नेहा की मस्त चुदाई

मै राहुल सक्सेना, बी ए ( द्वितिय वर्ष) का छात्र, लम्बाई 5 फ़ीट 11 इंच, चोड़ी छाति और 7-8 इंच लम्बा 2 इंच मोटा लंड़ ! तकरिबन 6-7 महिने से चुदाई की लत लगी है तो लंड़ को बुर का स्वाद मिला, अपनी बड़ी दिदि दिपा को चोदा तो मेरे लंड़ को पहली बार बुर के अंदर का एह्सास मिला, फ़िर क्या था…. चचेरी बहन रेखा के बुर का सील तोड़ा तो चाचि और बुआ को चोदने का मौका मिला ! यहा तक की अपनी मम्मी नेहा के बुर को भी चोद ड़ाला और उनकी सहेली माया और कामिनि तक की बुर कुटाई कर ड़ाली ! मेरा मुसल लंड़ सबको पसंद पड़ा था और मुझे भी दिदि हो या मम्मी किसी की बुर चोदने मे कोई संकोच नही था ! एक सुबह जब पापा घर से अपने काम पर निकले तो मै भी कालेज के लिये निकला लेकिन बाज़ार जाकर एक बोतल बियर खरीद लिया और रास्ते मे ही पीकर घर आ गया !

घर का दरवाजा खुला था तो नौकरानी झाड़ु लगा रही थी, मै सिधे अपने रूम गया और कपड़ा खोलने लगा तो मेरी मम्मी कमरे मे आई, तभी मै मात्र चड़्ही मे था की नेहा अंदर आई और बोली…… “क्या हुआ कालेज नही गये

(राहुल) वो पता चला की मेरा दो क्लाश आज नही होगा तो चला आया. ” मेरी मम्मी नेहा काले रंग़ के गाउन मे सेक्सी दिख रही थी तो उसके गाउन घुट्ने से भी उपर थे, आधे जङ्हा को नग्न देख सकता था ! वो मेरे सामने से कमर बल्खाते हुए चली गयी तो मै एक तोलिया कमर मे लपेटकर बाल्कोनी की ओर चला गया, नौकरानी किचन मे काम कर रही थी तो मम्मी कुर्सी पर बैठ्कर चावल से कंकड़ निकाल रही थी ! मै नेहा के पास कुर्सि पर बैठा और उनके बुब्स को पकड़ कर दबाने लगा, वो अपना काम करते हुए बोली…… “अब समझी तुम्हारे क्लाश को क्या हुआ है

(राहुल) जरुर ये क्लाश भी तो कई हफ़्ते से नही हुआ था

(नेहा) अनिता को जाने दो फ़िर करना. “लेकिन मै नेहा के स्तन को दबाता रहा, वो शायद ब्रा नही पहन रखी थी तो उसके मुलायम मांसल चुचि को मसलने का आनंद मै ले रहा था ! मम्मी के स्तन को पल भर बाद छोड़ दिया, अनिता बाल्कोनि मे आई और फ़िर……. “चाचि काम हो गया शाम को आउंग़ी

(नेहा) ठिक है. ” अनिता जब घर से निकल गयी तो मै घर का दरवाजा बंद करके वापस बाल्कोनी मे आया ! अब मै मम्मी के जाङ्ह पर हाथ रखकर हाथ को धीरे-2 अंदर की ओर घुसाने लगा, मेरा हाथ उनके कमर तक पहुंच चुका था तो मै मम्मी के हाथ से थाली लेकर ज़मीन पर रखा और उसके सामने कुर्सी पर बैठे हुए मै उसके गाल को चुमने लगा तो वो मेरे तोलिया मे हाथ घुसाकर लंड़ के उभार को टटोल्ने लगी ! मेरे लंड़ के उभार को नेहा चड़्ही पर से सहला रही थी तो मै उसके बुर को पेंटी के उपर से ही सहलाने लगा ! नेहा मेरे ओंठ को चुमते हुए बोली…. “राहुल अंदर चलो यहा ये काम ठीक नही. ”

