बहु की 8 इंच के लंड से प्यास बुझाई

मैं नीरज आपको अपनी सच्ची कहानी सुना रहा हूँ मैं गुजरात का रहने वाला हूँ लेकिन हमारा परिवार पिछले 20 सालों से राजस्थान में रहता है मेरे छोटे भाई का नाम विकास है विकास वहीं गुजरात में ही नोकरी करता है उसकी पत्नी माया वो हमारे साथ यहीं पर रहती थी मुझे याद हे यह बात 15 नवम्बर की है उस दिन विकास छुट्टी पर आने वाला था माया उस दिन अच्छे से तेयार होई हुई थी वो हो भी क्यों नही आज उसकी प्यासी चूत को लंड मिलने वाला था विकास का बेडरूम मेरे पास वाले कमरे में ही था हम सब सो चुके थे तभी रात की 12 बजे मुझे हल्की हल्की आवाजें सुनाई दी मैंने उठकर सुना माया चिल्ला रही थी आआह्ह्ह आआअह्ह्ह आआह्ह्ह जोर से करो प्लीज ये सुनकर मेरे रोंगटे खड़े हो गये मुझे पता लग गया की माया बहुत चुदक्कड है उसको चुदाई की बहुत जरूरत है हो भी क्यों नही माया जवान थी और जवान औरत को दमदार चुदाई ही पसंद होती है और औरत हमेशा चाहती है उसे मर्द ताकत और जोर से चोदे और उसका अंग अंग ढीला कर दे पर उसकी लगातार मदहोस आवाजे सुनकर मेरा आठ इंच का लंड तनकर खड़ा हो चूका था करीब 10 मिनट बाद आवाजे बंद हो चुकी थी 10 मिनट औरत के लिए बहुत कम समय होता है लेकिन माया की मदहोस आवाजे मेरे कानो में गूंज रही थी सुबह जेसे ही माया को देखा रात की मदहोस आवाजे फिर से मेरे कानो में गूंजने लगी मेने देखा माया का बदन बहुत कामुक लग रहा था और सुबह ममैंने बाथरूम जाकर माया के नाम की मुठ मारी और 23 नवम्बर को विकास गुजरात चला गया अब मुझे माया को चोदना था मुझे पता था उसके बदन की गर्मी 2-3 में बढ़ जाएगी और फिर 27 नवम्बर को मैं रात के करीब 1 बजे उठा और माया के बेडरूम में गया और दरवाजा बंद कर दिया और जाकर माया के मखमली बदन के उपर सो गया और बिना देरी के माया के होटों पर किस करने लगा करीब 1 मिनट तक कोई हलचल नही हुई मैं समझ चूका था माया भी मेरे लंड से चुदना चाहती है और उसके मन में भी चुदने की ललक है और एक मिनट बाद माया के होठ हिलने लगे वो किस में साथ देने लगी और उसका बदन ढीला पड़ने लगा अब मेनेउसके सीने से साड़ी को हटा दिया उसके गोल गोल बूब्स दिखने लगे मैं पहली बार माया को ऐसे देख रहा था अब मेरा हाथ जोर जोर से माया के बूब्स को ब्लाउज के उपर से ही दबाने लगा और माया ‘ऊँ ऊँ ह्ह्ह म्म्म्म्म्म्म!’ करके गर्म सांसें छोड़ने लगी. फिर मैं ब्लाउज जल्दीबाजी में खोलने लगा कुछ बटन तो अँधेरे में खुल नही रहे थे तभी माया ने ब्लाउज के सारे बटन खोलकर ब्रा का हुक भी खोल दिया मेने ब्रा और ब्लाउज को उतार कर साइड में कर दिया अब माया ऊपर से नंगी हो गयी उसके गोल गोल बूब्स उफान मार रहे थे मैं माया की गोल गोल चुचियाँ देख के आपा खो बेठा और हाथ से जोर जोर से दबाने लगा
अब नीचे साड़ी और पेटीकोट के नीचे माया की चूत में भूकंप आ रहा था इस तरह से जोर जोर से अपनी बूब्स दबाने से वो बहुत गर्म हो चुकी अब मेने साड़ी निकाल दी और पेटीकोट का नाडा खोल दिया मेने निचे के कपड़े निकाल के रख दिए और पेंटी को माया की चिकनी जाघो से अलग कर दिया अब मेरी नजरें माया की चूत पर टिक गयी मैंने माया की दोनों टाँगे घुटने से मोड़ ली और माया की चूत चाटने लगा माया तो चहक उठी सायद उसको बड़ा सुकून मिल रहा था मैं आपको नही बता सकता हूँ की मुझे उस समय कितना आनद आ रहा था फिर मेने मेरा लंड माया के मुह की तरफ कर दिया और में माया की छुट की तरफ आ गया माया ने जेसे ही लंड हाथ में लिया वो पूरी तरीके हिल गयी और वो अपने हाथो से लम्बायीं और मोटाई नापने लगी फिर वो मुह में लेकर चूसने लगी मेरा लंड अब बेकाबू होने लगा इधर से में माया की चूत चाट रहा था अब मेने अपने दोनों हाथ को अपने जीभ पर