घर की नौकरानी अनिता

मै राहुल आपलोगो को एक सही दास्तान बताने जा रहा हु, बात तकरिबन 6 माह पहले की है ! मेरे घर काम करने के लिये एक शादी शुदा औरत आती थी, अनिता देखने मे सांवले रंग़ की तो उसका बदन गठीला था, सिने पर के स्तन मध्यम आकार के थे तो चुत्तर भरा पुरा, बिल्कुल ही गोल गुम्बदाकार उसका नितम्ब और हंसमुख चेहरा ! वो अक्सर साड़ी ब्लाउज मे ही घर आया करती थी तो एक सुबह मै बेड़ पर ही था की मुझे किसी के कमरे के अंदर आने की आहट हुई, बिस्तर पर से देखा तो अनिता फ़र्श पर झाड़ु मार रही थी, बेड़ पर से ही अनिता की चुची का दर्शन हुआ, वो ड़ीप गले की ब्लाउज पहन रखी थी तो उसके स्तन का दिदार हुआ ! वो फ़र्श पर बैठकर झाड़ु देने के क्रम मे अपने सिने पर के साड़ी को नही सम्भाल पाती थी और झुकने के क्रम मे उसकी चुची ब्लाउज से बाहर आ रही थी और मै अनिता के स्तन को निहार रहा था ! वो भरसक मेरे नज़र से वाकिफ़ नही थी !

मै बेड़ पर से उठा और फ़्रेश होने के बाद बालकोनी मे बैठ गया, मम्मी चाय लाकर मुझे थमाई और बोली….. “मै जरा सब्जी लेकर आती हु तुम अनिता पर ध्यान रखना

(राहुल) ठीक है. ” जब मम्मी घर से सब्जी लेने निकल गयी तो मै किचन की ओर गया और देखा की अनिता बर्तन साफ़ कर रही है, मै जानबुझकर उसके नितम्ब से अपने जङ्हा को सटा दिया तो अनिता घबड़ा गयी लेकिन मै ‘ओह सो सौरी. ‘ ये कहकर निकल गया लेकिन अनिता की मुस्कुराह्ट देख मुझे लग गया की ये चालु किस्म की औरत है ! मै जाकर ड़ायनिंग़ हाल मे बैठा और अखबार पढ्ने लगा, 10 मिनट के बाद अनिता मेरे पास आई…… “साहब सब काम हो गया जाती हु

(उसको घुरता हुआ बोला) ठीक है जाओ. ” उसके कदम दरवाजे की ओर थे लेकिन वो चप्पल पहनती हुई मुझे देखने लगी तो मै उसे नज़र अंदाज़ करने लगा और पल भर बाद अनिता मेरे सामने आकर खड़ी हो गयी तो मै बोला…… “अनिता क्या हुआ गयी नही

(अनिता) राहुल साह्ब मुझे लगता है की आप रुकने को बोल रहे है. ” मै सोफ़ा पर से उठा और अनिता को कसकर अपने बाहो मे ले लिया, वो भरसक छुट्ने का प्रयास कर रही थी लेकिन मै उसको अपने बदन से चिपकाकर ओंठ और गाल चुमने लगा ! अनिता 24-25 साल की मस्त माल थी और उसके ओंठ को मुह्न मे लेकर चुसता हुआ उसके चुत्तर को सहला रहा था तो वो अब पुरी तरह से मेरे गिरफ़्त मे थी ! अनिता मेरे सिने से अपने बुब्स को रगड़्ते हुए मेरे मुह्न मे अपना जिभ घुसा दी और मै जिभ चुसता हुआ उसके मांसल चुत्तर को सहला रहा था! पल भर बाद अनिता अपने जिभ को मेरे मुह्न से निकाल ली !

अनिता मेरे साथ सोफ़ा पर बैठी हुई थी तो मै उसको अपने गोद मे बिठाकर उसके साड़ी के पीन को ब्लाउज से खोला और साड़ी को सिने पर से निचे करके उसके स्तन को ब्लाउज पर से मसलने लगा, वो शर्मा रही थी तो मै बोला…… “शादी के कितने साल हुए अनिता?

