बुआ बिनिता की बुर चुदाई

बुआ बिनिता को नग्न स्नान करते देखा था, 28 साल की खुबसुरत औरत मेरे घर मे थी लेकिन मेरे रिश्ते मे मेरी बुआ, बुआ कि लम्बाई 5’4 फ़ीट, गोरा रंग़, बड़ी-2 चुचि, चिकने जाङ्ह जोकी मोटे और चिकने थे साथ मे उनकी चिकनी चुत, जिसपर बार का नामो निशान नही था ! बुआ की मांसल चुत्तर और उसके दो फ़ांक देख किसी भी मर्द का मन उसकी गांड़ मारने को करेगा ! बुआ को नण्गे नहाते देखा था, उस दिन तो बुआ को घुरने मे ही बित गया !

अगले सुबह बुआ मेरे साथ बाइक पर सवार होकर घर से निकल पड़ी, उनको लेकर बाज़ार पहुंचा और बुआ मेरे साथ खरीददारी करने लगी ! हमदोनो एक कपड़ा के दुकान मे घुसे और बुआ….. ” जरा कोई ब्रा और पेंटी दिखाना बिल्कुल नये ड़िजाएन के

(दुकानदार) लेकिन मैड़्म आपकी साइज

(बुआ) 26 कि कमर है और ब्रा 34 की निकालो. ” मै बुआ के खरीददारी से सदमे मे था, अपने भतिजे के साथ ब्रा और पेंटी खरीदने मे मस्गूल थी ! फ़िर वो बोली……. “राहुल तुम्हे कुच्ह खरीदनी है

(राहुल) नही बुआ चलिये एक -2 कप कोफ़ी हो जाये. ” बुआ मेरे साथ काफ़ी पीने लगी और मेरी नजर उनके चुचि पर ही बार-2 जाने लगी तो कभी उनके नग्न पेट और गहरी नाभी पर ध्यान जाने लगी ! दोपहर के 12:15 बजे दोनो घर कि ओर निकले, बुआ मेरे से चिपक कर बैठी हुए थी और मेरे पिठ को उनके बड़ी-2 चुची का एह्सास मिलने लगा ! वो जानबुझकर अपने मांसल चुचक को मेरे पिठ से रगड़्ने लगी, बिनिता का हाथ मेरे कमर पर था लेकिन कभी-2 मेरे लंड़ के उभार पर चला जाता था, मै बाइक पर बुआ से मजे ले रहा था ! विजय नगर चौराहे पर बाइक रोक कर बोला…. ” बुआ घर चलना है या कही और

(बुआ) किसी सुनसान जगह पर ले चलो मुझे पिसाब लगी है. ” मै बाइक देल्ही हाईवै पर दोड़ाने लगा और फ़िर बुआ को लेकर एक सुनसान रास्ते कि ओर चला गया !

नदि के किनारे बाइक लगाकर हमदोनो उतरे, तो बुआ मेरी ओर देखते हुए बोली…… “तुम यही पर रुकना मै अभी आती हू. ” मै बाइक के पास बैठ गया जबकी बुआ मेरे से थोड़ी दुरी पर जाकर जमीन पर मुतने के लिये बैठ गयी, वो अपने साड़ी और साया को अपने कमर तक करके छर-2 मुतने लगी जबकी मुझे उनके नग्न चुत्तर का दिदार हुआ ! अब बुआ मेरे करीब आकर बैठी और मेरे कंधे पर अपने हाथ ड़ालकर बोली….. ” मुझे पिशाब लगी थी तो इसके लिये इतनी दुरी मुझे लेकर आये, क्यो?

(राहुल) बुआ ऐसा है चलते है

(बुआ) तो क्या देख कर ही मन भर गया. ” मै बुआ के बात को समझ्ते हुए उनके चुची पर हाथ लगा दिया और जोर-2 से मसलने लगा, अब बुआ मेरे से चिपक गयी और उसके चुची मेरे सिने से चिपकने लगे ! बुआ मेरे गाल को चुम्ने लगी तो मै उनके गर्दन को चुमता हुआ उनके पिठ और नितम्ब को सहलाने लगा, बुआ अब मेरे मुह्न मे अपना जिभ घुसा दी और मै उनके जिभ को चुसता हुआ मजा लेने लगा ! बिनिता पल भर बाद जिभ बाहर करके मेरे कंधे पर अपना सर रख दी…… ” राहुल यही पर मुझे चोद लो. ”

मै बुआ को खड़ा होने बोला और उनके सामने घुत्तने के बल बैठ्कर उनके साड़ी साया को उपर की ओर करने लगा ! वो खुद ही अपने निचले हिस्से को नण्गा कर दी और जङ्हा को फ़लका कर बुर का दिदार कराने लगी ! मै बुर को चुम्ने लगा और बुआ के चिकने चुत्तर को सहलाता हुआ बुर के दरार मे अपना जिभ ड़ाला और बुर को कुरेदने लगा, बुआ बुर फ़लकाये खड़ी थी और मेरा जिभ उनके बुर को चोद रहा था ! बुआ मेरे बाल को पकड़े को चिखने लगी….. “अबे कुत्ते सिर्फ़ चाटता रहेगा या चोदेगा भी ” और मै उठकर खड़ा हुआ, अब अपने जिंस को खोला और मेरे मुसललंड़ को देख बुआ अपने ओंठो पर जिभ फ़ेरने लगी ! अब हमदोनो एक दुसरे के सामने खड़े थे, बिनिता अपने दोनो पैर को फ़लकाय्रे मेरे लंड़ को पकड़ी और अपने बुर मे घुसाने लगी, 1/2 लंड़ बुर के अंदर था और खड़े-2 मै निचे से बुआ कि बुर मे जोर का धक्का का दिया, पुरा लंड़ बुर के अंदर था और दोनो एक दुसरे से चिपके खड़े-2 चुदाई का आनंद लेने लगे ! मेरा लंड़ बुआ की धीली बुर मे गपागप अंदर बाहर जाने लगा और मुझे काफ़ी मजा आ रहा था, बिनिता बुआ पर चुदास की भुत सवार थी और अचानक से उसके बुर से पानी टपकने लगा, पल भर के आराम के बाद बुआ अब बाइक के सहारे अपने चुत्तर को मेरी नज़र के सामने किये खड़ी हो गयी, थोड़ा आगे कि ओर झुकी तो मै बुआ की बुर मे गांड़ कि ओर से लंड़ पेबस्त किया और गिले चुत की चुदाई करने लगा, बिनिता अपने चुत्तर को आगे पिच्हे करने लगी और हमदोनो चुदाई का मजा ले रहे थे ! मेरा मुसललंड़ गरम हो चुका था और मै 15 मिनट की चुदाई करने के बाद चिंख पड़ा……… “आह्हह मेरा रस निकल गया बुआ आअह्हह. ” उसकी बुर मे विर्यपात कराकर अपना लंड़ बाहर किया फ़िर दोनो थोड़ी देर बाद घर वापस चले गये……..

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Linga11

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