रानी भाभी की गरम जवानी : भाग-2

रानी मेरे पड़ोस मे रह्ती थी, उसके पति अक्सर अपने ओफ़िस के काम के सिलसिले मे बाहर जाया करते थे जबकि रानी उनकी गैर हाज़िरि मे खुब मजे किया करती थी ! मै राहुल, 21 वर्ष की उम्र, लम्बाई 5 फ़ीट 11 इंच, चौड़ी छाति और 7-8 इंच लम्बा 2 इंच मोटा लंड़, काम कला मे निपुण अगर हो रहा था तो उसके पिच्हे मेरी शादि शुदा बहन का हाथ था ! दिपा दिदी के साथ अनगिनत बार सम्भोग सुख हासिल किया था तो पड़ोस की औरते भी मेरे लंड़ का शिकार हुई थी ! एक दोपहर कालेज मे मेरा मोबाईल बजने लगा, रानी भाभी का नम्बर देखकर खुश हुआ फ़िर बात करने लगा…… “हेलो भाभी

(रानी) हेलो राहुल क्या बात है आजकल मेरे पर ध्यान नही दे रहे हो

(राहुल) ऐसी बात नही है हुक्म तो किजिये

(रानी) अभी फ़ुर्सत मे हो तो मिलो. ” फ़िर क्या था, मेरी बाईक रानी के घर की ओर निकल पड़ी, 15 मिनत के बाद रानी के घर पहुंचा तो वो दरवाजा आकर खोली और मै रानी के घर के अंदर थे !

रानी ब्लु रंग़ के गाउन मे मस्त माल दिख रही थी और मै सोफ़ा पर बैठे रानी के आने का इंतजार कर रहा था ! वो पल भर बाद एक बोट्ल बियर लेकर आई और मेरे करीब बैठकर ग्लास मे बियर ड़ालने लगी, मुझसे नज़र मिलाते हुए बोली…… “मेरे पति 2-3 दिन के लिये बाहर गये है

(राहुल) ठीक है कालेज के समय मे आता रहुंग़ा. ” और फ़िर दोनो बियर पीने लगे, 15 मिनट के बाद रानी पर बियर की नशा हावी हो चुकी थी और मै उसको अपने गोद मे बिठाकर चुमने लगा ! रानी मेरे गर्दन मे बाहो का हार ड़ालकर मेरे से चिपकी हुई थी तो मै उसके रसिले ओंठ को चुसता हुआ उसके चुचि का एह्सास अपने छाति पर पा रहा था, पल भर बाद रानी मेरे मुह्न मे अपना लम्बा सा जिभ ड़ालकर चुसवाने लगी तो मेरा हाथ उसके पिठ पर घुम रहा था ! वो अपने जिभ को मेरे मुह्न से खिंचकर मेरे गाल… ओंठ को चुमने लगी तो मै अब उसके गाउन को बदन से निकालने लगा, रानी ब्लु रंग़ के ब्रा और पेंटी मे सेक्सी दिख रही थी तो मै अब उनको सोफ़ा पर बिठाकर उनके सामने खड़ा हो गया ! वो मेरे जिंस और शर्ट को खोलते हुए मेरे चड़्ही को भी उत्तार दी, मेरा मुसल लंड़ फ़नफ़ना रहा था तो रानी मेरे पैर के पास बैठ्कर लंड़ को पकड़ी और चुमने लगी, वो सुपाड़ा को अपने ओंठो के बिच लेकर चुसने लगी तो मै अपना हाथ उसके स्तन पर लगाकर मसलने लगा ! रानी अब मेरे लंड़ को अपने मुह्न मे ड़ालकर चुभलाने लगी, उसके मुह्न के अंदर मेरा लंड़ था और पल भर बाद थुक से लतपत लंड़ को मुह्न से बाहर की तो उसका जिभ मेरे लंड़ को चाट्ने लगा ! रानी मेरे से नज़र मिलाते हुए लंड़ को चाट रही थी तो मै “आअह्ह ऊह्हह रानी अब लंड़ को छोड़ो ना

(रानी) सो क्या अपनी बहिन को चोदना है

(राहुल) नही बे रंड़ी तेरी बुर को चाटुंग़ा. ” पल भर चाट्ने के बाद वो सोफ़ा पर बैठ गयी तो मै उसके पैर के पास बैठा था !

