अम्मा ने दि सेक्स की बर्थडे गिफ्ट

तो क्या हुआ? क्या तुझे मेहसुस नही हुआ के वो काफी टाईम से तुझे अम्मा की नजर से नही एक औरत की नजर से देख रहा है । तू जब घर मे उस्के सामने कोई काम या करती हो या उस्के सामने रेहती हो तब वो तिरची नझर से तुझे सेक्स की नजर से ही देखता है।
और तो और वो तेरी सहेलीयो को भी सेक्स की नझर से देख ता है।

सोच मत सीमा। सेक्स तो तुझे भी चाहीये और उसे भी। आज वो 18 साल का हुआ है आज तू उसे birthday गिफ्ट मे सेक्स ही दे। सोच मत सिमा तेरा भी लाईफ आसान होगा।

ऐसे दुसरे विचार आरहे थे।
अब थोडा मेरे बारेमे बताती हू।
मै 5 फिट 5 इंच उंची हू। मेरे स्तन बडे नही मध्यम छोटे 36B साईज के है जैसे के 26 साल के किसी लडकी के होते है वैसे। लेकीन किसीं भी मर्द के हात मे रेह सकते है वैसे। मेरी कमर 29 इंच और मेरी हिप गांड ये जादा बडी है 43 इंच की बाहर आयी हुयी। ऐसी मेरी साईज है।

मेरे बेटे विरेश की हाईट 5 फिट 10 इं और काफी तंदुरुस्त है। अब मैने सोच ही लिया जो होना है वो होने दो आज तो मेरे बेटे को birthday gift मे सेक्स ही देती हू। मैने मेरे पती को नाश्ता दिया और साथ मे उनकी दवायी बी दि।
उस दवायी मे एक निंद की गोली थी वो भी आधि दे दि अब वो चार पाच घंटे सोते ही रहेंगे।

सब दरवाजे खिडकी बंद करके मै अब विरेश के रूम मे गयी। वो बेड पे ही था. मैने रूम की कुंडी भी लगादी और कहा “happy birthday विरेश. आज तू 18 साल का हुआ” वो बेड पे था वही से मुझे thank you बोला।
मैने कहा “बेड पे ही लेटे लेटे बोले गा या खडे होके गले लगेगा। आजा मेरे गले लग जा” ये सुनके वो त
अब वो बेड पे सोया मै उस्के उपर अपने दो पैर फैलाके उस्के लंड पे बैठ गयी। मैने उसका लंड मेरी चुत के होल पे रखा और उपर नीचे हिलना सुरू किया उसने भी मुझे नीचेसे झटके देना चालू किया। मैने मेरी गांड उछलना उस्के लंड पे उपर नीचे करना जारी रखा वो करते वक्त मै अब उस्के उपर लेट गयी। वो भी नीचेसे अपनी कमर उपर नीचे करते वक्त मेरे मम्मो को चुसना चालू किया। उसका पेहेला टाईम था। उसें ठीक से जम नही रहा था फिर भी वो कोशीष कर रहा था। चोद ते वक्त मैने उसे कहा “बेटे आज से तु और मै माँ बेटा नही। आज से तू मेरा boyfriend और मै तेरी girlfriend। और आज से तू मेरा पती और मै तेरी पत्नी तू मुझे मेरे नाम से “सीमा” बोल सकता है। उसने कहा “ठीक है” वो ठक रहा था। उसका पेहला टाईम था। उसने कहा मै तुझे सीमा नही नया नाम रखूनगा। वो ठोके दे रहा था। मैने कहा “ठीक है” उस्के मुसे आवाज आयी “आ.. आ” उसने मुझे कस लिया मै समज गयी उसका पानी मेरे चुत मे घुस रहा है। मुझे इतना फरक नही पडा लेकीन ठीक है। फिर मै उठ गयी देखा तो उस्के लंड की कोमल चमडी पिछे आगयी थी और लंड का सुपारा अब दिख ने लगा था। अब उसका लंड पेहेले से बडा था मै जान गयी ये लंड जब खडा होगा तब 8 या 9 इंच तक जरूर होगा। तब मैने उसे कहा “देखा बेटा अब तेरा छोटा prince mature हो गया है, अब इस्के बाद ये खुद असली मजा लेगा”।अब हम अलग हो गये अब करीब 12 बजे थे दोपहर के। मेरे पती अभि भी सो रहे थे मुझे मालूम था वो अब जलदी नही जगेंगे। फिर मै नीचे थी और वो मेरे उपर लेटा। हम काफी टाईम वैसे थे। थोडी ही देर मे उसका फिर लंड उठा लेकीन मैने उसे चोदने नही दिया। मैने कहा “चल बाथरूम मे, हम साथ मे नहाते है”। हम बाथरूम मे गये मैने उसे गले लगाया उसने शॉवर चालू किया। हम काफी वक्त शॉवर के नीचे एकदुसरे को गले लगाके खडे थे। वो फिर मुझे चोदना चाहता था लेकीन मैने उसें चोदने नही दिया बलके मै नीचे बैठी और उसका लंड मु मे लेके चुसना चालू किया और उसका गाढा चीक पानी मै पी गयी। और फिर से मैने उसे गले लगाया। उस्के छाती को मेरे मम्मे और मेरे नीचे के हिसे को उसका लंड चिपक गया था इतना कस के हम एक दुसरे के गले लगे थे। उस दौरांन हमने बाते भी की। मैने कहा “जैसे एक पती और पत्नी जीते है, जैसे पती ऑफिस जाते है और मूड होगा तब सेक्स करते है, हम भी वैसे ही करेंगे। तू सेक्स के चक्कर मे अपनी पढाई नही भुलना इसलीये मै तुझे कंट्रोल भी सिखा रही हू”। हम वैसे ही चिपक गले लगे हुये शॉवर के नीचे खडे थे। उसने कहा “ठीक है”। मैने कहा “पापा के सामने तू कुछ हरकत नही करेंगा”। फिर उसने कहा “ठीक है क्या हम शादी करे?”। मैने कहा “हा क्यो नही। हम आज रात ही शादी करते है तू दोस्तो के साथ birthday celebrate करके रात जलदी आना हम बारा के पेहेले ही शादी करते है”। उसने कहा “ठीक है और तभि मै आपको नया नाम रखूनगा”। मैने कहा “हा ये ठीक है”। मुझे मालूम था रात को काफी सालो के बाद मेरी सुहागरात होने वाली है, क्योके उस्के लंड का सुपारा अब बाहर आया था, आज रात मुझे उसका बडा लंड मेरे चुत मे लेना था।आज रात मेरी हालत खराब होने वाली थी। हम थोडी देर वैसे ही खडे रहे गले लगके फिर अलग हो गये। मैने उसें happy birthday बोल के चुमा और मै घरेलू काम मे लग गयी और वो बाहर दोस्तो के साथ चला गया। मेरे पती जगे उनका खाना पिना किया शाम होगयी फिर मै हमारे लेडीज कपडो के शॉप पे चली गयी। जब मै शॉप पे जाती हू तब एक आया रखी थी जो पती का खयल रखे। शाम को बेटे का टॉकसप पे मेसेज आया
विरेश “अम्मा मे दोस्तो के साथ पार्टी करने वाला हू”
मै “ओ आच्छा अकेले करेगा, मै नही”
बेटे ने कहा “हा क्यो नही आप के साथ भी”
मै “तो मेरे लिये भी लेके आना, लेकीन सून अपने दोस्तो के सामने नही”
विरेश “ठीक है”

