आँचल दीदी की शादी

मेरा नाम रोनित है, और मेरी उम्र २३ साल है. अभी हमारे घर पर आँचल दीदी की शादी तैयारी चल रही है. आँचल दीदी की उम्र ३० साल है. दीदी बहुत ही सुन्दर और गोरी है. दीदी की हाइट ५”८’ है. लम्बी हाइट और चौड़ा भरा हुआ बदन दीदी को बहुत ही सेक्सी बना देती है. दीदी शादी को लेकर काफी एक्ससिटेड थी. वो शादी की शॉपिंग मेरे साथ कर रही थी. हमदोनो डेली शॉपिंग करने जाते कभी जेवेल्लरी कभी कपडे. दीदी जो भी चीज खरीदती वो घर आकर ट्राई करती और मेरी ओपिनियन लेती थी. दीदी ने मुझे अपना शादी की साड़ी और ज्वेलरी भी ट्राई करके दिखाई.
एकबार मैं और दीदी मॉल गए शॉपिंग करने. मैंने पूछा दीदी आज क्या शॉपिंग करना है. भाई आज हनीमून की शॉपिंग करना है. फिर हमदोनो शॉप्स के चक्कर लगाने लगे. दीदी ने बहुत सारे कपडे लिए टी शर्ट्स, शॉट्स, टॉप और कुछ अंडरगारमेंट्स भी. दीदी घर आकर मुझे अपने कपडे पहन कर दिखने लगी. टीशर्ट और शॉट्स काफी टाइट थे, जिससे दीदी का फिगर बहुत मस्त लग रहा था. दीदी ने सब कपडे ट्राई करके दिखाए, फिर वो सामान पैक करके अपने रूम जाने लगी. तभी मैंने दीदी से पूछा

मैं: दीदी कुछ बाकि है ट्राई करना
दीदी: अरे सारे कपडे तो ट्राई कर लिया
मैं: क्या दीदी सब चीज तो आपने ट्राई कर पर मैन चीज तो ट्राई ही नहीं की
दीदी: क्या रोनित

मैंने दीदी के हाथो से बैग लिया और उसमे से दीदी की ब्रा और पैंटी निकली. मैं इसकी बात कर रहा था दीदी.
दीदी: हट बदमाश ये मैं तेरे सामने थोड़े ना ट्राई कर सकती हूँ, ये मैं आपने रूम में ट्राई करूंगी
मैं: क्या दीदी जब सब चीजे आपने ट्राई करके मुझे दिखाई है तो ये भी मेरे सामने ट्राई कर लो ना
दीदी: पर भाई मैं ये कैसे ट्राई कर सकती हो तेरे सामने
मैं: क्या दीदी मैं आपका अच्छा दोस्त भी तो हूँ.. कुछ नहीं होता एक बार ट्राई करलो

बहुत बोलने पर दीदी मान गयी और ब्रा पैंटी चेंज करने चली गयी. मेरा मिशन कामयाब हो गया. मैं दीदी के सेक्सी बदन को देखने वाला था इससे ही मेरा लंड अकड़ने लगा. थोड़ी देर बार दीदी आपने बदन को ढकते हुए मेरे सामने आयी. मैंने बोला दीदी ऐसे ढकोगी तो मैं कैसे देख पाऊँगा. फिर दीदी ने अपना दोनों हाथ हटा दिया. दीदी के गोरे बदन पर रेड कलर की टाइट ब्रा और पैंटी कयामत ढा रही थी. ३८ की बड़ी बड़ी चूचियां ब्रा से पूरी नंगी दिख रही थी. इतने बड़े बड़े बॉल्स मैंने आज तक नहीं देखे थे. पतली गोरी कमर और निचे फैली हुई गदरायी गांड. कोई भी लड़का दीदी की ४० के साइज की गांड को देखकर बिना मूठ मारे नहीं रह सकता. पैंटी आगे से सिर्फ दीदी के चूत के फांको को ही छुपा पा रही थी. और पीछे भारी चुत्तड़ो के बिच में फंसी हुई थी.

दीदी: भाई ऐसा क्या घूर रहा है जल्दी देख और बता
मैं:उफ्फ्फ्फ़ दीदी आप तो कातिलाना लग रही हो

