रक्षाबंधन मनाया संगीता दीदी के साथ

दोस्तों मैं आज २ साल बाद अपनी संगीता दीदी से राखी के लिए मिलने जा रहा था. संगीता दीदी की शादी २ साल पहले हुई थी. जीजाजी फ़ौज में है इसलिए वो हमेशा पोस्टिंग पर रहते है और दीदी घर पर अकेली रहती है.
मुझे उनके घर पहुंचते शाम हो गयी. मुझे देखकर दीदी काफी खुश हो गयी. उन्होंने मुझे प्यार से गले लगा लिया.

दीदी: अरे विक्की .. कैसा है तू ….
मैं: मैं ठीक हूँ दीदी
दीदी: चल तू फ्रेश हो जा.. फिर तुझे राखी बांधती हूँ
मैं: ठीक है दीदी

फिर मैं नहाने चला गया और रेडी हो कर आ गया. दोस्तों अब मैं आपको अपनी दीदी के बारे में बताता हूँ. संगीता दीदी २८ साल की जवान गदरायी हुई आइटम है. लम्बी हाइट, चौड़ा भरा हुआ बदन, और गोरा चेहरा दीदी को काफी सेक्सी बनाती है. शादी के बाद दीदी का बदन खिल गया था, उसका जिस्म अब हर जगह से भर गया था. मैंने दीदी की बदन को अपनी आँखों से ही नाप लिया, ३८ के बड़े बड़े पपीते जैसी चूचियां, ३० की पतली गोरी कमर और ४० की भारी चौड़ी चुत्तड़… उफ्फ्फफ्फ्फ़.
दीदी ने आज ग्रीन कलर की ट्रांसपेरेंट साड़ी पहनी थी. ब्लाउज का गला काफी बड़ा, दीदी का क्लीवेज काफी आसानी से दिख रहा था. दीदी की छाती में चूचियां का पहाड़ जैसा उभार था. जिसे देखकर कर किसी भी मर्द का लंड खड़ा हो जाये. दीदी ने साड़ी नाभि से काफी निचे बाँधी थी बिलकुल अपनी चुत से ऊपर. जिससे उनकी गोरी पतली कमर बहुत ही कामुक लग रही थी. कसी हुई साड़ी में दीदी की भारी गांड कयामत लग रही थी.
दीदी जब राखी बाँध रही थी तब मुझे उनकी चूचियां काफी नंगी दिख रही थी. थोड़ी देर बाद दीदी का पल्लू सरक गया, अब मुझे उनकी चूचियां आधी से ज्यादा नंगी दिख रही थी. मेरा बहुत बुरा हाल हो रहा था… दीदी ने मेरी नजरो को देख लिया पर उसने पल्लू ठीक नहीं किया

दीदी: क्या देख रहा है भाई
मैं: कुछ नहीं दीदी
दीदी: मुझे पता है तू क्या देख रहा है.. शर्माता क्यू है

मैं वहा से शर्मा कर भाग गया. फिर दीदी खाना बनाने लगी. मैं किचन के पास ही बैठ कर दीदी की जवानी को ताड़ रहा था. दीदी का बैक पूरा ओपन था, जिससे उसकी सेक्सी गोरी पीठ मुझे दिख रही थी, सिर्फ एक डोर से दीदी की ब्लाउज बंधी थी. दीदी जब चल रही थी तब उसके भारी चुत्तड़ काफी हिल रहे थे. फिर मैं और दीदी खाना खाये और टीवी देखने लगे. १घन्टे बाद दीदी अपने रूम में चली गयी.

दीदी: विक्की मेरे रूम में AC लगा है वही सो जाना
मैं: ठीक है दीदी

मैं थोड़ी देर बाद दीदी के रूम में पंहुचा. दीदी लेटी हुई थी, उनकी साड़ी काफी ऊपर आ चुकी थी. मुझे उनकी मोटी मोटी सेक्सी टांगे दिख रही थी. पल्लू साइड में गिरा हुआ था, ब्लाउज में कसी हुई बड़ी बड़ी चूचियां देख कर फिर मेरा लंड टाइट हो गया. ऐसा लग रहा था जैसे दीदी बोल रही आ भाई चोद ले मुझे. मैं दीदी के पास जा कर सो गया

मैं: दीदी तुम सो गयी क्या
दीदी: नहीं भाई ऐसे ही लेटी हूँ
मैं: दीदी तुम तो अकेले बोर हो जाती होगी
दीदी: हाँ भाई… बहुत बोर लगता है … राते काटनी तो और मुश्किल हो जाती है
मैं: अब मैं आ गया हूँ.. आपकी बोरियत दूर कर दूंगा
दीदी: इतनी दूर क्यू सोया है…अपनी दीदी से क्यू शर्मा रहा है…आ मुझसे चिपक कर सो

मैंने ये मौका छोड़ा नहीं और दीदी को पीछे से पकड़ कर लेट गया…मेरा लंड दीदी की चौड़ी गांड से रगड़ कर पूरा अकड़ चूका था. मैं दीदी की कमर में हाथ रख कर सो रहा था

मैं: दीदी मैं आपके लिए कोई गिफ्ट नहीं ला पाया
दीदी: कोई बात नहीं भाई तू आ गया मेरे पास काफी है
मैं: नहीं दीदी आप बताओ आपको क्या चाहिए गिफ्ट में
दीदी: तू सच में मुझे कुछ देना चाहता है… तो फिर ये दे दे अपनी दीदी को

