दिपा दिदी को ट्रैन मे चोदा

दिपा दिदि कानपुर आई हुई थी, हफ़्ते भर रहने के बाद उसको देल्ही जाना था तो उनके पति को आने का वक़्त नही था! ऐसे मे मम्मी और पापा ने मुझे ही दिपा के साथ जाने को बोला, कानपुर से देल्ही के लिये एक ट्रैन मे आरक्षण लिया और फ़िर मै दिपा दिदि के साथ ट्रैन पकड़्ने के लिये निकल पड़ा ! दिपा दिदि काले रंग़ के स्कर्ट और आसमानी रंग़ के टोप्स मे मस्त दिख रही थी, हमदोनो एक औटो बुक करके निकल पड़े और फ़िर ट्रैन पर सवार हो गये ! रात के 10:40 मे ट्रैन खुली और हमदोनो अपने ए सी-प्रथम कुप मे बैठ गये, चार बर्थ के कुप मे हमदोनो के सिवा एक औरत थी और एक बर्थ खाली था ! खैर हमदोनो एक तरफ़ के बर्थ पर बिस्तर लगाकर सोने चले गये, मै उपर क बर्थ पर था तो दिदि निचे के बर्थ और वो औरत निचे की बर्थ पर सो चुकी थी, वो अपने बर्थ का पर्दा खिंचकर आराम से सोई हुई थी तो मै ट्रैन के खुलने के 15 मिनट बाद अपने बर्थ से उतरा और बाथरूम चला गया !

उधर से लौट्कर आ रहा था तो दिपा दिदि अपने पर्से को लिये बाथरूम जा रही थी, मै आकर अपना जिंस खोला और बरमुड़ा पहने दिदि की बर्थ पर बैठ गया ! दिदी की बर्थ का पर्दा खिंचकर अंदर आराम से लेट गया तो पल भर बाद दिदि आई और मुझे देख मुस्कुराने लगी, दोनो बर्थ पर बैठे हुए थे और दिदि बिना संकोच के मेरे करीब आ गयी, वो मेरे गाल पर हाथ फ़ेरने लगी तो मै उसके बूब्स को दबाने लगा ! दिदि को अपने गोद मे बिठाकर चुमने लगा तो वो मेरे गले मे अपनी बाहो को ड़ाल रखी थी, उसके ओंठ को चुसता हुआ बूब्स को मसल रहा था तो दिदि अपने लम्बे से जिभ को मेरे मुह्न मे भरकर मुझसे चुसवाने लगी ! दिपा की जिभ को चुसता हुआ उसके एक स्तन का एह्सास अपने छाती पर पा रहा था, वो मुझसे चिपके बैठी थी और फ़िर वो अपने जिभ को मेरे मुह्न से निकाल दी ! दिदि कामुकता के आगोश मे आकर अपने टोप्स को निकाल दी और उनका दोनो स्तन उज्ले रंग़ के जालिदार ब्रा मे कैद था, उनको बर्थ पर सुलाकर मै उनके सिने पर औंधा और वो खुद अपने ब्रा को निकाल दी ! दिदि के दोनो भरे-2 स्तन मेरे हाथ मे थे और मै जोर-2 से स्तन दबाता हुआ उनके चेहरे की लालिमा को देख रहा था, वो सिसकने लगी तो मै उनका एक स्तन मुह्न मे भरकर चुसने लगा और दुसरे को मसल रहा था ! मेरा लंड़ बरमुड़ा के अंदर खम्बा की तरह खड़ा हो चुका था और मै दिदि की स्तन को चुसचुसकर लाल कर चुका था, दिदि खुद हि अपने दुसरे स्तन को पकड़कर मेरे मुह्न मे ड़ाल दी और मै उनके छाति से चिपककर उनका दुध पीने लगा ! पल भर बाद उठा और दिदि कि कमर के पास बैठ्कर उनके स्कर्ट को कमर तक कर दिया और वो एक पेंटी से अपने बुर को ढक रखी थी, मै उनके पेंटी के हुक को खोला और बुर को नण्गा कर दिया !

