दिपा दिदी की चुदाई

दिपा दिदी और मै हर रात मजे कर रहे थे, लेकिन ना दिदी की चुदास की भुख खत्म हो रही थी ना ही मेरा मन मान रहा था! एक रात खाना खाने के बाद मै अपने कमरे मे चला गया और दरवाजा को बंद कर दिया, दिदी आज चुदने मेरे पास आएगी मुझे उम्मिद नही था, दो रात से हमदोनो एक दुसरे के साथ सम्भोग सुख ले रहे थे ! रात के 11:30 बजे मेरे दरवाजा को किसी ने खटखटाया और मै अभी -2 निंद की आगोश मे गया था, उठा और दरवाजा खोला, तो सामने दिपा दिदी खड़ी थी, वो अंदर आयी तो मैने दरवाजा बंद किया ! काले रंग़ के गाउन मे मस्त माल दिख रही थी, मै दिदी को खड़े-2 अपने सिने से चिपका लिया और उनके सुंदर चेहरे पर चुम्बन देने लगा, वो अपने गोल-2 चुची को मेरे सिने से रगड़ रही थी और मै दिदी के ओंठ को चुसने लगा, दिदी एक कामुक औरत की तरह मेरे मुह्न मे अपना जिभ घुसा दी और मै उनका जिभ चुसता हुआ उनके चुत्तर को सहला रहा था ! पल भर बाद दोनो बिस्तर पर आ गये.

एक जवान मस्त माल बेड़ पर लेटी हुई थी, गाउन मे उसकी नुकीली चुची के निप्पल दिख रहे थे और मै उनके बगल मे बैठ्कर उनके गाउन को बदन से निकाल दिया और दिपा सिर्फ़ छोटी सी पेंटी पहने लेटी हुई थी ! मै दिपा के स्तन पर मुह्न लगाया और स्तनपान करता हुआ उसके दुसरे स्तन को मसलने लगा, वो अपने पैर आपस मे रगड़ रही थी और मै उनके दुसरे स्तन को चुसता हुआ मस्त हो रहा था! दिपा के निप्पल को जिभ से चाट्कर उसके सपाट पेट पर चुम्बन देने लगा और वो सिसक रही थी, पल भर बाद कमर को चुमकर उसके पेंटी को खोल दिया और वो अपने दोनो जङहा को एक द्सरे पर रखकर बुर छुपा रही थी ! मै दिदी की जङ्हा को चुमता हुआ उनके चुत्तर को सहलाने लगा और उनका दोनो जङ्हा दो दिशा मे हो गया, मै अब उसके चमकीले चुत पर ओंठ से चुम्बन देने लगा और वो साली रांड़ अपने उङ्ली की मदद से बुर को फ़लकाने लगी ! दिपा पिच्हले 2 साल से चुदवा रही थी, बुर का तारतार धीला हो चुका था और मै जिभ से दिदी की बुर चोदने लगा, बुर का स्वाद पाकर मजा आने लगा और वो सिसकते हुए बोली….. “ऊह्हह आह्हह ऊम्मम राहुल अबे बुर कुते की तरह ही चाटता रहेगा या चोदेगा भी. ” लेकिन मै दिपा की बुर कुरेदता हुआ मस्त होने लगा, अब दिपा के दोनो रान को मुह्न मे लेकर चुसने लगा और वो पल भर बाद मेरे सर को धकेल कर अपना बुर मेरे मुह्न से निकाली ! मेरा लंड़ बरमुड़ा के भितर फ़नफ़ना रहा था, दिपा मेरे बरमुड़ा को खोलकर मेरे लंड़ को पकड़ी और अपना सर झुकाकर लंड़ चुमने लगी जबकि मै बेड़ पर सोया हुआ था, मेरे से नज़र मिलाते हुए दिदि मेरे लंड़ को अपने मुह्न मे भर ली और चुभलाने लगी ! मेरा लंड़ दिपा के मुह्न मे फ़ुलकर कुप्पा हो चुका था और वो थोड़ी देर बाद मेरे लंड़ को अपने मुह्न से निकाली और जिभ से चाट्ने लगी, उसका जिभ मेरे लंड़ को निचे से उपर तक चाट रहा था ! पल भर तक चाट्ने के बाद वो बेड़ पर कुत्तिया की तरह हो गयी.

मै अपना लंड़ पकड़े दिपा के चुत्तर के पास बैठा और उसकी गांड़ की ओर से बुर मे लंड़ पेल दिया, उसकी चुत मेरे पुरे लंड़ को निगल गयी और मै अपनी बड़ी बहन को चोदने लगा, उसके कमर को थामे लंड़ को पुरे गति से बुर के अंदर बाहर करने लगा ! लगता है कि दिपा के बुर और मेरे लंड़ की साइज बिल्कुल ही एक दुसरे की पुरक है, मेरा मुसल लंड़ उसकी बुर मे बिल्कुल ही फ़िट होता है ! अब दिपा अपने मांसल नितम्ब को आगे पिच्हे करते हुए मेरे लंड़ से मजा ले रही थी, मै गपागप दिदी की बुर चुदाई कर रहा था और उनके सिने से झुलते चुची को पकड़कर दबाने लगा, दिदि कि चुची का साइज मध्यम आकार की थी और उसके निप्पल भुरे रंग़ के ! दिदी की बुर मे आग लग चुका था और मै चोद-2 कर हाफ़ रहा था, पल भर बाद दिदि मेरे लंड़ को चुत से निकाल कर बाथरूम भागी और मै बेड़ पर लेटा रहा! दिपा वापस आई और अपने टाण्ग पसारकर लेट गयी, मै उनके बुर पर अपना मुसल लंड़ को रखा और सुपाड़ा को चुत मे घुसेड़ दिया, अब दिपा को भारतीय नारी की तरह सुला कर चोदने लगा और वो मुझे आंख मारी….. “बहन के बदन पर सवार होकर चोद ना मेरे मादरचोद भाई

(राहुल) चुपकर रांड़ तेरी मम्मी को चोदा तो नही हु कि मादरचोद हो गया

(दिपा) तो चोद ले ना तेरी मम्मी कौन दुध की धुली हुई है, पड़ोस के अंकल से चुदते पकड़ा था अपनी शादी के 2 हफ़्ते पहले. ”

मै दिदी के गदराए जिस्म पर सवार होकर बुर चुदाई करने लगा और दिदी अपने भारी भरकम चुत्तर को उपर निचे करते हुए मजा दे रही थी ! अब मेरा लंड़ पुरी तरह से गरम हो चुका था और 15-17 मिनट की चुदाई के बाद मै चिंखा….. “आह्ह ऊह्ह दिदी मेरे लंड़ से रस निकला… ” और उसकी बुर की गर्मी विर्य ने शांत कर दिया ! वो अपने कमरे चली गयी मै थक कर सो गया !

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Linga11

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