(अनिता) लग्भग 3 साल हो गये साहब

(राहुल) साहब नही राहुल बोलो समझी और एक बात

(अनिता) क्या राहुल

(राहुल) पति से मन भरता है बिस्तर पर

(अनिता) वो दारु पिकर रात को आता है और फ़िर. ” मै अनिता के ब्लाउज की ड़ोरी को खोलकर उसके स्तन जोकि नारंग़ी रंग़ के ब्रा मे थे को मसलने लगा और वो मेरे करीब खिसककर मेरे बरमुड़ा पर हाथ लगा दी, पल भर बाद उसके ब्रा को खोलकर नग्न चुचि को मसलने लगा ! अनिता की चुचि की गोलाई को मसलता हुआ उसको सोफ़ा पर लिटा दिया, वो मेरे बरमुड़ा को खोल चुकी थी, मै अब उसके जिस्म पर औंध कर उसके एक स्तन को मुह्न मे लेकर चुसने लगा तो अनिता मेरे बदन पर हाथ फ़ेरते हुए सिसक रही थी ! पल भर मे दुसरी चुचि को मुह्न मे भरकर चुभलाने लगा तो वो “आश्हह्हह्ह ऊम्मम्म इतनी खुजली मेरी…… “सिसकने लगी ! मै अनिता की दोनो चुचि को चुस-2 कर लाल कर दिया और फ़िर अनिता के साड़ी को कमर से खोलने लगा, अब अनिता को बोला…… “जरा मेरा लंड़ चुस ना

(अनिता) लेकिन राहुल इसको मुह्न मे तो नही लिया जाता है. ” मै उसको समझाया तो वो मेरे पैर के पास बैठ्कर लंड़ को पकड़ी और उसको चुमने लगी, मुझसे नज़र मिलाते हुए वो सुपाड़ा को मुह्न मे ले ली और चुसने लगी तो मै उसके बाल को कसकर पकड़ लिया फ़िर अपना 2/3 लंड़ अनिता की मुह्न मे पेल दिया, अब अनिता अपने मुह्न का झट्का मेरे लंड़ पर देने लगी और मुझे काफ़ि मजा आ रहा था, अपना हाथ उसके स्तन पर लगाकर दबाने लगा तो वो 3-4 मिनट तक मुखमैथुन की !

मै अब अनिता को चोदना चाहता था, उसको ड़ायनिंग़ टेब्ल के सहारे खड़ा कर दिया और उसके साड़ी साया को कमर तक करके बोला……. “अनिता अपने दोनो पैर को फ़ैलाओ फ़िर देखो मेरे लंड़ का कमाल

(वो दोनो पैर को फ़ैलाकर) आप मुझे चोदोगे

(राहुल बुर के मुहाने पर सुपाड़ा लगाकर) नही तो क्या बुर की आरती उत्तारुंग़ा. ” ये कहते हुए मै अनिता की बुर के अंदर
अपना लंड़ पेल दिया, 1/2 लंड़ बुर के भितर था और मै उसके कमर को पकड़कर जोर का झट्का बुर मे दे दिया, मेरा लंड़ पुरी तरह से अनिता की बुर मे था लेकिन वो जोर से चिल्लाने लगी…… “ऊऊउईईइ मा मेरी बुर फ़ट गयी रे जरा धीरे चोदो ना. ” मै अनिता की बुर को चोदता हुआ मस्त था तो पल भर बाद वो अपने गांड़ को हिलाने लगी, मेरा लंड़ तेज गति से अनिता की चुत चोद रहा था ! अनिता की बुर पर छोटे-2 बार थे तो बुर टाईट लग रही थी फ़िर भी मै पुरी गति के साथ उसको चोद रहा था, उसके सिने से झुलते स्तन को दबाता हुआ चुदाई कर रहा था तो वो चिंख पड़ी…… “ऊह्हह्ह राहुल तेज चोदो ना मेरी बुर से पानी फ़ेंकने वाला है. ” पल भर बाद उसकी चुत गिलि थी तो मै बुर चुदाई करता हि रहा और फ़िर 10 मिनट की चुदाई के बाद अनिता की चुत मे विर्य स्खलित करके शांत हो गया !

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Linga11

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