हमारा परिवार ओपन mainded है।
जब परिवार मे कुछ होता है तो बियर तो होती ही है। हम लेडीज भी पिते है थोडी थोडी। अब एक होने वाला था के मेरे बेटे के दिल मे कोई माँ बेटे झिजक ना होगी। वो भी फ्री होके बाते और सेक्स करेगा।
रात को 9 बजे मै घर आगयी। शॉप से एक साडी और ब्लॉउज पीस लाया।
पती का खाना पिना किया उनको दावायी दि साथ मे उनकी निंद सोनेकी दावायी जो वो हमेशा रात को लेते है वो भी दि। वो अब सो चुके थे। 10 बज कर 15 मिनिट मे विरेश आया पार्टी जादा हुयी थी उसें देख के मै समज गयी लेकीन होश मे था। साथ मे बियर लायी थी। फिर मैने कहा अपने रूम मे जाके फ्रेश हो जाओ मै आती हू एक रेड कलर की लुंगी है वो पेहनो। वो रूम मे गया मैने पेहेले ही बेड सजाके रखा था। मै सजी ढजी और उस्के रूम मे गयी। वो मुझे देख के पागल हुआ। मैने खाली साडी लपेटी थी और ब्लॉउज पीस उपर बांधा था जैसे किसी कपडो के दुकान पे
mannequins को पेहनाते है वैसे।
साथ मे एक 2 हार भी थे। फिर हमने और बियर पी। अब बियर उसे भी और मुझे भी चढि थी बियर का नशा असर कर रहा था। फिर हमने एक दुसरे के गले मे हार पेहनाया। मैने कहा “चलो जी अब मुझे नाम दो जो आप को पसंद है”। फिर उसने कुछ चिठीया निकाली और कहा “कोयी भी एक चिठी उठाओ। मैने एक चिठी ली ओपन की उसमे c लेटर था। फिर उसने बाजू मे रखी हुयी चार पाच चिठिया निकाली और कहा “अब उसमेसे उथावो। मैने ली और ओपन की। उसने कहा “ये आज से तेरा नाम है”। चिठी मे था “चुतिका”। उसने कहा “कैसा लगा?। मैने कहा “हा जी ये तो बडा मस्त नाम है”। फिर हम उठ गये एकदूसको गले लगाया और एक दुसरे को किस किया उसने कहा ” i love you चुतिका” मैने भी उसे “इ love you too” कहा। हम फिर से वैसे ही गले लगाके खडे थे। मैने कहा “चलो जी अब शूरु हो जाओ”। उसने मेरे साडी का पल्लू निकाला मेरे मम्मो की तरफ देखा काफी देर तर देख रहा था उसने कहा “चुतिका तू एकदम मस्त है, काश तू मेरी असली wife होती, मै तुझे बहुत प्यार करता, तुझे खूब चोदता”। मैने कहा “हा तो अब हम शादी शुदा है, हम अब बाकायदा चुदायी कर सकते है”। उसने मेरे मम्मो को हलकेसे दबाना शूरु किया और चुचियो को मसल ना शूरु किया बीच बीच मे मम्मो को जोर जोर से दबाना भी शूरु था। उसने कहा “चुतिका तुम इस उमर मे इतनी सुंदर हो, फुल शेप मे तो तू जवानी मे कैसे होगी? काफी लोग तेरे पे फिदा होंगे”। मैने कहा “ना जी मै जवानी मे भी ऐसी ही थी बस खाली पिछेसे थोडी बाहर आ गयी हू”। उसने कहा “हा वो तो दिख ही रहा है, मै तो मेरे छोटे राजकुमार को तेरे महल मे पिछेसे भी घुसाना चाहता हू”। मैने कहा “हा जी इस महल पे अब आप का ही अधिकार है, लेकीन पेहेले आप को मेरी रानी चुत के दाने को गुफे से आझाद करना होगा वो काफी टाईम से अंदर एकेली फसी है।” उसने कहा “चुतिका वो काम ये लंडकुमार पेहेले करेंगा तेरी इस बेरी रानी को आज ये साथ ले जायेगा”। मैने कहा “च्छा जी लंडकुमार और बेरीरानी, वाह आप तो आगे ही पहूच गये”। अब मुझे भी अच्छा लग रहा था और मजा आ रहा था अब हम डबल mining मे ही बोलने लगे। बियर के नशे ने हम दोनो को काफी फ्री कर दिया था। उसने कहा “चुतिका तेरे इस महल के ये फल तो काफी नाजूक है”। मैने कहा “हा जी वो नाजूक है, इसलीये उनको प्यार से लेना नाके जबरदस्ती से”। महल याने मेरा शरीर, चुत याने गुफा, मम्मो को फल ऐसे नाम रखे थे ऐसे हम बोलते थे। फिर काफी वक्त उसने मरे मम्मो को चुसा। अब हम बेड पे आगये मै लेट गयी और अपने नीचे तकीया रखा। उसने अपनी लुंगी उपर लेके लंड बाहर निकाला, मेरी भी साडी उपर की, उसका लंडकुमार 8 इंच तक था। अब मैने कहा “हाजी मेरे दोनो पैर अब अपने खंदे पे लो”। उसने मेरे दोनो पैर उठाये और अपने खंदे पे ले। मैने कहा “अपने लंडकुमार गुफे के दरवाजे पे रखो, लो मै ही रख ती हू”। मैने उस्के लंड को पकडा और चुत पे रख दिया। उसने दो ठोके हलके दिये और तिसरा एकदम जोरदार दिया। इस्के कारण उसका लंड तिसरे ही ठोके मे आधे से जादा मेरी चुत मे घुस गया और मै चिलाई “आ आऊच, थोडा धिरे जी, आ उयी माँ आऊच”। उसने ठोके और दिये स्पीड बढ रहा था। उसने कहा “चुतिका तेरी बेरीरानी को आज मै पाके ही रहूंगा, तेरी गुफे का दरवाजा पुरा फाड डालुंगा, चाहे कुछ भी हो जाये”। उसने और स्पीड मे पेल ना शुरू किया। मैने भी नीचेसे गांड उठा उठा के कमर हिला हिला के उसका साथ देना शूरु कीया। मेरी चुत और उस्के लंड से अब पचाक पचाक आवाज आने लगी, उसका शरीर हिलने के करण और मै भी हिलने के कारण धप धप आवाज भी आने लगी, उसका बदन और मेरा बदन एकदुसरे को घीस रहा था इस लिये धप धप आवाज आने लगी। हमारी चुदायी और भी तेज होनी लगी। इतनी तेज की हमारा बेड भी अब हिलने लगा था इतनी जोरोसे ठुकायी हो रही थी। चुदायी के वक्त हम बाते भी कर रहे थे और जोश मे थे, बियर का असर था सब। मै बोल रही थी “आवो जी और घुसावो अपने लंडकुमार को, और और जोर से please, और जोर से, करदो मिलन लंडकुमार और मेरी बेरीराणी का”। वो भी बोल राहा था “हा चुतिका आज तो दोनो का मिलन होते ही रहेगा”। चोदते वक्त उसने अपने हाथ नीचे से डाले। मेरे पैर उस्के खंदे पे थे। उसने नीचेसे हाथ डाल के मेरे मम्मो को जोर जोर से दबाना शुरु किया। मै गोरी हू बहुत ही गोरी हू। उस्के जोर जोर सर मम्मो को दबाने के करण वो अब लाल हो रहे थे। उस्के उगलियो के निशान भी आयेन गे ये मुझे मालूम था और उस्के जोरो के ठोको के करण मेरी चुत का और गांड का हिस्सा भी लाल लाल होगा ये मुझे मालूम था। हमे मजा आ रहा था। फिर उसने एक कोर का ठोका दिया और मुझे जखेड लिया मैने भी उसे जखेड लिया। उसका लंडकुमार और मेरी बेरीरानी का मिलन हो गया था। उस्के लंड ने और मेरी चुत ने भरपूर पानी फेखा। हम वैसे ही काफी टाईम तक पदे रहे।

