चाची का नग्न स्नान

मेरी छोठी चाची बबिता कानपुर आई थी, बात 2-3 साल पहले की है ! मै तभी 18-19 साल का लौंड़ा था, जबकि चाची 30-31 साल की गदराई माल लग रही थी, वो अपने इलाज के लिये हफ़्ते भर के लिये आई थी ! बबिता देखने मे सांवली थी लेकिन बदन काफ़ी मदमस्त, दोनो चुचक बड़े -2 संतरे के समान दिखते थे तो उनका भारी भरकम चुत्तर किसी भी लंड़ से पानी निकालने के लिये काफ़ी था ! आज रविवार कि वजह से मै घर पर ही था और नाश्ता करने के बाद चाची से बात करने मे मस्गुल हो गये लेकिन ध्यान तो उनके नग्न पेट पर जाता या फ़िर चुची के उभार पर ! बात करने के क्रम मे एक बार वो पानी का बोत्तल उठाने के लिये झुकी तो उनके सिने से साड़ी निचे खिंसक आया और मेरी नज़र उसके बड़े -2 स्तन पर टिकि रह गयी, चाची मेरे नज़र से नज़र मिलाते हुए झुकी रही और उनके दो बड़े -2 चुची ब्लाउज के अंदर रह्ते हुए भी मुझे दिख रहा था ! बबिता अपने सीने पर साड़ी रखी और उठ्कर चली गयी !

मेरा लंड़ तमतमा उठा था और मै चाची के चुची को दुबारा देखना चाह्ता था ! वो मेरे सामने से चुत्तर मट्काते हुए बाथरूम कि ओर गयी थी, मै अपने घर के बगान मे चला गया, उधर बाथरूम का भेंटिलेसन खुलता था ! शायद चाची को नंग़े स्नान करते देख पाता, इस उम्मिद से बगान की ओर गया और बाथरूम के अंदर झांकने लगा, बबिता अपनी साड़ी को उत्तार चुकी थी और उसके बदन ब्लाउज…. साया मे मस्त लग रहे थे ! उनका पिठ का हिस्सा मेरी ओर था और वो ब्लाउज को उत्तार फ़ेंकी, नग्न पिठ चिकने थे और उनके चुत्तर साया मे थे ! चाची अपने कमर के किनारे हाथ लगाकर साया की ड़ोरी को खोलने लगी तो मेरी सांसे थम सी गयी, अचानक से उनका साया ज़मीन पर था और मेरे सामने भारी भरकम नग्न चुत्तर, चुत्तर के फ़ांक को देख लंड़ फ़नफ़ना गया और चची का नग्न पिच्हे का भाग मेरे सामने था ! अब इंतजार था उनके आगे के हिस्से को देखने का, वो झरना खोल स्नान कर रही थी और उनका भिगा बदन मेरे मुह्न मे पानी भर दिया था ! अचानक से चाचि मेरी ओर मुड़ गयी और उनके नग्न बड़े-2 चुचक को देख दिमाग गरम होने लगा, उनके चिकने सपाट पेट और नाभि मेरे लंड़ को गरम कर चुकी थी ! बबीता अपने जिस्म पर साबुन लगाने लगी और उनके मोटे केले के थम्ब समान जङ्हा को देख उनको चोदने का मन होने लगा, वो अपनी चुची पर साबुन रगड़ने लगी और उनके निप्पल को देख मै अपने बरमुड़ा के किनारे से अपना लंड़ बाहर किया और हिलाने लगा !

बबीता चाची अपने दोनो पैर को अलग करके बुर को देखने लगी, उसपर काले घने बार थे, लेकिन दोनो रान फ़ुले पकोड़े की तरह दिख रहे थे ! वो अब अपने बुर पर साबुन लगाने लगी तो मै लंड़ हिलाने मे मस्गुल था, बबिता के सर से पैर नग्न थे और वो अपने जिस्म पर साबुन लगा चुकी थी, अब वो पलटकर अपने पिठ पर साबुन लगाने लगी ! उसके चुत्तर की फ़ांक देख मन करने लगा की गांड़ मार लू, वो अब झरने को खोली और फ़िर से पलट गयी, वो आंखे बद किये स्नान कर रही थी और उसके चुचि से लेकर बुर तक को देखता हुआ मै हस्तमैथुन कर रहा था ! अब चाची कि आंखे खुली और वो बुर के रान को उङ्ली की मदद से खोल दी और जैसे ही अपना सर उपर की ओर की मेरे पर उनका ध्यान पड़ गया, मेरी हालत खराब हो गयी और मेरा लड़ भी विर्य फ़ेंका ! पता नही चाची कही मेरी शिकायत मेरी मम्मी से ना कर दे……

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Linga11

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