दिपा दिदी के साथ रात्रि सम्भोग

दिपा दिदि 26 साल की शादी शुदा औरत/लड़्की है और वो भला 21 साल के लड़्के के साथ चुदवाने से क्यो परहेज करेगी अगर लंड़ मोटा, लम्बा और देर तक टिकने वाला हो ! रात्रि भोजन के बाद सभी लोग अपने-2 कमरे मे चले गये, मै अपने बेड़ पर लेट्कर दिपा का इंतजार कर रहा था ! रात के 11:15 बजे मेरे कमरे का दरवाजा खुला और सामने दिपा खड़ी थी, वो दरवाजा को बंद करके मेरी ओर बढ्ने लगी ! काले रंग़ के गाउन मे खुबसुरत दिख रही थी, मै बिस्तर पर उठ्कर बैठा और दिपा बेड़ पर आ गयी !

दिपा को अपने सिने से चिपकाकर गाल पर चुम्बन देने लगा और दोनो एक दुसरे को चुमने मे लिन थे, तभी मै दिदी के गाउन को उसके जिस्म से बाहर कर दिया और वो पुरी तरह से नग्न थी ! दिदि किसी कामुक औरत कि तरह मेरे मुह्न मे अपना लम्बा जिभ घुसा दी और मै उसके जिभ को चुसता हुआ अपने सीने से उसकी चुची को दबा रहा था, पल भर बाद दिदि बिस्तर पर लेट्ना चाही, लेकिन मै बेड़ पर लेट गया और दिदि को बोला… ” तुम मेरे उपर कुत्तिया कि तरह हो जाओ लेकिन अपना चेहरा मेरे लंड़ के पास रखना और मेरा चेहरा तुमहारे दोनो जङ्हा के बिच और निचे रहेगा ताकि दोनो एक दुसरे के योनि को प्यार कर सके ” और दिदि मेरे बदन पर लेट गयी और उसका चेहरा मेरे लंड़ के पास था जबकी मेरा मुह्न उसके दोनो जङ्हा के बिच और उसके बुर के निचे, दिदि मेरे लंड़ को पकड़ कर चुमने लगी जबकी मै उसके बुर मे एक उंग़ली करके बुर कुरेदने लगा ! मेरे चेहरे के उपर दिदी का भारी भरकम चुत्तर था और मुह्न ठीक उसके चुत के निचे, दिपा मेरे लड़ को मुह्न मे लेकर चुसने लगी जबकी मै उसके बुर से उङ्ली निकालकर सर थोड़ा उपर किया और बुर के रान के बिच जिभ घुमाता हुआ बुर चाट्ने लगा ! दोनो एक दुसरे के योनि को चुम चाट रहे थे और दिपा मेरे लंड़ को अब जिभ से चाट्ने लगी, उङ्ली की मदद से दिदि की बुर को फ़ल्काकर जिभ से चुत चोदने लगा, पल भर बाद दिदि मेरे लंड़ को दुबारा मुह्न मे ली और अपने मुह्न का झट्का देते हुए मेरे झांट मे उङ्ली नचाने लगी ! मेरा मुसल लंड़ अब चुदाई को आतुर था और दिदि अब मेरे बदन पर से हट गयी !

मै लेटाह ही रहा और दिपा को चुदाई का नया आसन समझाया, वो अब मेरे लंड़ के उपर टाण्ग फ़ैलाये बुर बिचकाये बैठ गयी लेकिन बुर और लंड़ मे थोड़ी दुरी थी ! मै दिपा के कमर को कसकर पकड़ा था और वो मेरे लंड़ को थामे सुपाड़ा को अपने चुत मे घुसा दी, धीरे-2 दिदि अपने चुत्तर को निचे कि ओर करने लगी और मेरा लंड़ उसकी बुर मे घुसने लगा, पल भर बाद मेरा पुरा लंड़ उसकी चुत मे था और मेरे कहने पर वो अपने चुत्तर को उपर निचे करने लगी ! दिदि के कमर को कसकर पकड़े उनके भारी भरकम नितम्ब का वजन लंड़ पर सहने लगा और दिदि पल भर बाद थक गयी तो अब मै उनके चुत्तर को थोड़ा उपर किया, अब 1/3 लंड़ बुर मे था और बांकी बाहर, मै निचे से अब बुर मे लंड़ पेलने लगा और 2/3 लंड़ दिदि की बुर को चोदता हुआ मस्ती देने लगा ! मै अपने चुत्तर को उपर निचे करता हुआ दिदि कि बुर को अपने मुसललंड़ से चोद रहा था, दोनो को मजा आने लगा और पल भर बाद… “आह्ज ऊ मेरी बुर से पानी निकलेगा आह्झ. ” और उसकी बुर से रस फ़ेंकने लगा, रस चु कर मेरे झांट पर भी गिरा !

दोनो पल भर आराम करने के बाद फ़िर से चुदाई मे लिन हो गये, अब दिपा अपने घुट्ने और कोहनी के बल बेड़ पर कुत्तिआ बन गयी और मै उसके नितम्ब के सामने बैठ्कर अपना लंड़ उसकि बुर मे पेला, रसिले बुर मे मेरा लंड़ पुरी तरह से अंदर जा चुका था! अब दिदि कि कमर को पक्ड़े गपागप बुर चुदाई करने लगा और दिदि अपने चुत्तर को हिला-2 कर चुदाई के मजे को दुना कर रही थी ! उनका भारी भरकम चुत्तर आगे पिच्हे हो रहा था और मै दिपा को चोदने मे मस्गुल था, अब लंड़ पुरी तरह से गरम हो चुका था और दिदि कि बुर मे भी आग लगी हुई थी, वो अब चिखने लगी…. “अबे चोदु माल गिरायेगा या चोद्ता हि रहेगा. ” 15 मिनट तक दिपा को चोदने के बाद… “ये ले रंड़ी ले मेरा रस. ” और उसकी गरम बुर मे विर्यपात कराके शांत हो गया !

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Linga11

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