फिर अलग हो गये। वो अभि भी लुंगी पे और मै साडी पे थी खाली उपर ब्लाउज नही था। फिर हमने थोडी बाते की। एकदम अश्लील नॉनवेज टाईप। अब 12 बजे थे। थोडी देर वैसे ही लेटे। एखाद घंटा फिर मैने कहा “बोलो जी कैसे लगी ठुकायी”। उसने कहा “चुतिका तुम तो एकदम कायामत हो। मैने कहा “आच्छा जी और करोगे? ठके तो नही”। उसने कहा “चुतिका तुम्हारी जैसी बीबी और girlfriend हो तो थकना किस बात का?। मैने कहा “तो एक एक हो जाये?”। उसने कहा “हा क्यो नही”। मैने कहा “ड्रिंक का असर अच्छा था, थोडी और हो जाये?”। उसने कहा “क्यो नही” फिर हमने और बियर पी।
बियर पिते वक्त हमने बाते भी की “उसने कहा चुतिका आज मेरा birthday और हमने शादी भी की अब हब हर साल हम anniversary भी celebrate करेंगे। “मैने कहा हा जी। जरूर क्यो नही?” फिर थोडी देर के बाद हम खडे हो गये। एकदुसरे को गले लगाया। मैने कहा “क्यो जी आप नही मेरी बेरीरानी को चाटोगे?” मैने भी तो आप के लंडकुमार को चाटा”। उसने मुजगे बेड पे आधा ही लेटाया और नीचे बैठ के मेरी चुत चाटने लगा। काफी वक्त वो चाट ही रहा था। मुझे मजा आ रहा था। फिर रहा नही गया मैने कहा “चलो जी अब रहा नही जाता चोदो मुझे”। फिर उसने कहा”आज तुझे अलग तरिकेसे चोदता हू”। उसने मुझे उलटा होने कहा। मेरा आधा बदल बेड पे था वो जमीन पे खडा था उसने मेरे पैर हवामे लिये और अपने दोनो हातोसे पकडे। अब मै उलटी आधी बेड पे और आधी बेड के बाहर थी। उसने अपना लंड मेरे चुत पे रखा और फिर ठुकायी शुरु की। जोर जोर से ठुकायी होने लगी मै तो पुरी हिल रही थी। पलंग भी जोर जोर से हिल रहा था। मेरे मुसे भी आवाजे आरही थी “आ आ आ या come on और और चोदो मुझे, आ आ या please और मजा आ रहा है और चोदो और जोरदार चोदो please। ठुकायी का स्पीड बढ रहा था। आखीर मे एक जोर का झटका और फिर उसका पानी मेरे चुत मे घुस गया। उस्के लंड मे बहुत पानी चीक था वो रूक ही नही रहा था। मेरी चुत पुरी पानी पानी हो गयी। हम फिर से शांत हो गये। बेड पे लेटे रहे अब करिब 2 बज कर 30 मिनिट होंगे। उसने कहा “चुतिका dear कल का शॉप का क्या?”। जाओ गी के नही”?। मैने कहा “हा जी क्यो नही, वैसे तो शॉप मे तो बाकी लडकीया आयेगी, एक के पास extra चाबी है और मै बीच मे एखाद राऊंड करूनगी। आज मुझे खाली चोदने का मजा लेना है। काफी सालो के बाद मै आप से चुदवा रही हू”। मैने कहा “चलो फिर और थोडी पिते है”। हमने फिर से बियर पिना शूरु किया। अब 3 बज का 15 मिनिट होंगे। हम फिर से खडे हो गये एक दुसरे को गले लगाया। उसने अपनी लुंगी और मैने अपनी साडी उतारी हम पुरे नंगे थे खाली एकदुसरे के गले मे हार थे। फिर उसने कहा “चल चुतिका अब तू मरे लंड पे बैठ जा”। मैने मेरी चुत उस्के लंड पे रखी उस्के उपर बैठी। हमारी चुदायी फिर से शूरु हुयी। वो मुझे किस कर रहा था, मेरे मम्मो को चुस काट रहा था और नीचेसे धक्के भी दे रहा था। मै भी उछल उछल के उसका साथ दे रही थी। काफी देर के बाद उसका पानी बुर मे घुसना शुरु हुआ। मै बोल रही था “आ कितना पानी है आप का जी, आपने तो मेरी चुत भर दि”। फिर हम अलग होके लेटे रहे। करीब एक देड घंटे के बाद फिर से चुदायी का मन किया। अब 5 बजने वाले थे। उसने कहा “थोडी और पिते है क्या?। मैने कहा “चलो जी पिते है। जैसी आप की इच्छा”। फिर उसने मेरा हाथ पकडा और मुझे बाथरूमे लेके गया। घर के सब लाईट बंद थे लेकीन उस्के रुम मे सेक्स करते उसने दिख ने के लिये बाथरम का लाईट लगाया था। अब हम बेड से बाथरूम आगये। बाथरूम मे आने के बाद बाहर तो अंधेरा ही था लेकीन उसने बाथरूम आने के बाद बाथरूम का लाईट और दरवाजा बंद किया उस्के करन अब पुरा अंधेरा हो गया। हम एक दुसरेको जरा भी देख नही पारहे थे। मै अब उलटी खडी थी उसने मेरी गांड पे हाथ घुमाया। फिर अपने लंड को सबून लगाया और मेरे गांड चुतड के होल पे रख के एक झटका दिया। धिरे धिरे दिये फिर एक और जोर का झटका दिया। उसका लंड आधे से जादा मेरी चुतड मे घुस गया मै चिलयी “आ आऊच”। फिर मै भी थोडी पिछे हटी उस्के गांड पे हाथ लेके थोडा आगे किया उसने और एक ठोका दिया अबतो उसका लंड आधेसे से भी जादा और जादा मेरी चुतड मे घुस गया। फिर हमने हिलना बंद किया। अब उसका लंड मेरी चुतड मे था। मुझे मजा आ रहा था। हम वैसे ही थे। मुझे उसका लंड मेरी चुतड अच्छा खासा मेहसुस लग रहा था। मै उसका लंड मेरी गांड मे लेके खडी थी और वो उसका लंड मेरी गांड मे डाल के खडा था। साथ ही मे हम लोग किस कर रहे थे एक दुसरे को और साथ ही मे वो भी मेरे मम्मो को पिछेसे दबा रहा था। हमे मजा आ रहा था काफि देर हम वैसे ही खडे थे।
थोडी देर मे उसने ठोके देना शूरु किया फिर से चुदायी शुरु हुयी। आज मै भी पेहली बार मेरी चुतड चुदवा रही थी काफी तकलीफ हो रही थी। लेकीन मजा भी आरहा था। थोडी ही देर मे उसने अपने लंड का पानी मेरे चुतड मे डाल दिया। मेरी गांड चुतड पुरी उस्के पानी और चीक के कारण भर गयी।
फिर हम बेड पे आगये और सो गये।