मैं दीदी के पास चला गया और सामने से दीदी के चुत्तड़ो और चूचियों के दर्शन करने लगा
मैं: कसम से दीदी जीजाजी की तो ऐस है
दीदी: हट बदमाश .. ज्यादा ही तारीफ कर रहा है… ऐसा भी कुछ नहीं है
मैं: सच में दीदी.. आप बहुत ही सेक्सी हो… जीजाजी तो आपको छोड़ेंगे नहीं… रगड़ रगड़ कर चोदेंगे आपको …
दीदी: तुझे शर्म नहीं आती ऐसे बात अपनी बहन से करते हुए
मैं: सॉरी दीदी मुंह से निकल गया … दीदी क्या मैं आपको हग कर सकता हूँ
दीदी: सिर्फ हग करना कुछ और मत करना
मैं: ठीक है दीदी
मैंने दीदी को हग कर लिया.. उनकी बड़ी बड़ी चूचियां मेरे सीने से दबने लगी. मैं उसकी बदन को धीरे धीरे सहला रहा था… फिर मेरा हाथ दीदी की बड़ी सी गांड पर चला गया और मैं उनके चुत्तड़ो को दबाने लगा… अह्ह्ह्हह भाई ये क्या कर रहा है…कुछ नहीं दीदी.. बस ऐसे ही..मैंने दीदी को पलट दिया और पीछे से पकड़ लिया. मेरा खड़ा लंड दीदी के चुत्तड़ो में फंस और मैं दीदी को पीछे से किश करने लगा.. आआह्ह्ह्हह छोड़ दे… मेरा हाथ अब दीदी की चूचियों पर था और मैं चूचियों को दबाने लगा. आआह्ह्ह्हह उउउउउउ भाई यह क्या कर रहा है…. छोड़ मुझे… तूने प्रॉमिस किया था कुछ नहीं करेगा… दीदी तुम इतनी सेक्सी हो की ये सब अपने आप हो रहा है… आह्ह्ह्ह भाई…. ये गलत है… फिर मैंने एक हाथ दीदी की चुत पर ले गया… और पैंटी के ऊपर से सहलाने लगा… उईईईईई माँ भाई निचे मत कर… मार जाएगी तेरी बहन.. मैंने अपनी एक उंगली दीदी की चुत में डाल दी और अंदर बाहर करने लगा… आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह भाई ये क्या किया तूने… पुरे बदन में आग लगा दी है… उफ्फ्फ्फ़ दीदी तेरा गदराया जिस्म देख कर कण्ट्रोल नहीं हो रहा है… मेरा मन डोल रहा है… हाय भाई.. मन डोल रहा है… मतलब क्या करना चाहता है…
मैं: दीदी इतनी सुन्दर बूर है आपकी… इसको मैं अपने लंड से फाड़ना चाहता हूँ
दीदी: आआह्ह्ह्ह भाई तू अपनी बहन को चोदना चाहता है….तुझे शर्म नहीं आ रही है…
मैं: दीदी अब सब कुछ तो कर लिया है मेरा लंड भी डाल देता हूँ..

मैंने दीदी की फिंगरिंग नहीं छोड़ी.. और चुत में उंगली करता रहा… भाई अब तूने मेरी आग भड़का दी.. अब मैं भी नहीं रुक सकती… आ ले ले अपनी दीदी के जवान बदन का मजा …बस फिर क्या था… मैंने दीदी की ब्रा उतार दी… उनके दोनों माम्मे हवा में बाउंस होने लगे.. जिसे मैं बारी बारी से दबा और चूस रहा था… उफ्फ्फ्फ़ दीदी मस्त बड़े बड़े बॉल्स है आपके…. आअह्ह्ह्ह भाई और दबा इन्हे.. चूस ले पूरा इसे… मैं निप्पल को जोर जोर से चूस रहा था.. और दीदी की बड़ी बड़ी चूचियों को खूब दबा रहा था… आआह्ह्ह्ह भाई…
फिर मैंने दीदी की चड्डी उतार दी.. देखा मेरी फिंगरिंग के वजह से उनकी चुत काफी गीली हो गयी थी. मैंने बूर के फांको को फैलाया और अपना लंड धीरे से दीदी की बूर में सरका दिया… लंड दीदी की टाइट बूर को फाड़ता हुआ अंदर चला गया… अभी सिर्फ लंड का सुपाड़ा ही बूर में गया था.. और दीदी की आँखों में आंसू आ गए… उईईईईई माँ भाई तूने फाड़ दिया रे….
मैं: दीदी अभी तो सिर्फ सील टूटी है… अभी तो आपकी बूर फाड़नी बाकि है..
मैं लंड बाहर निकला और एक जोरदार शॉट मारा… अब मेरा पूरा ८” का लंड दीदी की बूर में था….. दीदी पूरी तरह काँप रही थी और दर्द से कराह रही थी… मैं ५ मिनट ऐसे ही रहा … फिर धीरे धीरे दीदी को चोदने लगा… दीदी भी थोड़ी देर बाद मजा लेने लगी….दीदी की बूर बहुत टाइट थी.. इसलिए चोदने में बहुत मजा आ रहा था…

दीदी: आअह्हह्ह्ह्ह भाई… ऐसे ही ठोक अपनी बहन को
मैं: ओह्ह्ह्ह मेरी रानी … कब से मेरे लंड तेरी चुत में जाने को मचल रहा था…..
दीदी: उईईईईई भाई… तो निकल ले अपनी ठरक … और चोद अपनी दीदी को

मेरा लंड घापा घप दीदी की बूर में जा रहा था… मैं अपना लंड पूरा बाहर निकालता और फिर जड़ तक पेल देता… दीदी भी गांड उछाल कर चुदवा रही थी और बहुत लाउड मॉनिंग कर रही थी….. ओह्ह्ह्हह्हह उईईईईई ईईई फ़क मी डार्लिंग…..फ़क योर सिस्टर बेबी……
मैं दीदी की चूचियों को दबा दबा कर चूस रहा था और दीदी को चोद रहा था…अह्हह्ह्ह्ह भाई.. और तेज भाई…
मैंने बहुत तेजी से दीदी की चुत मार रहा था… आआह्ह्ह्हह भइईईई मजा आ गया… तू तो आज बहनचोद बन गया… उफ्फ्फ्फ्फ़ दीदी काश ऐसा बदन डेली भोगने को मिलता …
दीदी: तू चिंता मत कर भाई.. अब तो तू कभी भी चोद सकता है मुझे…
मैं: थैंक्स दीदी…
लम्बी चुदाई के बाद हमदोनो फिनिश हो गए.

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