ले गए और मुँह का थोडा पानी ले लिया फिर अपने लंड को गिला किया फिर मेने चूत पर लौड़ा रखकर अंदर धक्का दिया लेकिन लंड अंदर नही गया लेकिन विकास अभी अभी चोद कर गया था लेकिन चूत टाइट थी अब धीरे धीरे धक्का लगाने लगा तो चूत में लौड़ा उतरने लगा माया के मुह से ‘आह अआह्ह्ह की आवाज निकली जेसे उसे बरसों बाद लंड मिला है अब लंड पूरा चूत की गहराई तक पहुंच चूका था अब में माया के नंगे बदन पर लेट गया और किस करने लगा माया भी पीठ पर हाथ रखकर किस में साथ देने लगी मुझे बहुत आनंद आने लगा अब माया को चुदाई का असली आनद देने की बारी थी अब मैं धीरे धीरे धक्के लगाने लगा और माया को मेने कसकर बाँहों में भर लिया था अब जेसे जेसे धक्के लग रहे थे माया अपने हाथो से मेरी पीठ को कसने लगी माया चाहती थी की मैं उसे मेरे मोटे लौड़े से गहराई से चोदु इसलिए माया ने अपनी दोनों टाँगे मेरी कमर में डाल दी इससे अच्छी पकड़ मिलने लगी और मैं माया को और गहराई से चोदने लगा माया की चूत गीली होने के कारण फच फच फच फच की आवाज आने लगी माया मदहोस होकर चुदवा रही थी मैं ऐसे ही माया की चूत में करीब 300 धक्के लगाये अब मेने तुरंत ही उस को उल्टा कर उस के बड़े बड़े चूतडो पर हाथ घुमाया अब माया औंधी लेटी थी अब मेने लंड को माया के मोटे चुतड खोल कर चूत में घुसाया और माया के उपर लेट गया मेरा बदन उस के बदन से पूरा सट गया अब में धक्के देने लगा माया की चूत में अब लंड पूरा नहीं जा रहा था तभी माया ने अपने चुतड उठा कर पूरा लंड चूत में ले लिया अब मैंने माया को अपनी गोद में खींच लिया और उसके बूब्स को अच्छी तरह मसलने लगा.उसकी नंगी नंगी पीठ और गर्दन को चूमने लगा माया का जवान बदन था और ऊपर उठे हुए बड़े बड़े गोल कुल्हे उसमे मेरा लंड घुसा हुआ था अब वेसे ही में माया को चोदने लगा माया ऐसे चुदवा रही थी जेसे वो बरसों से नही चुदी हो कुछ समय ऐसे चोदने से मैं उफान पर था तभी मेने पॉकेट से कंडोम निकाला और लंड पर चढ़ा दिया अब मेने माया को स्पून पोजीशन में लिया और लंड को 3 इंच ही डाला तभी माया ने अपने मोटे कुलहो को पीछे सरकाकर पूरा लंड चूत में ले लिया अब मैं माया के बूब्स पकडकर तेजी से उसे चोदने लगा माया के मुह से आआह्ह्ह आःह्ह की आवाज निकल रही थी अब मेने माया को 99 पोजीशन में लिया तभी लंड चुत के बाहर आ गया अब माया ने लंड को पकडकर चूत पर रखा और चुतड आगे करके पूरा चूत में ले लिया अब मैं माया के होटों को चूस रहा था वो अपने होठो को चला रही थी अब मैं धक्के मारते मारते उसके मोटे चूतडो को भींचने लगा अब माया को मेने बाँहों में भर लिया माया ने भी अपने हाथ पीठ पर रख दिए अब माया के गोल गोल बूब्स मेरे सीने से दब रहे थे अब मैं जोर जोर से माया की चूत में धक्के मारने लगा करीब 50 मिनट बाद मेरे लंड से पिचकारी छुट पड़ी माया का साँस भर आया था जेसे ही पिचकारी छुटी माया ने जोर से आन्हे भरी जेसे उसे सुकून मिला हो अब करीब 2.30 हो गये थे अब मेने माया का धीरे से बोला ऐसे ही रहना मैं 3 बजे वापस आ रहा हु अब 3 बजे जाकर फिर माया की चुदाई करी और फिर 4.30 पर आकर सो गया अब दूसरी रात में 11.30 पर चला गया तभी हाथ रखा तो देखा ब्लाउज और ब्रा के हुक खोल रखे थे और पेटीकोट का नाडा भी खोल रखा था और उस रात हमने तीन बार चुदाई की हमने ऐसे ही 1 दिसम्बर तक तीन तीन बार चुदाई की 5 दिनों में माया 14 बार चुद चुकी थी अब माया और मुझे चुदाई में संतुस्टी मिल रही थी 1 दिसम्बर की रात मेने माया को बोला अब जब भी चुदवाना हो मुझे मिसकॉल कर देना अब माया जब भी मिसकॉल करती है तब दमदार चुदाई करते है और अब मैं माया की चुदाई का कोई मोका नहीं छोड़ता हूँ.

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