दुसरे दिन निंद खुली। रात की बियर और सेक्स का नशा अभि भी था। मैने शॉप पे फोन किया सब ठीक ठाक था। सुबह पती की निंद खुली आज मैने आया को छुट्टी दि थी। पती तो हमेशा उनके रूम मे ही होते। उनका खाना पिना हुआ दवायी दि। वो रूम मे ही सो रहे थे। सुबह फिर मैने भी नहा लिया। मैने पंजाबी ड्रेस पेहना था। लेकीन अंदर ब्रा और नीचे सलवार नही पेहनी थी। विरेश की निंद 12 बजे खुली। वो उठा मै किचन मे थी।
उसने ब्रश किया और चाय पी। फिर मैने कहा “तो बतावो कैसा था honeymoon?। उसने कहा “मस्त था”। वो उठा मुझे किस किया मेरा ड्रेस उपर किया और एक बार लंड निकालके मुझे चोदने लगा। हम दोनो खडे खडे ही एकदुसरे को चोद रहे थे।
उस्के बाद सब नॉर्मल हुआ। उसकी पाढाई अछि हो रही थी मार्क्स भी अछे मिल रहे थे तो कोई tension नही था। हम दोनो मे एक नॉर्मल लाईफ था जैसे एक पती पत्नी, girlfriend boyfriend मे होता है वैसे। एकदुसरे को मेसेज बाते सब होती थी। हम दोनो एकदम lovebird जैसे रेहते। हॉटेल जाते, मूवी देखते, शॉपिंग करते। हम जादा करके double mining मे ही बाते करते थे।
एक दिन दोपहर मेरा शॉप पे किसी ग्राहक के साथ झगडा हुआ उसे मुझे frustration आया।
मैने मेसेज किया “कहा हो?। उसका रिप्लाय आया “घर”। मै “ठीक है मै आती हू”। उसने कहा “क्या हुआ लगता है तू घुसे मे हो”। मै घर आयी
सीधा उस्के रूम मे गयी। उसकी पॅन्ट निकाली और उसका लंड चुसना शुरु किया। इतना जोर जोर से चुसा के उसे तकलीफ हो रही थी फिर भी वो कुछ नही बोला और उस्के लंड का चीक मै पुरा पी गयी।
एक उसका भी वैसे ही हुआ कुछ करण वो नाराज था। कॉलेज से सीधा घर आया मै बाहर के रूम मे बैठी थी। उसने मेरा हाथ पकडा और उस्के रूम मे बाथरूम मे लेके गया। वहा मेरी साडी उतारी। अपना लंड निकाला और मेरे गांड मे घुसा दिया। काफी देर वो लंड मेरी गांड मे घुसा के खडा था। फिर जोर जोर से चोदना शूरु किया। मुझे बहुत तकलीफ हुई फिर भी मै वो झेल रही थी। हम जब भी निराश होते थे तब सेक्स ही करते थे।

ऐसे मे हमारा एक साल गुजर गया। केहते है ना एक जब आप जी इच्छा पुरी होती है तो आप के शरीर मे भी बदलाव आता है। मेरा भी वही हुआ।
मेरे 36B साईज के मम्मे अब 38D के बडे हुवे थे। मेरी कमर 31 इंच और मेरी हिप गांड ये जादा बडी 45 इंच की बाहर आयी हुयी थी। मै और भी भर गयी। फिर एक साल के बाद हमारी पेहली एनिवर्सरी आ गयी। एनिवर्सरी की रात हम मे बहुत चुदायी हुयी जैसे पेहले हनिमून मे हुई थी वैसे। लेकीन बाकी वक्त हम हमेशा नंगे होके एकदुसरे की गले लगाके ही घंटो खडे रहते और ये सिलसिला हमेशा चलता रहा।

अम्मा ने दि सेक्स की बर्थडे गिफ्ट

मेरा नाम सीमा है । मै एक हाउसवाइफ हु. मेरे पती एक परालाईज के मरीज है । हमारा खुद का बीजनेस है । हमारा लेडीज कपड़ो का दुकान है । वो मै ही संभालती हू मैने सुबह और शाम एक आया रखी थी जो मेरे बिमार पती का खयाल रखे। इसलीये पैसो की कमी नही । मेरी उमर 44 है मुझे एक बेटा है उसकी उमर अब 23 साल है । अब तो मै मेरे बेटे के साथ ही सेक्स करती हू । हमारी सेक्स की शुरुवात हुई जब मेरा बेटा 18 साल का हुआ उस वक्त मेरी उमर 39 की थी। उस्के बर्थडे के दिन हमने पेहेला सेक्स किया ये कहानी आज मै आप को बताती हू.

