मूवी थिएटर

दोस्तों मेरा नाम विक्की है, मेरी उम्र २३ साल है और मैं कोलकाता से इंजीनियरिंग कर रहा हूँ. कोलकाता में ही मेरी कजिन योगिता जॉब करती है. योगिता दीदी २८ साल की सेक्सी बंगाली माल है. दीदी का बदन पूरा गदराया हुआ है और फिगर ३८-३०-४० होगा. मैं और दीदी काफी अच्छे दोस्त है.
एक बार दीदी का कॉल आया की फ्राइडे को उनके ऑफिस के बाद कोई मूवी चलते है. मैंने भी हाँ कर दी. फ्राइडे को मैं दीदी को पिक करने ऑफिस पहुंच गया. दीदी ने उस दिन वाइट शर्ट एंड ब्लैक स्कर्ट पहनी हुई थी. शर्ट काफी टाइट थी, जिससे उनकी कैद चूचियां बड़े बड़े पहाड़ो के जैसी लग रही थी. ऊपर का बटन खुले होने की वजह से थोड़ा सा क्लीवेज भी दिख रहा था. दीदी जब तन कर चलती है तो उनकी चूचियां का उभार देखने लायक होता है. दीदी की गांड बहुत ही बड़ी और गुदाज है. जब वो स्कर्ट पहनती है तो उनकी विशाल और भारी चुत्तड़ बाहर निकल आती है.
मैं दीदी को लेकर एक थिएटर में गया. थिएटर काफी खाली था. कुछ कपल्स ही आये थे. फिर हम मूवी देखने लगे. थोड़ी देर बाद दीदी ने मुझे हाथ मारा

दीदी: रोहित इधर तो देख क्या हो रहा है
मैंने देखा दीदी मुझे एक कपल को दिखा रही थी जो किश कर रहे थे..
मैं: दीदी ये तो कॉमन है आज कल…

फिर मैं और दीदी फिर से मूवी देखने लगे. थोड़ी देर बाद मैंने दीदी को अपनी साइड में देखने बोला. वहा एक लड़का अपनी गर्लफ्रेंड को किश कर रहा था और उसकी चूचियां दबा रहा था…और लड़की उसके लंड को पैंट के ऊपर से सहला रही थी…

दीदी: ओह्ह्ह्ह इधर भी किश चल रहा है
मैं: अरे दीदी आप गौर से देखो लड़के का हाथ कहा है
दीदी: ओह्ह्ह्हह भाई वो तो उसके बॉल दबा रहा है..
मैं: हाँ दीदी… अब लड़की का हाथ देखो कहा है
दीदी: हाय राम ये लड़की तो उसका हथियार सहला रही है
मैं: हाँ दीदी ये सब चलता है यहाँ … नाईट शो में सब मस्ती मारने आते है
दीदी: तुझे बड़ा पता है इस बारे… तू भी आता है क्या इधर मजे मारने
मैं: हाँ दीदी मैं तो कई बार अपनी गर्लफ्रेंड के साथ आ चूका हूँ
दीदी: फिर तो तू भी ये सब करता होगा
मैं: हाँ दीदी बहुत मजा आता है… आप कभी नहीं इधर
दीदी: ना रे मेरा कोई बॉयफ्रेंड थोड़े ना है

फिर मैं मूवी देखने लगा, दीदी अब भी कपल्स को ही देख रही थी. वो काफी गरम हो चुकी थी. मैंने दीदी की कंधो पर हाथ रखा… फिर मैंने धीरे से अपना हाथ उनकी चूचियों पर रख दिया और हल्का सा दबा दिया…

दीदी: अह्हह्ह्ह्ह भाई .. ये क्या कर रहा है
मैं: वही दीदी जो सब कर रहे है यहाँ पर…
दीदी: पर भाई……अह्ह्ह्हह
मैं: दीदी आपका कोई बॉयफ्रेंड नहीं है… आज मुझे ही अपना बॉयफ्रेंड समझो

