चचेरी बहन रेखा

इनदिनो मेरी चचेरी बहन रेखा कानपुर के एक कोचिंग़ मे अध्यनरत है, वो एक गर्लस होस्टल मे रह्ती है और हमदोनो का मिलना जुलना लगा ही रह्ता है ! रेखा की उम्र 18-19 साल की है और उसके सुंदर मुख़ड़े पर कई लड़्के दिवाने है, गोरा रंग़, 5 फ़ीट 5 इंच की लम्बाई, सुड़ोल बदन, छाती पर लगे दो संतरे समान चुचि, मांसल उभार वाली चुत्तर और अंदर के हिस्से का क्या कहना ! रेखा की चिकनी चुत, उसके दोनो फ़ुले हुए फ़ांक मेरे लंड़ को टाईट कर देते थे, उसकी बुर का सील मैने ही भंग़ किया था ! एक सुबह मेरे मोबाईल पर रेखा का काल आया……. “हेलो राहुल कैसे हो ?

(राहुल) ठीक हु और तुम आज कल काफ़ी ब्यस्त हो

(रेखा) नही राहुल तुम तो दो हफ़्ते से मेरे पास मिलने भी नही आए हो

(राहुल) बुआ के घर गया था, अभी फ़्री हो क्या

(रेखा) बिल्कुल आओ फ़िर चलते है घुमने फ़िरने. ”

मै कालेज के लिये तैयार हुआ और सिधे गर्लस हास्टल पहुंच गया, रेखा मेरा इंतज़ार कर रही थी और उसको मिनी स्कर्ट….. टोप्स मे देख मन तड़प उठा, उसके स्कर्ट आधे जङ्हा तक को ढके हुए थे तो वो मेरे से चिपककर बाईक पर बैठ गयी ! मेरे कमर पर हाथ लगाए वो अपने एक स्तन को मेरे पिठ से रगड़ रही थी, मै बाईक को देल्ही -कानपुर हाईवे पर चला रहा था, 11:00 बजे के आसपास हमदोनो उसी नदी के किनारे थे जहा अक्सर हमदोनो मजा किया करते थे ! बाईक से उतरकर हमदोनो घास पर बैठे और मै रेखा को अपने गोद मे बिठा लिया, वो अपने दोनो पैर को मेरे कमर से लपेटे मुझे जकड़ रखी थी तो मै उसके पिठ को अपने बाहो के घेरे मे ले रखा था ! रेखा मेरे चेहरे पर चुम्बन देने लगी तो मै उसके नग्न जङ्हा को सहला रहा था, उसकी स्कर्ट काफ़ी उपर कि ओर हो चुकी थी, तभी रेखा अपना जिभ मेरे मुह्न मे ड़ाल दी तो मै उसकी जिभ चुसता हुआ उसके स्कर्ट को कमर तक कर दिया ! उसके नग्न गांड़ को सहला रहा था तो रेखा मेरे छाति से अपने दोनो स्तन को रगड़ रही थी, पल भर बाद अपने जिभ को मेरे मुह्न से निकाली, अब मै रेखा के पेंटी के हूक को खोल दिया तो रेखा उसको निकाल कर अपने पर्स मे रख ली !

रेखा अब मेरे सामने खड़ी हो गयी और उसके स्कर्ट को कमर तक करके मै उसके दोनो पैर को दो दिशा मे कर दिया, उसकी चमकती चुत पर चुम्बन देता हुआ उसके चुत्तर को सहला रहा था ! उसकी बुर पर हल्के रोये उग आए थे और मै अब अपना जिभ उसके बुर की दरार मे रगड़ने लगा तो रेखा उङ्ली की मदद से बुर को फ़लका दी, अब मेरा जिभ बुर को कुरेद रहा था तो रेखा सिसकने लगी…… “ऊह्हह आह्हह्हह ऊम्मम्म राहुल मेरी बुर मे कितनी खुजली हो रही है. “लेकिन मै तो कुत्ते की तरह रेखा की बुर चाटता रह गया ! मेरा लंड़ चड़्ही के अंदर खम्बे की तरह खड़ा हो चुका था, तो मै उसकी बुर के दोनो फ़ांक को मुह्न मे भरकर चुभलाने लगा, पल भर बाद उसकी बुर को छोड़ा तो रेखा मेरे से थोड़ी दुरि पर जाकर बैठ गयी और छरछर मुतने लगी ! वो मेरे करीब आकर बैठी तो मै उसके गोलाई पर हाथ रखकर चुची मसलने लगा और रेखा मेरे जिंस को खोलने लगी, अब मेरा लंड़ रेखा के मुठ्ही मे था और वो मुझे बोली…… “राहुल जरा खड़ा तो हो जाओ