चलो कहानी की ओर बढते है।
सुबह का वक्त था मै घर का काम कर रही थी और साथ ही मे मेरे दिमाग मे विचार आरहे थे ।

क्यो नही सीमा ये क्यो नही हो सकता..
हा वो तेरा बेटा है आज 18 साल का जवान हो रहा है । तुम भी इतने सालोसे सेक्स की प्यासी हो । पती के बिमारी के कारण तू सेक्स नही कर पा रही. तो इस बात मे हर्ज क्या है? तू अपने बेटेसे ही सेक्स की इछा पुरी कर । वैसे भी तू जान गयी है के काफी टाईम से तेरे बेटे का चाल चलन अजीब हो गया है । बिस्तर पे लगे हुवे और उसकी underwear मे लगे हुये डाग से तो तुझे पता ही है के वो अब हस्तमैथुन भी करने लगा है । अब वो छोटा नही जवान हो गया है ।
लेकीन क्या ये ठीक होगा मै तो उसकी अम्मा हू और वो मेरा बेटा । ये मेरे दुसरे विचार थे.

तो क्या हुआ? क्या तुझे मेहसुस नही हुआ के वो काफी टाईम से तुझे अम्मा की नजर से नही एक औरत की नजर से देख रहा है । तू जब घर मे उस्के सामने कोई काम या करती हो या उस्के सामने रेहती हो तब वो तिरची नझर से तुझे सेक्स की नजर से ही देखता है।
और तो और वो तेरी सहेलीयो को भी सेक्स की नझर से देख ता है।

सोच मत सीमा। सेक्स तो तुझे भी चाहीये और उसे भी। आज वो 18 साल का हुआ है आज तू उसे birthday गिफ्ट मे सेक्स ही दे। सोच मत सिमा तेरा भी लाईफ आसान होगा।

ऐसे दुसरे विचार आरहे थे।
अब थोडा मेरे बारेमे बताती हू।
मै 5 फिट 5 इंच उंची हू। मेरे स्तन बडे नही मध्यम छोटे 36B साईज के है जैसे के 26 साल के किसी लडकी के होते है वैसे। लेकीन किसीं भी मर्द के हात मे रेह सकते है वैसे। मेरी कमर 29 इंच और मेरी हिप गांड ये जादा बडी है 43 इंच की बाहर आयी हुयी। ऐसी मेरी साईज है।

मेरे बेटे विरेश की हाईट 5 फिट 10 इं और काफी तंदुरुस्त है। अब मैने सोच ही लिया जो होना है वो होने दो आज तो मेरे बेटे को birthday gift मे सेक्स ही देती हू। मैने मेरे पती को नाश्ता दिया और साथ मे उनकी दवायी बी दि।
उस दवायी मे एक निंद की गोली थी वो भी आधि दे दि अब वो चार पाच घंटे सोते ही रहेंगे।

