मम्मी की बदन मालिश

नेहा की उम्र उसके शरीर से नही समझ आती, उसके गोरे चेहरे, रसिले ओंठ, मस्त बडी-2 चुचि और साथ मे गोल गुम्बदाकार गांड़ को देख उम्र का अंदाज़ लगा पाना कठिन है! मेरी मम्मी का बदन गठीला और चेहरा सुंदर है साथ ही वो अपने शरीर पर पुरा ध्यान देती है! उनके कांख हो या बुर उसपर बाल का नामो-निशान तक नही मिलता, लेकिन मेरी मम्मी नेहा दस घाट का पानी पी चुकी है और पड़ोस के कई मर्द से चुद चुकी है को जानकर ताजुब हुआ ! एक शाम अपनी मम्मी को चोदकर अपने लंड़ के प्यास को जरुर बुझाया लेकिन मन दुबारा करने को हो गया! दोनो एक दुसरे से दुरी बनाने लगे, एक चुदाई ने सम्बंध ही बदल ड़ाला और एक दोपहर जब मै अपने कमरे मे था तो मेरी मम्मी मेरे पास आई और बोली…… “राहुल तुम मेरे कमरे मे 5 मिनट बाद आना कुच्ह काम है. “ये बोलकर मम्मी चली गयी.

मै उनके कमरे मे घुसा तो उनको बिस्तर पर नण्गे सोये देख मेरा लंड़ फ़नफ़नाने लगा, वो उलटा लेटी हुई थी तो उनका गोल गुम्बदाकार नितम्ब को देख मुह्न मे पानी आ गया, बोला…. “बोलो मम्मी क्या काम है मुझसे

(वो चेहरा मेरे ओर की) काम करना है तुमको सिर्फ़ काम, समझे, मेरे बदन की मालिश

(राहुल) ओ के अभी तेल और मख्खन लाता हू. ” मै अपनी मम्मी के पास एक तेल की शिशी और मख्खन का टुकरा लेकर बैठा और उनके नितम्ब पर 2-3 थप्पड़ जड़ दिया…… “चलिये मैड़म सिधे लेटीये. ” नेहा चित होकर सो गयी और मै उनके जिस्म पर हथेली फ़ेरने लगा, वो एक कामुक औरत की तरह बेड़ पर नग्न अवस्था मे थी ! मै अब उनके चेहरे पर झुका और ओंठ चुमने लगा, उनके रसिले ओंठ को चुसता हुआ उनके एक चुचि को पकड़े दबाने लगा और नेहा अपना लम्बा सा जिभ मेरी मुह्न मे घुसाकर चुसवाने लगी ! मम्मी के जिभ को चुसता हुआ उनके मुलायम और मांसल चुची को दबाता रहा, फ़िर जिभ छोड़कर उनके गाल को चुमता हुआ मस्त हो रहा था! अब उनके गर्दन पर चुम्बन देने लगा तो वो सिसकते हुए बोली…. “ऊह्ह राहुल तुम मेरी बदन की मालिश करने की जगह काम ही करने लगे

(राहुल) ओह मम्मी जी आपने ही तो बोला की सिर्फ़ काम करना है, बदन कि मालिश के साथ और मजा भी लिजिये. ” ये कहते हुए नेहा के स्तन को चुसने लगा तो दुसरे स्तन को मसल रहा था! मेरे लंड़ मे गर्मी आ चुकी थी और मम्मी के दोनो स्तन को चुसकर मै अब निचे की ओर फ़िसला !