मैंने महसूस किया की दीदी का हाथ में लंड के ऊपर था. मेरी खुसी का ठिकाना नहीं था, आज संगीता दीदी मुझसे चुदना चाहती है

मैं: मैं समझा नहीं दीदी
दीदी: भाई तू बहुत शरारती है… तुझे पता है मैं क्या मांग रही हूँ… तू मेरी मुंह से सुनना चाहता है ठीक है तो फिर सुन …. विक्की अपनी दीदी को चुदाई का गिफ्ट दे दे… आजा चोद अपनी बहन को और बुझा मेरी प्यास
मैं: ठीक है दीदी… मैं भी तो कब से तुझे चोदना चाह रहा था…

मैंने दीदी की नैक पर किश किया, फिर उसकी सेक्सी नंगी पीठ को. दीदी की आहे निकलना सुरु हो गयी. मैं अब उनकी चूचियों को ब्लाउज के ऊपर से दबा रहा था. ५-५ किलो की एक एक चूचियां थी, मेरे हाथो में समां नहीं थी. पर मैं पुरे मन से दीदी की चूचियों को मसल रहा था… और दीदी की अह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्ह की आहे निकल रही थी. फिर मैंने ब्लाउज की डोर खोल दी और चूचियों को आजाद कर दिया. दो बड़े बड़े पपीते आजाद हो गए… मैंने चूचियों को खूब दबाया और चूसा.
फिर मैंने दीदी की साड़ी उतर दी और पेटीकोट भी. अब दीदी पूरी नंगी मेरे सामने थी… मैं दीदी की चिकनी बूर को चूसने लगा… दीदी अब काफी एक्ससिटेड हो गयी थी और चुदने के लिए मचल रही थी.
मैंने अपना लौड़ा दीदी की बूर में सेट किया और जोर का शॉट मारा. लंड दीदी की बूर को चीरता हुआ आधा घुश गया … दीदी की चीखे निकल आयी. मैंने लंड को पूरा बाहर निकाला और लम्बा शॉट मारा. मेरा ९” का लंड अब पूरा दीदी की बूर में जा चूका था… दीदी की आँखों से आंसू निकलने लगे.
मैं थोड़ी देर बाद धीरे धीरे लंड अंदर बाहर करने लगा.

दीदी: आह्ह्हह्ह्ह्ह उउउउउ विककककी …
मैं: उफ्फ्फ्फ़ दीदी बहुत टाइट बुर है तेरी … मजा आ गया तुझे चोदने में
दीदी: ओह्ह्ह्हह …. अह्ह्ह्ह भाई बहुत दिनों बाद चुदी हूँ… ऐसे ही पेलते रह अपनी दीदी को
मैं: आआहहहह दीदी… कैसा लगा अपनी भाई का गिफ्ट
दीदी: उईईईईई आअह्ह्ह्हह भाई तेरी बहन कब से प्यासी थी…. तूने अपनी दीदी की जवानी बचायी है… ऐसा गिफ्ट किसी ने अपनी बहन को नहीं दिया होगा
मैं: ओह्ह्ह्हह …. उफ्फफ्फ्फ़ दीदी सबकी बहन आपकी तरह सेक्सी माल थोड़े ना होती… कसम से दीदी मेरा लंड धन्य हो गया तेरी चुत मार कर…
दीदी: आअह्ह्ह्हह भाई… फ़क मी… फ़क योर सिस्टर डार्लिंग

मैंने दीदी को सम्भोग के पोजीशन में लिया. दीदी मेरे लंड पर बैठी चुद रही थी, और मैं उसे हग करके चोद रहा था…. उसकी टांगे मेरी कमर को जकड रही थी. मैं निचे से घाचा घच अपना लंड पेले जा रहा था. दीदी भी उछल उछल कर चुद रही थी.

दीदी: अह्ह्ह्हह उउइइइइइइइ भाई तू तो रक्षाबंधन के दिन ही अपनी बहन का सम्भोग कर रहा है
मैं: उफ्फ्फ्फ़ दीदी मैं तेरी बूर चोद कर तेरा दुःख दूर कर रहा हूँ …
दीदी: उईईईईई भाई और चोद मुझे… मेरी चूचियों को दबा दबाकर चोद मुझे…. ओह्ह्ह माय लिटिल ब्रदर कीप फकिंग माय पुसी… फ़क मी हार्डर बेबी…
मैं: आआह्ह्ह्हह्ह संगीता मेरी रांड … मस्त बदन है तेरा… बहुत मजा आ रहा है तेरी बूर में लंड डालकर..
दीदी: ओह्ह्ह्हह भाई… फ़क मी मोर विक्की… मेक मी कम बेबी…. फ़क योर सिस्टर..

दीदी की बात सुनकर मेरा लंड दीदी की बूर की तेजी से चुदाई करने लगा. अब हमदोनो क्लाइमेक्स में पहुंच गए थे… मैं उनकी हवा में उछलती हुई चूचियों को दबा दबाकर शॉट मार रहा था.. बहुत धक्कम पेलाई के बाद हमदोनो फिनिश हो गए.

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