सब दरवाजे खिडकी बंद करके मै अब विरेश के रूम मे गयी। वो बेड पे ही था. मैने रूम की कुंडी भी लगादी और कहा “happy birthday विरेश. आज तू 18 साल का हुआ” वो बेड पे था वही से मुझे thank you बोला।
मैने कहा “बेड पे ही लेटे लेटे बोले गा या खडे होके गले लगेगा। आजा मेरे गले लग जा” ये सुनके वो तुरंत ही बेड से कुद के मुझे गले लगाया. मै साडी पे थी और वो शॉर्ट पे था। उसने पकड थोडी कम की लेकीन मैने उसे कस के पकडा था । थोडी देर हम वैसे ही थे एक दुसरे को गले लगाके खडे थे । 5 मिनिट हुये हम वैसे ही थे । एकदम शांत एकदुसरे को गले लगाके खडे थे । अब 10 मिनीट हुये हम वैसे ही थे । मैने मेरी पकड इतनी टाईट की के मेरे मम्मे उस्के छाती को लग ने लगे । फिर मै पिछे हटी । मैने अपनी साडी उतार दि और फिर से उसे गले लगाया । अब मै टॉप पे ब्लॉउज और नीचे साया पेटीकोट पे थी । वो मुझे और मै उसे कस के गले लगे थे एकदम magnet की तरह। मैने उसे ऐसा कस के पकडा था के मेरे मम्मे उस्के छातीको और मैने नीचेसे भी उसे ऐसी चिपकी थी के उस्के खडे लंड को मै मेहसुस कर रही थी। हम फिर 10 मिनिट से जादा वैसे ही शांत खडे थे। फिर मैने उसे देखा और उस्के होटो को किस किया और फिर से उसे गले लगाया। थोडी देर मे
मैने मेरे ब्लॉउज के बटन खोले और ब्रा भी उतार के फेक दि, नीचेका साया और निकर भी उतार दि पुरी नंगी हो गयी। मैने कहा “तू अपनी शॉर्ट उतारे गा या मै उतारू?। उसने भी शॉर्ट उतारी उसने अंदर underwear नही पेहनी थी। अब वो भी नंगा और मै भी नंगी थी। मैने उसका लंड देखा एकदम मोटा था। लंड के उपर की कोमल चमडी भी निकली नही थी। मैने कहा “अरे वा मेरे प्यारे बेटे तू तो एकदम virgin है। जैसे औरत की चुत सील बंद होती है वैसे तेरा भी लंड सील बंद है, आज मै इसकी वर्गिनीटी ओपन करूनगी। हम फिर गले लगे चिपक गये काफी देर तर हम वैसे ही थे। फिर मैने उसे बेड पे बिठाया उसका मु मैने मेरे मम्मो पे रखा। उसका हाथ मैने मेरे चुत की ओर लिया अब उसने उसकी उंगली मेरे चुत मे डाल ना सुरू किया। हमे मजा आ रहा था। वो बीच बीच मेरे मम्मे दबा रहा था और बीच बीच मे मेरी चुत मे उंगली भी डाल रहा था। तब मैने कहा “क्या तू मेरे चुत के दाने को मेहसुस कर राहा है”। उसने कुछ नही कहा लेकीन मै समझ गयी के वो समझ गया है दाना क्या होता है। मु से मेरे मम्मो के चुचियो को चुस रहा था काट रहा था मै भी आवाजे जे निकाल रही थी “ओ आऊच” हम एकदम शांत थे खाली संभोग का मजा ले रहे थे। रूम मे खामोशी थी लेकीन वो खामोशी कामुक लग रही थी। अब मैने उसे खडा किया मैने मेरा हाथ उस्के लंड की ओर बढाया और उसका लंड हिलाना शूरु किया । मैने मेरे उस्के लंड के उपर की कोमल चमडी को पिछे किया तभि वो चिलाया और थोडा पिछे हटा । मै समज गयी आज ईसका पेहेला टाईम है । मैने ने कहा “डर मत बेटे पेहेले टाईम ऐसा ही होता है” फिर मै नीचे बैठी उस्के लंड को मु मे लेके चुसने लगी। सुरू मे वो थोडा काप रहा था फिर नार्मल हो गया। मैने मेरे मुसे उसका लंड चुदना शूरु किया। उस्के लंड की आगेकी कोमल चमडी मै मेहसुस कर रही थी अपने मु मे। मैने मेरा मु आगे पिछे करके उसका लंड चुसना जरी राखा। मैने मेरी जीभ उस्के लंड का अगले कोमल चमडी वाले पे रख के चुसना चाटना और घुमाना सुरू किया। उस्के लंड के उपर की चमडी एकदम कोमल थी मेरी जीभ उस्के उपर घुमने के कारण उसे गुदगुदी हो रही वो बीच मे पिछे हट रहा था।
अब मै उठ के खडी हो गयी और कहा “चलो बेटे बेड पे लेट जावो अब मै तुम्हे सेक्स का असली मजा देती हू” उसे बेड पे लेटाया और उसे कहा “बेटे आज तेरा पेहेला टाईम है, तू अपने कमर के नीचे तकिया रख। तेरी virginity उतार ने का मुझे मजा लेना है आज हम woman on top सेक्स करेंगे। उसने वैसे ही किया बेड पे लेटा और अपने कमर के नीचे तकीया रखी। अब वो नीचे था और मे उपर उस्के लंड के पास अपने पैर फैला के बैठ गयी। उसने नीचे देखा मेरे चुत के आजूबाजू घने बाल झाटे थे। मेरी झाटो को अपने हातोसे सेहलाया और स्माईल किया। मेरे चुत भी झाटो मे थी और उसका लंड भी झाटो मे था। उसने कहा “ये क्या अंम्मा आपके गुफे के बाहर इतना जंगल? मैने भी हस के उस्के झाटो को देख के कहा “हा और तेरा तो ये छोटा राजकुमार भी तो जंगल मे फसा है, चलो इस जंगल को साफ करे ताके मेरी गुफे की अंदर की रानी याने मेरा चुत का दाना और आप का ये राजकुमार का मिलन हो सके”
फिर हमने एक दुसरे के झाटे कापे एकदम क्लीन शेव की और उस्के राजकुमार के लिये गुफे मे जाने का रास्ता भी बन गया”
अब वो बेड पे सोया मै उस्के उपर अपने दो पैर फैलाके उस्के लंड पे बैठ गयी। मैने उसका लंड मेरी चुत के होल पे रखा और उपर नीचे हिलना सुरू किया उसने भी मुझे नीचेसे झटके देना चालू किया। मैने मेरी गांड उछलना उस्के लंड पे उपर नीचे करना जारी रखा वो करते वक्त मै अब उस्के उपर लेट गयी। वो भी नीचेसे अपनी कमर उपर नीचे करते वक्त मेरे मम्मो को चुसना चालू किया। उसका पेहेला टाईम था। उसें ठीक से जम नही रहा था फिर भी वो कोशीष कर रहा था। चोद ते वक्त मैने उसे कहा “बेटे आज से तु और मै माँ बेटा नही। आज से तू मेरा बॉयफ्रेंड और मै तेरी गर्लफ्रैंड। और आज से तू मेरा पती और मै तेरी पत्नी तू मुझे मेरे नाम से “सीमा” बोल सकता है। उसने कहा “ठीक है” वो ठक रहा था। उसका पेहला टाईम था। उसने कहा मै तुझे सीमा नही नया नाम रखूनगा। वो ठोके दे रहा था। मैने कहा “ठीक है” उस्के मुसे आवाज आयी “आ.. आ” उसने मुझे कस लिया मै समज गयी उसका पानी मेरे चुत मे घुस रहा है। मुझे इतना फरक नही पडा लेकीन ठीक है। फिर मै उठ गयी देखा तो उस्के लंड की कोमल चमडी पिछे आगयी थी और लंड का सुपारा अब दिख ने लगा था। अब उसका लंड पेहेले से बडा था मै जान गयी ये लंड जब खडा होगा तब 8 या 9 इंच तक जरूर होगा। तब मैने उसे कहा “देखा बेटा अब तेरा छोटा prince mature हो गया है, अब इस्के बाद ये खुद असली मजा लेगा”।अब हम अलग हो गये अब करीब 12 बजे थे दोपहर के। मेरे पती अभि भी सो रहे थे मुझे मालूम था वो अब जलदी नही जगेंगे। फिर मै नीचे थी और वो मेरे उपर लेटा। हम काफी टाईम वैसे थे। थोडी ही देर मे उसका फिर लंड उठा लेकीन मैने उसे चोदने नही दिया। मैने कहा “चल बाथरूम मे, हम साथ मे नहाते है”। हम बाथरूम मे गये मैने उसे गले लगाया उसने शॉवर चालू किया। हम काफी वक्त शॉवर के नीचे एकदुसरे को गले लगाके खडे थे। वो फिर मुझे चोदना चाहता था लेकीन मैने उसें चोदने नही दिया बलके मै नीचे बैठी और उसका लंड मु मे लेके चुसना चालू किया और उसका गाढा चीक पानी मै पी गयी। और फिर से मैने उसे गले लगाया। उस्के छाती को मेरे मम्मे और मेरे नीचे के हिसे को उसका लंड चिपक गया था इतना कस के हम एक दुसरे के गले लगे थे। उस दौरांन हमने बाते भी की। मैने कहा “जैसे एक पती और पत्नी जीते है, जैसे पती ऑफिस जाते है और मूड होगा तब सेक्स करते है, हम भी वैसे ही करेंगे। तू सेक्स के चक्कर मे अपनी पढाई नही भुलना इसलीये मै तुझे कंट्रोल भी सिखा रही हू”। हम वैसे ही चिपक गले लगे हुये शॉवर के नीचे खडे थे। उसने कहा “ठीक है”। मैने कहा “पापा के सामने तू कुछ हरकत नही करेंगा”। फिर उसने कहा “ठीक है क्या हम शादी करे?”। मैने कहा “हा क्यो नही। हम आज रात ही शादी करते है तू दोस्तो के साथ बर्थडे सेलिब्रेट करके रात जलदी आना हम बारा के पेहेले ही शादी करते है”। उसने कहा “ठीक है और तभि मै आपको नया नाम रखूनगा”। मैने कहा “हा ये ठीक है”। मुझे मालूम था रात को काफी सालो के बाद मेरी सुहागरात होने वाली है, क्योके उस्के लंड का सुपारा अब बाहर आया था, आज रात मुझे उसका बडा लंड मेरे चुत मे लेना था।आज रात मेरी हालत खराब होने वाली थी। हम थोडी देर वैसे ही खडे रहे गले लगके फिर अलग हो गये। मैने उसें हैप्पीबिर्थडे बोल के चुमा और मै घरेलू काम मे लग गयी और वो बाहर दोस्तो के साथ चला गया। मेरे पती जगे उनका खाना पिना किया शाम होगयी फिर मै हमारे लेडीज कपडो के शॉप पे चली गयी। जब मै शॉप पे जाती हू तब एक आया रखी थी जो पती का खयल रखे। शाम को बेटे का टॉकसप पे मेसेज आया
विरेश “अम्मा मे दोस्तो के साथ पार्टी करने वाला हू”
मै “ओ आच्छा अकेले करेगा, मै नही”
बेटे ने कहा “हा क्यो नही आप के साथ भी”
मै “तो मेरे लिये भी लेके आना, लेकीन सून अपने दोस्तो के सामने नही”
विरेश “ठीक है”