हमदोनो हाल मे थे और मै नेहा को अपने सिने से लगाकर चुमने लगा, तो वो भी मेरे उपरी नग्न बदन को सहला रही थी, फ़िर वो मेरे तोलिया को खोल दी और तोलिया ज़मीन पर था तो मै मम्मी के ओंठ को चुसता हुआ उसके गाउन को कमर तक कर दिया ! नेहा का चुत्तर नग्न था, वो जी इस्टरिण्ग पेंटी पहन सिर्फ़ बुर को छुपा रखी थी तो नेहा मेरे मुह्न मे जिभ ड़ालकर मेरे चड़्ही को उतारने लगी, मै उसके जिभ को चुसता हुआ उसके नितम्ब को सहला रहा था, मेरी उंग़ली उसके गांड़ की दरार मे घुम रहा था तो नेहा अपने बुब्स को मेरे छाति से रगड़ रही थी ! पल भर बाद नेहा अपने जिभ को खिंच ली तो मै उनके गाउन को जिस्म से बाहर कर दिया, वो मात्र एक पेंटी पेहने खड़ी थी तो मै उनके स्तन को दबाता हुआ बोला…….. “क्यो बे रांड़ सिर्फ़ याकुब का ही लंड़ पसंद है

(मेरे लंड़ को हिलाते हुए) इससे बड़ा और कड़ा भी है, तुझे क्या चोदने से रोकती हु. ” और मै अपनी मम्मी को लेकर बेड़रूम चला आया, उसको बेड़ पर सुलाकर मै उनके उपर औंध गया और चुचि को मुह्न मे लेकर चुसने लगा साथ ही नेहा के स्तन को मसल रहा था तो वो सिसक रही थी…… “ऊह्हह्ह ऊम्मम्म राहुल मेरी बुर मे किड़े रेंग़ रहे है आह्ह. ” मै मम्मी के दुसरे चुचि को चुसता हुआ लाल कर दिया और फ़िर उनके कमर के पास जाकर बैठा !

नेहा के गददेदार गांड़ के निचे एक तकिया ड़ाला और उनको निहारता हुआ पेंटी उतार दिया, मेरी मम्मी दोनो जङ्हा को एक दुसरे पर चढाकर बुर छुपाने का भरसक प्रयास कर रही थी ! मै अब झुका और उनके जङ्हा जोकि काफ़ि चिकने और मोटे थे को चुमने लगा, नेहा की जङ्हा मानो केले की थम्ब सी मोटी और चिकनी थी, उसको चुमने लगा तो उसकी पकड़ जङ्हा पर ढीली पड़ते गयी, नेहा की जङ्हा दो दिशा मे होने लगा तो मुझे बुर दर्शन हुआ ! उनके पैर तक को चुमा और वो ‘आह्हह ऊह्हह्ह राहुल मेरी बुर मे इतनी खुजली हो रही है ‘ सिसक रही थी, मै अब अपनी मम्मी के दोनो जङ्हा के बिच चेहरा को कर दिया और मेद्हक समान फ़ुली बुर पर चुम्बन देने लगा ! मम्मी अपने बुर को हमेशा बार से मुक्त रख्ती थी और उसके दोनो फ़ांक मुरब्बे की भांती फ़ुली हुई थी, बुर को पल भर चुमा और मम्मी उंग़ली की मदद से अपने बुर को फ़ल्का दी तो मेरा जिभ बुर के भितर भग्नासा मे घुसने लगा, दोनो फ़ांक वो अलग रखी थी तो मै उस छेद को भी फ़ल्का दिया जिसमे जिभ घुसाकर चाट्ने का मजा ही अलग है, बुर के अंदर जिभ घुसाकर चाटता हुआ उसके नितम्ब को सहला रहा था तो मम्मी…. “ऊह्हह आह्हह्ह बुर को जिभ से ही चोदेगा क्या लंड़ को क्या हुआ

(राहुल बुर से जिभ निकाला) अबे साली रांड़ 2-3 दिन पहले ही तो याकुब से चुदी है

(नेहा) तो क्या हुआ मुझे रोज एक मस्त चुदाई चाहिये

(राहुल) ऊह्ह तो धंधा कर ना पैसा भी बनायेगी और दस लंड़ से चुदवा कर मजे भी लेगी. ” ये कह्कर मम्मी के बुर के फ़ांक को मुह्न मे ले लिया और चुसने लगा, अब मेरा लंड़ पुरी तरह से खड़ा हो चुका था !

