दीपा दीदी की सहेली राखी

हेलो मित्रो,

राहुल मल्होत्रा ने यदि दर्जनों चूत चोदी है तो वो आप लोगो को इससे वाकिफ भी कराता आया है, एक साल में ही लग रहा था कि सब कुछ मिल गया। अब हस्त मैथुन को जगह लड़कियों और औरतों को चोदकर मजा ले रहा था, मेरी दीपा दीदी दिल्ली मै रहती थी और उसकी सहेली राखी से मेरे जिस्मानी संबंध थे। मै कल शाम ही दिल्ली पहुंचा और फिर दीदी और जीजा के साथ बाहर खाने के लिए एक रेस्तरां गए। रात तो थकावट और मजबूरी में बीत गई, न ही दीदी को पेल सकता था और ना ही उनकी सहेली राखी के घर चोदने के लिए जा सकता था । अगले सुबह उठकर फ्रेश हुआ और दीदी से बचकर राखी को फोन किया….. “हैलो राखी कैसी हो?

(राखी) ठीक हूं, वैसे दिल्ली कब आ रहे हो?

(राहुल) अभी तो प्लान नहीं है लेकिन क्या बात है?

(राखी) सब समझकर नासमझ मत बनो

(राहुल) एक घंटे में तेरे साथ ही हूं जानू । ” और वो काफी खुश हुई, एक शादी शुदा लड़की भी गैर के साथ मजे करना चाहती है तो बिन ब्याही लड़की भी लड़के से सील तुड़वा लेती है और लड़के भी अपना लंड औरत हो या लड़की, उसकी बुर में पेलता चाहते है, ये हकीकत है कि काम क्रिया की तड़प १८-१९ साल की अवस्था से ही लड़के/लड़कियों में होती है और माडर्न समय में लड़के/लड़कियां सेक्स को प्राथमिकता देते है।

मै तकरीबन १०:०० बजे सुबह दीदी के घर से दोस्त से मिलने के बहाने निकला और अपार्टमैंट से बाहर आकर एक वाईन शॉप गया, वहां एक केन बियर लिया और सड़क किनारे ही गट गटा कर पी गया, फिर मै राखी के फ्लैट पर पहुंचा तो दरवाजा बंद था और मै दरवाजा को नॉक किया तो कुछ देर में दरवाजा खुला, राखी पीले रंग के साड़ी में मस्त लग रही थी, बोली….. “अंदर आओ

(मै अंदर आया तो वो दरवाजा बंद करके) बैठो राहुल अभी आती हूं। ” और वो मेरे सामने से चुतर को हिलाते हुए किचन कि और चली गई, मै डायनिंग हाल में सोफ़ा पर बैठे हुए राखी का इंतज़ार कर रहा था तो वो एक बोतल बियर और दो ग्लास लेकर आई, अब दोनों करीब बैठे हुए बियर की चुस्की लेने लगा तो मेरी नजर उनके छाती पर थी, वो डीप गले के ब्लाऊज को पहन रखी थी तो उसके स्तन का ऊपरी भाग दिख रहा था, साथ ही उनकी सांसों के साथ चूची ब्लाऊज फाड़ने को तैयार थी। मै एक गलास बियर पीकर अपना हाथ उनके मोटे जांघों पर रखा और सहलाता हुआ, उसके करीब खिंसका और अपना दूसरा हाथ उसके गर्दन पर लगा कर, उसके चेहरे और ओंठो को चूमने लगा। राखी अब मेरी बाहों मै आ चुकी थी तो मै उसको अपने जांघ पर बिठाकर ओंठ चूसने लगा, वो मेरे गर्दन में बाहें डाल चुकी थी और अपने बाईं चूची को जबरदस्ती मेरे छाती से रगड़ रही थी । राखी की ओंठ चूसता हुआ अपना जीभ उसके मुंह में डाल दिया तो वो मेरे जीभ को चूसते हुए मेरे से लिपट गई । अब राखी का पूरा गान्ड मेरी गोद में था, मै उसके पीठ को सहलाने लगा, तो उसके पीठ पर मात्र ब्लाऊज की डोरी थी और उसे भी खोलकर मै उससे चिपका रहा, उसकी दोनो चूची मेरे सीने से चिपकी हुई थी । वो मेरे जीभ को निकाल दी और अपने सर को मेरे कंधे पर रख दी, मै उसके ब्लाऊज को बाहों से निकालकर छाती से अलग कर दिया और ओंठ चूमते हुए बोला…. “रानी जरा तुम खड़ी हो जाओ । ” और राखी मेरे सामने खड़ी हुई तो मै उसके साड़ी को खोलने लगा, मात्र ब्रा और पेटीकोट में सेक्सी दिख रही थी तो मै सोफ़ा पर बैठे बैठे उसके साया के नाड़ा को खोल दिया और साया जमीन पर थी तो राखी की बुर नग्न थी । अब मै उसको करीब किया और उसके एक पैर को सोफ़ा पर रख दिया, उसकी चूत पर छोटे छोटे बार थे तो बुर के दोनों फांक अलग और ब्रेड पकोड़ा की तरह फूली हुई थी । मै राखी के कमर को थामे अब उसकी बुर की फांक पर ओंठ घुमाने लगा, उसकी बुर के ऊपरी सतह को चूमता हुआ मस्त हो रहा था तो राखी अपनी उंगली बुर पर लगाकर बुर को फैलाई और मेरा जीभ उसकी बुर को कुरेदने लगा, कुत्ते की तरह लपालप जीभ अंदर बाहर करता हुआ राखी की बुर चोदने लगा, मेरा लंड कच्छा के अंदर टाईट हो चुका था । कुछ देर बाद राखी की बुर के फांक को मुंह में लेकर चुभलाने लगा, वो मेरे बाल पर हाथ फेर रही थी…… “उई मां बुर में इतनी खुजली आह दांत मत लगा कुत्ते. ” और पल भर बाद मै बुर को छोड़कर बाथरूम भागा, मेरा लंड पेंट और कच्छा के भीतर कैद था, तभी राखी बाथरूम आई और मै खड़े खड़े मूतने लगा तो वो फर्श पर ही टांग चिहारेे छरछर मूतने लगी।