(मै खड़ा हो गया) ये लो रेखा ड़ार्लिंग़ जमकर मेरा लंड़ चुसो

(रेखा घुट्ने के बल होकर) आज साले तेरे लंड़ का मलाई भी मुह्न मे लुंग़ी

(राहुल) जरुर ले ने साली मुह्न मे. ” रेखा मेरे से नज़र मिलाते हुए लंड़ को चुमने लगी, वो लंड़ के चमड़ा को छिलकर सुपाड़ा को अपने चेहरे और ओंठ पर रगड़ने लगी ! फ़िर वो मेरे लंड़ को मुह्न मे भरकर चुसते हुए मस्त थी तो मै घांस पर खड़े-2 अपनी चचेरी बहन से लंड़ चटवाने लगा, वो मेरे लंड़ पर जिभ फ़ेरकर मस्त थी और पल भर बाद मेरे पुरे लंड़ को अपने मुह्न मे लेकर मुखमैथुन करने लगी, मेरा लंड़ पुरी तरह से गरम हो चुका था और मै रेखा के बाल को कसकर पकड़े उसकी मुह्न को अपने लंड़ से चोदने लगा ! लग्भग 3-4 मिनट तक रेखा की मुह्न को चोदा और फ़िर पास मे ही खड़े-2 मुतने लगा !

रेखा की बुर का सील 2-3 हफ़्ते पहले तोड़ा था, अब रेखा बाईक के सीट पर अपने कोहनी को रख आगे की ओर झुकी तो उसका मस्त चुत्तर मेरे लंड़ के सिध मे था, वो चौपाया जानवर की तरह खड़ी थी तो मै उसके नितम्ब के सामने लंड़ पकड़े खड़ा था, उसके स्कर्ट को कमर तक करके बुर के मुहाने को उङ्ली से कुरेदने लगा और फ़िर
गांड़ पर दो थप्पड़ भी लगा दिया तो रेखा….. “अबे साले चोदेगा या फ़िर हाईवे पर जाकर खड़ी हो जाउ

(राहुल सुपाड़ा को उसकी बुर के मुहाने पर रखा) अभी चोद्ता हु साली. ” और ये कहते हुए 1/2 लंड़ बुर मे पेल दिया, उसकी कसी हुई चुत मे मेरा आधा लंड़ घुस चुका था तो मै रेखा के कमर को थामे जोर का झट्का बुर मे दे दिया, मेरा पुरा लंड़ बुर के अंदर था और वो चिंख पड़ी…… “ऊऊउ बाप रे मेरा बुर फ़ाड़ देगा क्या, कितना मोटा लंड़ है तुम्हारा

(राहुल) चुपकर बे साली चुदा ना गांड़ हिला रंड़ी कहि की. ” अब मै तेज गति से रेखा को चोद रहा था तो वो अपने चुत्तर को हिलाने लगी, 4-5 मिनट की चुदाई के बाद रेखा की बुर गिली हो गयी तो मै लंड़ को बुर से निकाल लिया और फ़िर उसके चुत्तर के सामने बैठ्कर बुर को चाट्ने लगा !

रेखा बुर को पानी से साफ़ करके घास पर बैठ गयी और फ़िर घास पर लेट्कर मुझे चोदने का न्योता दी ! मै उसके जङ्हा के बिच बैठे अपना लंड़ उसकी चुत मे ड़ाल दिया और गिलि चुत मे पुरा लंड़ पेले उसके बदन पर औंध गया, मेरा लंड़ बुर के अंदर बाहर तेजी से होने लगा तो रेखा अपने गांड़ को उपर निचे करने लगी, लग्भग 12-14 मिनट कि चुदाई के बाद मै चिंख पड़ा…. “ले बे साली अपने बुर को विर्य पीला. ” और लंड़ से विर्य की तेज धार बुर मे छुट पड़ी, हमदोनो आराम करने के बाद घर वापस चले गये !

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Linga11

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