रानी अपने दोनो पैर को दो दिशा मे लेकिन सोफ़ा पर ही रखी थी तो उसके बुर के उभार पेंटी पर से दिख रहे थे, मै उसकी पेंटी को निकाल बुर को नंग़ा किया, अब लालिमा लिये चुत पर चुंबन देने लगा और वो सिसक रही थी ! रानी खुद ही बुर को उंग़ली की मदद से फ़लकाने लगी तो मेरा जिभ उसकि चुत को चाट्ने लगा, उसके गुलाबी रंग़ की चुत के अंदर जिभ आ जा रहा था तो मै रानी की बुर को कुत्ते कि तरह चाट रहा था, वो सिसकने लगी…. “ऊह्ह ऊम्मम राहुल अब बुर चुसो ना मेरा रस झड़्ने वाला है. ” तो मै उसके मांसल बुर के फ़ांक को मुह्न मे लेकर चुभलाने लगा ! वो मेरे बाल को कसकर पकड़े मेरे सर को अपने बुर की ओर धंसाने लगी, फ़िर उसकी चुत से पानी आने लगा तो मै जिभ से उसकी बुर को चाटकर रस का स्वाद लिया ! अब रानी चुदने को आतुर थी तो मै उसको ज़मीन पर खड़ा किया, वो अपने दोनो कोहनी को टेबल पर रखी और उसके चुत्तर के पास मै खड़ा था, मेरा हाथ उसके पिठ पर गया और ब्रा की ड़ोरी को खोल दिया ! रानी की दोनो चुचि सिने से झुल रही थी और वो चौपाया जानवर की तरह खड़ी थी, उसके दोनो पैर को और फ़ैलाया, फ़िर उसके बुर के मुहाने पर सुपाड़ा रखकर जोर का धक्का बुर मे दिया, अभी आधा लंड़ रानी की बुर मे था तो मै उसके कमर को थामे जोर का एक और झट्का बुर मे दे दिया ! रानी की बुर मे मेरा मुसल लंड़ तेज गति से चुदाई कर रहा था और वो अपने नितम्ब को हिला ड़ुलाकर मस्त हो रही थी, मेरा लंंड़ उसकी गिलि बुर के अंदर बाहर हो रहा था तो वो अपने गोल गुम्बदाकार गांड़ को आगे पिच्हे करते हुए चुदवा रही थी, मै उसके सिने से झुलते चुचि को दबाता हुआ रानी की तेज चुदाई कर रहा था ! 5-7 मिनट की चुदाई के बाद उसकी चुत आग हो चुकि थी तो वो सिसकने लगी…… “आह्हह ऊम्मम राहुल अब बुर की आग शांत कर दो ना

(राहुल) इतनी जल्दी क्या है जानु अभी तो लंड़ 10-15 मिनट तक तेरी बुर चोदेगा

(रानी) तो चोद ना रे मेरी बुर को क्या फ़र्क पड़्ता. ” लेकिन मै अपना लंड़ बुर से निकालकर बाथरूम गया !

रानी एक बोट्ल बियर लेकर सोफ़ा पर बैठी हुई थी तो मै उसके बगल मे बैठ्कर बियर पीने लगा, इधर मेरे लंड़ को ब्रेक भी मिल गया और फ़िर मै रानी के स्तन को मुह्न मे लेकर चुभलाता हुआ स्तनपान कर रहा था तो उसकी दुसरी चुचि को मसल रहा था ! रानी मेरे लंड़ को सहलाने लगी और फ़िर सोफ़ा पर ही कुत्तिया की तरह हो गयी, मै उसके भारी भरकम चुत्तर के सामने होकर लंड़ को बुर मे पेला और फ़िर दे दनादन लंड़ पेलने लगा ! रानी अपने चुत्तर को आगे पिच्हे करते हुए चुद रही थी और मै अब झड़्ने के करीब था, पल भर बाद चिंख पड़ा……. “ऊह्हह ऊम्मम रानी ले बे साली कुत्ति मेरे लंड़ का विर्य आह मेरा गिरा. ” और फ़िर उसकी चुत मे विर्यपात कराकर शांत पड़ गया !

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Linga11

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