पापी घर – पार्ट २

मम्मी ऐसे मचल रही थी जैसे सालो से ना चुधी ना हो. विशाल अपनी मम्मी सविता की चूत ऐसे चाट रहा था जैसे कुता पानी पीता है. “बस बेटा बस उूउउ उहाआ आआहा बस मज़ा आ गया. बिल्कुल अपने मामा पर गया है. मै झड़ने वाली हू. आहा हहा उउहा मज़ा आ रहा है”. 5 मिनिट की चटाई के बाद सविता झड़ गई. विशाल ने सारा रस चाट चाट कर पी लिया. “मम्मी तेरा रस पिए बगेर मन नही भरता, क्या करू.” “कोई बात नही बेटा मैने तुझे कभी माना करा है, कभी भी कैसे भी तू मेरा रस पी सकता है.

चल अब मेरी बारी.” इतना कह कर मम्मी ने विशाल का लौदा मुह मे भर लिया. सविता चुसाई मे बहुत एक्सपर्ट थी. अपने बूढे ससुर का लंड भी चूस चूस कर जवान बना देती थी. (असल मे सविता को इसी वजह से पसंद करा था. डीटेल आगे के पार्ट्स मे है). “मम्मी मुझे बैठने तो दे. तुझे तो बस चूसने की पड़ी है. रुक अभी.” ये कह कर विशाल ने अपनी मम्मी को दूर करा. दरअसल विशाल सीधा चुदाई करना चाहता था. “मम्मी सुबह सुबह चुसाई करा करो, अभी सिर्फ़ चुदाई. ” इतना कहा कर विशाल ने अपनी मम्मी को फिर से सोफे पर पटख दिया और अपनी मम्मी की टाँगे खोल दी. “नही बेटा तुझे बस अपनी पड़ी है, पहले मुझे चूसने दे फिर चोद लेना.” सविता ने अपनी टाँगे बंद कर ली. “मम्मी तू चूस चूस कर मेरा माल मूह मे निकल लेगी.” विशाल ने कहा.

विशाल ने ज़बरदस्ती अपनी मम्मी की टाँगे खोल दी और सोफे पर टाँगो के बीच मे बैठ गया. विशाल अपने फन्फनाते हुआ लोडे पर थूक लगाने लगा. उधर सविता सोफे से उठने की कोशिश करने लगी. (आज सविता का मूड अपना रेप कराने का था. वो एक जबरदस्त चुदाई चाहती थी). सविता सोफे से उठ कर किचन जाने लगी. “मम्मी कहा जा रही हो” विशाल चिल्लया. “किचन मे, खाना बना है, चुदाई बाद मे करेगे”. सविता जल्दी जल्दी जाने लगी और अपने चूतड़ मटका मटका कर चलने लगी. उसके चूतड़ देख कर बूढ़े का मान भी ललचा जाए. विशाल से रहा नही जा रहा था. “तुझे दिखता नही मेरा लौदा कितना टाइट खड़ा है”. पर सविता ने के ना सुनी ओर वो किचन मे चाई बनाने लगी.

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