दिदी की ड़्नलप सी चुत्तर के निचे तकिया ड़ाला और उनके दोनो जङ्हा को दो दिशा मे करके अपना मुह्न उनके बुर पर लगा दिया, बुर को चुमता हुआ उसके जङ्हा को कसकर पकड़े हुए था और दिदि की बुर पर चुम्बन देता रहा, वो सिसकते हुए उंग़ली लगाकर बुर को फ़लका दी तो मेरा जिभ बुर को चाट्ने लगा ! दिपा की बुर 2 साल से चुद रही थी इसलिए बुर पुरी तरह से ढीली नही पड़ी थी और मेरा आधा जिभ बुर को चोदता हुआ मस्त हो रहा था, दिपा की बुर को चोदता हुआ उसके स्तन को भी मसलने लगा ! फ़िर क्या था दिपा जोर-2 से सिसकने लगी और फ़िर मेरा लंड़ बरमुड़ा के अंदर फ़नफ़नाने लगा, मै दिदि को अब चोदना चाहता था लेकिन वो मेरे लंड़ को चुसना चाह्ती थी ! दिपा दिदि मुझे लिटाकर अब मेरे कमर के पास बैठ गयी, वो मेरे बरमुड़ा को खोलकर लंड़ को थामी और सर झुककर चुमने लगी, दिपा मेरे लंड़ के सुपाड़ा को अपने ओंंठ पर रगड़्ने लगी और धीरे से पुरा लंड़ अपने मुह्न मे भर ली, वो लंड़ को मुह्न मे लेकर मुखमैथुन कर रही थी और मै अब दिदी को चोदने के लिये आतुर था! दिपा लंड़ को छोड़ अपने टोप्स को पहनी और स्कर्ट को ठीक करके बाथरूम गयी !

दिपा दिदी वापस आई और बर्थ पर बैठकर बोली….. “राहुल अब जरा चुदाई करो अंदर काफ़ी खुजली हो रही है

(राहुल) बर्थ पर कुत्तिया बनोगी या खड़े-2. ” दिपा बर्थ पर कुत्तिया की तरह हो गयी तो मै उसके चिकने चुत्तर को चुमने लगा, उसके मांसल गांड़ पर थप्पड़ मारने लगा और बुर से लेकर गांड़ के दरार तक को जिभ से चाटने लगा ! मेरे मुसललंड़ को चुत की भुख लगी हुई थी तो मै उसके बुर के मुहाने पर सुपाड़ा को रखा और धीरे-2 पुरा लंड़ दिदी की बुर मे घुसाने लगा, आधा लंड़ अंदर जाते ही मै दिपा के कमर को कसकर पकड़ा और जोर से लंड़ पेल दिया ! दिपा की बुर मे मेरा मुसल लंड़ था तो वो चिंख पड़ी……. “ओह्हह कितना मोटा तेरा लंड़ है धीरे-2 चोद ना. “मै उसके चुत्तर की ओर से अपना मुसललंड़ बुर मे पेले चुदाई कर रहा था, तो दिपा अपने गांड़ को आगे पिच्हे करते हुए चुदाई का मजा ले रही थी ! रात के 12;30 बज रहे थे और हमदोनो का काम क्रिया चालु था, उसकी बुर अब आग हो चुकी थी और मै उसके सिने से लटकते बुब्स को मसल रहा था ! दिदी तेजी से सिसक रही थी तो मै पुरे गती से चोद रहा था, वो बोली…… “राहुल अब लंड़ का माल झाड़ो बुर जल रही है

(राहुल) जरुर दिपा मेरा माल फ़ेंकने वाला है. ” 12-14 मिनट की चुदाई के बाद बुर मे विर्य गिराकर मस्त हो गया, फ़िर दोनो फ़्रेश होकर सो गये

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Linga11

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