हमारा परिवार ओपन माइंडेड है।
जब परिवार मे कुछ होता है तो बियर तो होती ही है। हम लेडीज भी पिते है थोडी थोडी। अब एक होने वाला था के मेरे बेटे के दिल मे कोई माँ बेटे झिजक ना होगी। वो भी फ्री होके बाते और सेक्स करेगा।
रात को 9 बजे मै घर आगयी। शॉप से एक साडी और ब्लॉउज पीस लाया।
पती का खाना पिना किया उनको दावायी दि साथ मे उनकी निंद सोनेकी दावायी जो वो हमेशा रात को लेते है वो भी दि। वो अब सो चुके थे। 10 बज कर 15 मिनिट मे विरेश आया पार्टी जादा हुयी थी उसें देख के मै समज गयी लेकीन होश मे था। साथ मे बियर लायी थी। फिर मैने कहा अपने रूम मे जाके फ्रेश हो जाओ मै आती हू एक रेड कलर की लुंगी है वो पेहनो। वो रूम मे गया मैने पेहेले ही बेड सजाके रखा था। मै सजी ढजी और उस्के रूम मे गयी। वो मुझे देख के पागल हुआ। मैने खाली साडी लपेटी थी और ब्लॉउज पीस उपर बांधा था जैसे किसी कपडो के दुकान पे
mannequins पुतले को पेहनाते है वैसे।
साथ मे एक 2 हार भी थे। फिर हमने और बियर पी। अब बियर उसे भी और मुझे भी चढि थी बियर का नशा असर कर रहा था। फिर हमने एक दुसरे के गले मे हार पेहनाया। मैने कहा “चलो जी अब मुझे नाम दो जो आप को पसंद है”। फिर उसने कुछ चिठीया निकाली और कहा “कोयी भी एक चिठी उठाओ। मैने एक चिठी ली ओपन की उसमे c लेटर था। फिर उसने बाजू मे रखी हुयी चार पाच चिठिया निकाली और कहा “अब उसमेसे उथावो। मैने ली और ओपन की। उसने कहा “ये आज से तेरा नाम है”। चिठी मे था “चुतिका”। उसने कहा “कैसा लगा?। मैने कहा “हा जी ये तो बडा मस्त नाम है”। फिर हम उठ गये एकदूसको गले लगाया और एक दुसरे को किस किया उसने कहा ” i love you चुतिका” मैने भी उसे “इ love you too” कहा। हम फिर से वैसे ही गले लगाके खडे थे। मैने कहा “चलो जी अब शूरु हो जाओ”। उसने मेरे साडी का पल्लू निकाला मेरे मम्मो की तरफ देखा काफी देर तर देख रहा था उसने कहा “चुतिका तू एकदम मस्त है, काश तू मेरी असली wife होती, मै तुझे बहुत प्यार करता, तुझे खूब चोदता”। मैने कहा “हा तो अब हम शादी शुदा है, हम अब बाकायदा चुदायी कर सकते है”। उसने मेरे मम्मो को हलकेसे दबाना शूरु किया और चुचियो को मसल ना शूरु किया बीच बीच मे मम्मो को जोर जोर से दबाना भी शूरु था। उसने कहा “चुतिका तुम इस उमर मे इतनी सुंदर हो, फुल शेप मे तो तू जवानी मे कैसे होगी? काफी लोग तेरे पे फिदा होंगे”। मैने कहा “ना जी मै जवानी मे भी ऐसी ही थी बस खाली पिछेसे थोडी बाहर आ गयी हू”। उसने कहा “हा वो तो दिख ही रहा है, मै तो मेरे छोटे राजकुमार को तेरे महल मे पिछेसे भी घुसाना चाहता हू”। मैने कहा “हा जी इस महल पे अब आप का ही अधिकार है, लेकीन पेहेले आप को मेरी रानी चुत के दाने को गुफे से आझाद करना होगा वो काफी टाईम से अंदर एकेली फसी है।” उसने कहा “चुतिका वो काम ये लंडकुमार पेहेले करेंगा तेरी इस बेरी रानी को आज ये साथ ले जायेगा”। मैने कहा “च्छा जी लंडकुमार और बेरीरानी, वाह आप तो आगे ही पहूच गये”। अब मुझे भी अच्छा लग रहा था और मजा आ रहा था अब हम डबल मीनिंग मे ही बोलने लगे। बियर के नशे ने हम दोनो को काफी फ्री कर दिया था। उसने कहा “चुतिका तेरे इस महल के ये फल तो काफी नाजूक है”। मैने कहा “हा जी वो नाजूक है, इसलीये उनको प्यार से लेना नाके जबरदस्ती से”। महल याने मेरा शरीर, चुत याने गुफा, मम्मो को फल ऐसे नाम रखे थे ऐसे हम बोलते थे। फिर काफी वक्त उसने मरे मम्मो को चुसा। अब हम बेड पे आगये मै लेट गयी और अपने नीचे तकीया रखा। उसने अपनी लुंगी उपर लेके लंड बाहर निकाला, मेरी भी साडी उपर की, उसका लंडकुमार 8 इंच तक था। अब मैने कहा “हाजी मेरे दोनो पैर अब अपने खंदे पे लो”। उसने मेरे दोनो पैर उठाये और अपने खंदे पे ले। मैने कहा “अपने लंडकुमार गुफे के दरवाजे पे रखो, लो मै ही रख ती हू”। मैने उस्के लंड को पकडा और चुत पे रख दिया। उसने दो ठोके हलके दिये और तिसरा एकदम जोरदार दिया। इस्के कारण उसका लंड तिसरे ही ठोके मे आधे से जादा मेरी चुत मे घुस गया और मै चिलाई “आ आऊच, थोडा धिरे जी, आ उयी माँ आऊच”। उसने ठोके और दिये स्पीड बढ रहा था। उसने कहा “चुतिका तेरी बेरीरानी को आज मै पाके ही रहूंगा, तेरी गुफे का दरवाजा पुरा फाड डालुंगा, चाहे कुछ भी हो जाये”। उसने और स्पीड मे पेल ना शुरू किया। मैने भी नीचेसे गांड उठा उठा के कमर हिला हिला के उसका साथ देना शूरु कीया। मेरी चुत और उस्के लंड से अब पचाक पचाक आवाज आने लगी, उसका शरीर हिलने के करण और मै भी हिलने के कारण धप धप आवाज भी आने लगी, उसका बदन और मेरा बदन एकदुसरे को घीस रहा था इस लिये धप धप आवाज आने लगी। हमारी चुदायी और भी तेज होनी लगी। इतनी तेज की हमारा बेड भी अब हिलने लगा था इतनी जोरोसे ठुकायी हो रही थी। चुदायी के वक्त हम बाते भी कर रहे थे और जोश मे थे, बियर का असर था सब। मै बोल रही थी “आवो जी और घुसावो अपने लंडकुमार को, और और जोर से please, और जोर से, करदो मिलन लंडकुमार और मेरी बेरीराणी का”। वो भी बोल राहा था “हा चुतिका आज तो दोनो का मिलन होते ही रहेगा”। चोदते वक्त उसने अपने हाथ नीचे से डाले। मेरे पैर उस्के खंदे पे थे। उसने नीचेसे हाथ डाल के मेरे मम्मो को जोर जोर से दबाना शुरु किया। मै गोरी हू बहुत ही गोरी हू। उस्के जोर जोर सर मम्मो को दबाने के करण वो अब लाल हो रहे थे। उस्के उगलियो के निशान भी आयेन गे ये मुझे मालूम था और उस्के जोरो के ठोको के करण मेरी चुत का और गांड का हिस्सा भी लाल लाल होगा ये मुझे मालूम था। हमे मजा आ रहा था। फिर उसने एक कोर का ठोका दिया और मुझे जखेड लिया मैने भी उसे जखेड लिया। उसका लंडकुमार और मेरी बेरीरानी का मिलन हो गया था। उस्के लंड ने और मेरी चुत ने भरपूर पानी फेखा। हम वैसे ही काफी टाईम तक पदे रहे।