दोनो बाथरूम जाकर फ़्रेश हुए और फ़िर मै बेड़ पर आ गया, एक मख्खन की टिकिया लेकर बैठा था तो मम्मी कोहनी और घुट्ने के बल होकर चुदने को तैयार थी ! मै अब मम्मी के नितम्ब के सामने बैठा हुआ गांड़ के छेद को उंग़ली से फ़ल्काने लगा फ़िर जिभ से चाट रहा था तो वो पिछे की ओर मुड़ कर बोली…… “क्या गांड़ मारने का विचार है

(राहुल गांड़ मे मख्खन घुसा कर उंग़ली करता हुआ) नही जानु एक साथ चुदाई और गांड़ की चुदाई भी. ” मै नेहा के गांड़ के मुहाने को जिभ से चाट्ने लगा और दरार मे मख्खन रगड़कर चिकना बना चुका था, कुत्ते की तरह मेरा जिभ नेहा के गांड़ के दरार को चाट रहा था तो मेरी उंग़ली गांड़ को कुरेदने मे लिन थी ! पल भर बाद मम्मी के गांड़ के मुहाने पर सुपाड़ा रखा और धीरे-2 लंड़ को गांड़ मे पेलने लगा तो वो’आह्हह्हह ऊह्हह्हह राहुल तेरा लंड़ तो लोहे की तरह कड़ा है आह्हह्ह जोर से पेलो ना फ़ाड़ दो मेरी गांड़’ तो मेरा आधा लंड़ गांड़ मे था और मै उसके कमर को थामे एक जोर का धक्का गांड़ मे दे दिया और मेरा लंड़ उसके मांसल गांड़ मे था और वो चिल्लाने लगी…. “ऊह्हह आह्हह्ह ओह राहुल तेरा लंड़ तो सहि मै मेरी गांड़ फ़ाड़ देगा जरा आहिस्ते-2 पेलो ना आह्हह बहुत मजा दे रहा है रे ” और मै नेहा की गांड़ चोदते हुए उसके चुत्तर को थप्पड़ से मार रहा था, मम्मी की गांड़ लाल हो चुकी थी और मेरा लंड़ पुरी गति के साथ उसकी गांड़ मार रहा था ! वो अब अपने कमर को हिलाते हुए मजा को दुना कर रही थी, मेरी मम्मी नेहा गांड़ु किस्म की औरत थी इसलिये गांड़ का आंतरिक मार्ग खुला हुआ था ! अब नेहा की गांड़ आग हो चुकी थी तो मै लंड़ को गांड़ से बाहर कर दिया और मम्मी चित लेट गयी !

नेहा एक सेक्सी और चुदककड़ औरत की तरह टाण्ग फ़ैलाये बेड़ पर थी तो मै उसके बुर के सामने घुट्ने के बल बैठा और लंड़ को बुर मे पेल दिया, पुरा लंड़ पेलकर नेहा को चोदते हुए स्तन मसल रहा था तो कमरे मे फ़चाफ़च की आवाज आ रही थी, उसकी बुर रस गिरा चुकी थी और मेरा लंड़ उस गिले बुर मे तेज चुदाई कर रहा था तो फ़चफ़च की आवाज कमरे मे गुञ रही थी, मै नेहा के जिस्म पर सवार होकर तेजी से चोदने लगा तो वो मुझे कसकर पकड़े अपने चुत्तर को उपर निचे करने लगी ! मुझे अपने बदन पर सुलाकर मम्मी अपने भारी बदन सहित मेरे भर को थामे हुए चुत्तर उच्हालने लगि और मुझे चोदने मे काफ़ि मजा आ रहा था ! उसकी चुचि मेरे सिने से रगड़ खा रही थी तो वो ओंठ चुमते हुए बोली…… “आअह्हह ऊह्हह्हह्ह राहुल कब तक माल झाड़ोगे

(राहुल चोदता हुआ) दिल करता है पुरे दिन चोदता रहु लेकिन अब मै आह्हह्ह ये लो पिला अपनी बुर को. ” मेरा लंड़ विर्य गिराकर बुर मे शांत पड़ गया तो मै उसके बुर मे लंड़ ड़ाले जिस्म पर आधे घंटा तक लेटा रहा !

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Linga11

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