतरफ. बाकी पुरी नंगी थी सामने से एकदम नंगी.
अब शाम के 7 बज कर 30 मिनीट हुवे थे. मै उस्के रूम मै गयी. वो सामने गद्दी पे ही था पुरा नंगा और मै उस्के सामने खडी थी आधी अधुरी नंगी वासना से. सामने से मै पुरी नंगी थी खाली पुरी नंगी. वो वैसे ही बेड पे था मेरी तरफ देख रहा था हलकासा बेड लॅम्प का उजाला था. काफी देर वो देख रहा था फिर उठ के मेरी तरफ आया मेरे माथे को किस किया, और लबक के अपने दोनो हात मेरे बोबलो पे लेके मेरे बोबले जोर से दबाये और मु मे मु डाला. अब काफी देर हम वैसे ही थे. मैने मेरा हाथ उस्के तने हुवे लंड को लगाया और लगा के ये बहुत ही बडा हुआ है ये तो आज रात मेरी चुतड जरूर फाडेगा. हम वैसे ही थे फिर उसने मेरा हाथ पकडा और गद्दी पे लेके आया. अब मै गद्दी पे दोनो पैर फैलाके लेट गयी वो उपर आया मुझे किस किया, नीचे तक गया मेरी चुत मे अपना मु डालके अपने जीभ से मेरी चुत चाटने लगा. मै भी मधहोश होने लगी मेरी मु से भी आवाजे आने लगी “हू.. आ.. ओ… आऊच…” अब उसने अपना लंड मेरे चुत के होल पे रखा एक हलकासा धक्का दिया. मै थोडी चिल्लयी. फिर और एक धक्का दिया. उसका लंड थोडा अंदर गया उसने निकाला और कहा “अरे आप को तो प्रॉब्लेम है” मैने कहा “कोई बात नहि. पुरा मत डालना खाली आधे तक रख ना और हलकासा आगे पिछे हिलाना ताके तुझे और मुझे चुत चोदने का आनंद मीले, बस खाली पुरा अंदर मत घुसेडना”
कुछ देर ऐसा ही हुआ. फिर मैने कहा “चल बेटा, अब मेरी चुतड चुदवा” उसने मेरे पैर उपर किये लेकीन मै मोटी हू इसलिये जम नही रहा था. तो उसने कहा “अम्मा हम डॉगी स्टाईल मे करते है” मैने कहा “ओह, तो मै कुतीया बन जाऊ?” उसने कहा “हा हम कुतों जैसे करते है” मैने कहा “ठीक है. मै तेरी कुत्ती बन जाती हू और तू मेरा कुत्ता बन जा”
फिर मै उलटी होके घुटनो पे बैठ गयी. मेरी चुतड उस्के तरफ थी. उसने मेरा नेट ड्रॉप वेल बाजूमे किया और अपने लंड को थूक लगाके मेरे चूतड गांड के होल पे रखा. एक जोर का ठोका मै चिलाई “आआआ… आऊच.. बेटा थोडा धिरे.. आऊच” उसका ठोकना जारी था और मेरा चिलाना जारी था. अब उसका लंड आधे से जादा मेरी चुतड मे घुसा था. मै भी कमर और गांड हिला हिला के बीच बीच मे चिलाके उसका साथ देने लगी. अब उसने अपना लंड निकाला मेरी चुतड का होल अपने दोनो हातोसे फैलाया और थूका मेरी चुतड मे फिर अपना लंड मेरे चुतड मे घुसाया. अब मुझे भी मजा आने लगा उसका लंड जैसा जैसा मेरी चुतड मे घुसने लगा मुझे दर्द और मजा दोनो आने लागा. अब मै भी पुरा उसका साथ देने लगी और हम दोनो एक दुसरे का चुतड और कमर हिला हिला के साथ देने लगे. उस्के ठोके जारी थे ठोकते वक्त वो बोला “आंम्मा मेरा पानी निकलने वाला है” मैने कहा “हा बेटा निकाल दे तेरा पुरा पानी मेरे चुतड मे please भर दे मेरी चुतड अपने लंड के चीक से please…”
मेरी चुतड चिपचिपासी होने लगी, उसका स्पीड बढने लगा एक तरफ मेरी चुतड मार रहा था दुसरे तरफ मेरे बोबले दबा रहा था. उसका स्पीड बढ गया उसने जोर से एक ठोका दिया और अपने शरीर का वजन मेरे उपर डाल के मुझे जखेडा, मै समझ गयी उसका पानी चीक निकल रहा है. मेरी चुतड भी उस्के चीक से भरने लगी उसका गरम चीक मै अपने चुतड मे मेहसुस करने लगी. वो वैसे ही पडा रहा मेरे उपर मैने देखा घडी मे 9 बजे थे उसने मुझे पौना घंटा चोदा. ऊस रात उसने मुझे 6 बार चोदा. मेरी चुतड की वाट लगी लेकीन मुझे मजा भी आया, रविवार को सासुमा आने तक हम आंम्मा बेटो ने काफी बार चुदायी की.

सासुमा आने के बाद हम नॉर्मल लाईफ जिने लगे. लेकीन जभि मौका मिलता हम चुदायी करते. कयी बार तो मै सासुमा रात को सोनेके बाद उस्के रूम मे जाती और चुदायी करती और सासुमा की निंद सुबह खुलने से पेहेले मेरे रूम मे जाती. एक दिन तो सासू माँ घर थी फिर भी हमने सुबह को बाथरूम मे चुदायी की. अब वो खाली मेरा बेटा नही मेरा बॉयफ्रेंड और पती भी है. अब हम लव्हर है.

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