मैं दीदी की चूचियों को जोर जोर से दबा रहा था. बहुत ही बड़े बड़े सॉफ्ट चूचियां थी…. अह्ह्ह्हह उईईईईई भाई…
मैं: मजा आ रहा है ना दीदी
दीदी: हाँ भाई…..
मैं: दीदी अपने कबूतरों को थोड़ा आजाद कर दो अपनी शर्ट के थोड़े बटन्स खोल दो. दीदी ने अपनी शर्ट के २ बटन्स खोल दिए, अब उसकी ५०% चूचियां नंगी थी. मैंने कंधे से होते हुए अपना हाथ दीदी की शर्ट के अंदर डाल दिया और उनकी चूचियों को मसलने लगा…. अह्ह्ह्हह्हह भाई और दबा जोर से ……
फिर मैंने दीदी का हाथ अपने लंड पर रख दिया. लंड पैंट के अंदर ही पूरी तरह अकड़ा हुआ था… दीदी मेरे लंड को धीरे धीरे सहला रही थी… मैं दीदी को किश करते हुए उनके बड़े बड़े रसीले आमो का मजा ले रहा था..

मैं: आअह्हह्ह्ह्ह दीदी… मेरा लंड को बाहर निकल लो और इसका मजा लो
दीदी ने जीन्स की जीप खोली और मेरा लंड बाहर निकल लिया. अब दीदी लंड को धीरे धीरे हिला रही थी… मैं भी अपने एक हाथ से दीदी की सेक्सी गोरी टांगो को सहला रहा था.. फिर मैं दीदी की चुत पर हाथ ले गया… दीदी की चुत पूरी गीली हो चुकी थी. मैंने एक उंगली दीदी की चुत में डाल दी…. उईईईईई माँ विक्की ये क्या कर रहा है…. अब मैं दीदी की फिंगरिंग कर रहा था और दीदी मेरा लंड हिला रही थी.

दीदी: आअह्हह्ह्ह्ह भाई अब सहा नहीं जा रहा है… चल मेरे फ्लैट में जल्दी
मैं: वहा जाकर क्या करेंगे दीदी
दीदी: साले तूने जो आग लगाई है उसे बुझाना … चोद अपनी दीदी को
मैं: ठीक है दीदी
हम दोनों जल्दी से थिएटर में निकले और दीदी के फ्लैट में पहुंचे. दीदी के फ्लैमटेस सो चुके थे. दीदी मुझे अपने कमरे में ले गयी और दरवाजा बंद करने लगी. दीदी की चौड़ी गांड मेरी तरफ थी, मैंने दीदी को पीछे से पकड़ लिया और अपना लंड दीदी की भारी गांड में रगड़ने लगा.. मेरा हाथ दीदी की चूचियों को दबा रहा था. फिर मैंने दीदी की शर्ट फाड़ कर अलग कर दी. अब दीदी के दोनों तरबूज नंगे हो चुके थे. मैंने चूचियों को अपने पंजो में भर लिया और बारी बारी से दबाने और चूसने लगा…

दीदी: भाई अब नहीं सहा जा रहा है… जल्दी चोद अपनी बहना को
मैं: हाँ दीदी… आज तो तेरा जवान बदन का मजा तेरा ये भाई खूब लेगा
मैंने दीदी की स्कर्ट उतार दी और पैंटी भी. मैं दीदी के ऊपर चढ़ गया और अपना लंड दीदी की बूर में पेल दिया…… उईईईईई माँ भाई थोड़ा धीरे…. मैंने धीरे धीरे धक्के मारने लगा. थोड़ी देर में मेरा पूरा लंड दीदी की बूर में समां चूका था..
अब मैं ताबड़ तोड़ दीदी को ठोक रहा था. दीदी भी बहुत मजे से चुदवा रही थी….

दीदी: ओह्ह्ह्हह…. अह्ह्ह्हह विक्की और तेज चोद भाई अपनी दीदी को
मैं: उफ्फ्फ्फ़ दीदी ….बहुत मजा आ रहा तुझे चोद कर
दीदी: उउउउउउउ भाई गिव मी मोर डार्लिंग… फ़क योर सिस्टर बेबी… डू इट फ़ास्ट बेबी

मैं दीदी के तरबूजों को दबा दबा कर चोद रहा था. मेरा लंड गाड़ी के पिस्टन की तरह दीदी की बूर की चुदाई कर रहा था.. ऊऊह्ह्हह्ह विक्की फ़क मी बेबी… मेक योर सिस्टर कम… आह्ह्ह्हह भाई
बहुत लम्बी चुदाई के बाद हमदोनो झड गए.

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