दोनों डायनिंग हाल में थे तो वो मेरे बगल में बैठकर दुबारा बियर गलास में भरने लगी, तो मै उसके नग्न स्तन को मसलने लगा, वो मुझे गलास थमाकर अपना एक हाथ मेरे पैंट पर लगाई और बियर पीते हुए मेरे शर्ट और पैंट खोल दी। वो मेरे कच्छा को नीचे करने लगी और मेरे मूसल लंड को थामकर एक और घूंट बियर का पीने लगी, अब जमीन पर बैठकर मेरे लंड के ऊपर चुंबन देने लगी। पल भर बाद राखी अपने गलास को हाथ में ली और उसमे बचे बियर को मेरे लंड पर गिराकर अब अपने जीभ से मेरे लंड को चाटने लगी, उसका जीभ मेरे लंड के जड़ से सुपाड़ा तक नाचने लगा, मेरे लंड को ऐसे चाटने लगी मानो आइस्क्रीम चाट रही हो जबकि मेरा हाथ उसके बूब्स पर था । वो लंड पर लगे बियर को चाटकर मुंह में लंड भर ली, अब वो लंड को मुंह में भरकर मुंह का झटका लन्ड पर देने लगी, मै चिल्लाने लगा…… “आह ओह उह राखी अब लंड चूसना छोड़ो साली चोदना भी तो है. ” पल भर बाद लंड को मुंह से बाहर करके साली ज़मीन पर घोड़ी बन गई तो मै सोफ़ा पर से उठा और उसके गोल गान्ड के सामने खड़ा हो गया, अब अपना लंड थामे उसके कमर को कसकर पकड़ा और सुपाड़ा सहित आधा लंड बुर में घुसाने के बाद धीरे धीरे चुदाई करने लगा, तो वो पीछे मुड़कर बोली…. “राहुल तुम्हारे लंड की लम्बाई आधी लग रही है, क्या बात है ?, इतने में मै उसकी बुर में ज़ोर का झटका दे दिया और पूरा लंड बुर में घुस गया, तो मै उसके कमर को थामे जोर का झटका बुर में देने लगा और वो चिंनख उठी…… “उई मां मेरी बुर फ़ाड़ देगा क्या

(राहुल) क्यों साली रण्डी अब समझ में आया कि मेरा पूरा लंड किधर था चल अपनी गान्ड हिला । ” राखी डायनिंग टेबल पर अपने कोहनी को राखी थी तो उसके दोनों टांग दो दिशा मै थे और उसकी गान्ड की ओर से बुर चोदता हुआ मै उसके सीने से लटकते चूची को दबा रहा था, वो अब अपने गान्ड को हिलाने लगी और मै पूरी गति से चोद रहा था। मेरे लंड का हाल खराब था तो वो बुर की आग से परेशान थी……. “आह राहुल अब बुर की आग बुझा दो

(राहुल) ये को बे रण्डी अपनी बुर को रस पिलाओ । ” और मेरा लंड बुर में वीर्य गिराकर शांत पड़ गया तो राखी मेरे लंड को मुंह में लेकर चूस ली ।

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Linga11

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