फिर अलग हो गये। वो अभि भी लुंगी पे और मै साडी पे थी खाली उपर ब्लाउज नही था। फिर हमने थोडी बाते की। एकदम अश्लील नॉनवेज टाईप। अब 12 बजे थे। थोडी देर वैसे ही लेटे। एखाद घंटा फिर मैने कहा “बोलो जी कैसे लगी ठुकायी”। उसने कहा “चुतिका तुम तो एकदम कायामत हो। मैने कहा “आच्छा जी और करोगे? ठके तो नही”। उसने कहा “चुतिका तुम्हारी जैसी बीबी और girlfriend हो तो थकना किस बात का?। मैने कहा “तो एक एक हो जाये?”। उसने कहा “हा क्यो नही”। मैने कहा “ड्रिंक का असर अच्छा था, थोडी और हो जाये?”। उसने कहा “क्यो नही” फिर हमने और बियर पी।
बियर पिते वक्त हमने बाते भी की “उसने कहा चुतिका आज मेरा birthday और हमने शादी भी की अब हब हर साल हम anniversary भी celebrate करेंगे। “मैने कहा हा जी। जरूर क्यो नही?” फिर थोडी देर के बाद हम खडे हो गये। एकदुसरे को गले लगाया। मैने कहा “क्यो जी आप नही मेरी बेरीरानी को चाटोगे?” मैने भी तो आप के लंडकुमार को चाटा”। उसने मुजगे बेड पे आधा ही लेटाया और नीचे बैठ के मेरी चुत चाटने लगा। काफी वक्त वो चाट ही रहा था। मुझे मजा आ रहा था। फिर रहा नही गया मैने कहा “चलो जी अब रहा नही जाता चोदो मुझे”। फिर उसने कहा”आज तुझे अलग तरिकेसे चोदता हू”। उसने मुझे उलटा होने कहा। मेरा आधा बदल बेड पे था वो जमीन पे खडा था उसने मेरे पैर हवामे लिये और अपने दोनो हातोसे पकडे। अब मै उलटी आधी बेड पे और आधी बेड के बाहर थी। उसने अपना लंड मेरे चुत पे रखा और फिर ठुकायी शुरु की। जोर जोर से ठुकायी होने लगी मै तो पुरी हिल रही थी। पलंग भी जोर जोर से हिल रहा था। मेरे मुसे भी आवाजे आरही थी “आ आ आ या come on और और चोदो मुझे, आ आ या please और मजा आ रहा है और चोदो और जोरदार चोदो please। ठुकायी का स्पीड बढ रहा था। आखीर मे एक जोर का झटका और फिर उसका पानी मेरे चुत मे घुस गया। उस्के लंड मे बहुत पानी चीक था वो रूक ही नही रहा था। मेरी चुत पुरी पानी पानी हो गयी। हम फिर से शांत हो गये। बेड पे लेटे रहे अब करिब 2 बज कर 30 मिनिट होंगे। उसने कहा “चुतिका dear कल का शॉप का क्या?”। जाओ गी के नही”?। मैने कहा “हा जी क्यो नही, वैसे तो शॉप मे तो बाकी लडकीया आयेगी, एक के पास extra चाबी है और मै बीच मे एखाद राऊंड करूनगी। आज मुझे खाली चोदने का मजा लेना है। काफी सालो के बाद मै आप से चुदवा रही हू”। मैने कहा “चलो फिर और थोडी पिते है”। हमने फिर से बियर पिना शूरु किया। अब 3 बज का 15 मिनिट होंगे। हम फिर से खडे हो गये एक दुसरे को गले लगाया। उसने अपनी लुंगी और मैने अपनी साडी उतारी हम पुरे नंगे थे खाली एकदुसरे के गले मे हार थे। फिर उसने कहा “चल चुतिका अब तू मरे लंड पे बैठ जा”। मैने मेरी चुत उस्के लंड पे रखी उस्के उपर बैठी। हमारी चुदायी फिर से शूरु हुयी। वो मुझे किस कर रहा था, मेरे मम्मो को चुस काट रहा था और नीचेसे धक्के भी दे रहा था। मै भी उछल उछल के उसका साथ दे रही थी। काफी देर के बाद उसका पानी बुर मे घुसना शुरु हुआ। मै बोल रही था “आ कितना पानी है आप का जी, आपने तो मेरी चुत भर दि”। फिर हम अलग होके लेटे रहे। करीब एक देड घंटे के बाद फिर से च

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