मेरी मम्मी के सपाट पेट के उपर ओंठ था और मै उनके जिस्म को चुमचुमकर कमर तक पहुंचा और अब दोनो जङ्हा को पुरी तरह से फ़लकाने लगा, वो बेशर्म औरत की तरह नण्गी सोई हुई थी ! अब उनके गर्दन से कमर तक तेल ड़ाला और अपने दोनो हथेली से उनके जिस्म का मालिश तेल से करने लगा, वो तड़पने लगी, उसकी दोनो चुचि को तेल से मालिश करता हुआ अब पुरे जिस्म पर हथेली रगड़ने लगा ! वो कामुकता के आगोश मे आकर दोनो पैर को बिस्तर पर रगड़्ने लगी ! अब मै अपनी मम्मी के नितम्ब के निचे एक तकिया ड़ाला और उनके दोनो पैर को दो दिशा मे कर दिया, अब उनके बुर पर हथेली रगड़्ता हुआ बोला…. “बदन की मालिश बिना अपने लंड़ को बुर के अंदर ड़ाले सम्भव है, तुम्ही बताओ, चुत की मालिश बिना लंड़ के कैसे कर पाउंग़ा

(नेहा) तो मना कर रही हु क्या, जो करना है करो. ” और मै अपना मुह्न उनके बुर पर लगाकर चुम्बन देने लगा, उनकी चुत फ़ुली हुई थी मानो ब्रेड़ पकोड़ा, उसको चुमता रहा तो नेहा उंग़ली लगाकर अपने बुर को फ़लका दी और मेरा जिभ उसकी बुर को चाट्ने लगा! मेरा पुरा जिभ मम्मी की चुत को चोद रहा था और वो सिसकने लगी ! अब मैने उसके बुर के फ़ाक को अपने मुह्न मे लिया और चुभलाता हुआ मस्त था जबकि नेहा सिसक रही थी……. “अबे कुत्ते बुर को अपने लंड़ से चोद ना आह्हह कितनी खुजली मेरी भतियान मे हो रहा है ! ” मै अब उनके दोनो जङ्हा से पैर तक को चुमंने लगा और अब बुर पर मख्खन के टुकरे को रगड़ने लगा, फ़िर कुत्ते की तरह बुर चुम चाट कर बुर मे एक साथ 2 उंग़ली घुसाया और अपनी मम्मी की चुत को कुरेदने लगा, साथ ही जिभ से बुर के उपरी सतह को चाट रहा था….. पल भर बाद वो मेरे उंग़ली को अपनी बुर से निकाल बाथरूम की ओर भागी और मै भी अंदर घुसा तो नेहा छर-2 मुतने लगी और दोनो वापस बेड़ पर आये!

मम्मी बेड़ पर पट लेट गयी और उनके पिठ पर झुककर चुमने लगा, तो वो सिसंक रही थी, मै कमर तक चुमा और फ़िर नेहा के गोल गुम्बदाकार चुतर की मालिश मखखन से करना लगा, उनके गांड़ के दोनो फ़ांक खरबुजे की फ़ांक की तरह थी और मै उस दरार मे मख्खन लगाने लगा! नेहा के चिकने चुत्तर को जिभ से चाट रहा था, फ़िर गांड़ के दरार मे जिभ रगड़्ने लगा, वो अपने बदन को बिस्तर पर रगड़ने लगी और मै नेहा के गांड़ के मुहाने को जिभ से चाट्ने लगा, वो चिखने लगी….. “अबे साले अब मुझे चोदो बहुत मालिश कर दिये

(राहुल) जरुर अभी चोदता हु. ” अब 42 साल की गदराई माल बेड़ पर चित लेटी हुई थी, उसके दोनो जङ्हा के बिच बैठ्कर मै बुर मे सुपाड़ा को घुसाया और धीरे-2 पुरा लंड़ बुर मे ड़ालकर चुदाई करने लगा ! वो अब मुझे अपने बदन पर सोने को बोली तो मै उसके तेल से चमकते जिस्म पर सवार होकर चुदाई करने लगा, नेहा अपने चुत्तर को उपर निचे करते हुए मस्त थी और मेरा लंड़ उसकी बुर मे तेज गति से आ जा रहा था! नेहा को चोदकर मेरा लंड़ गरम होने लगा और वो अपने गददेदार गांड़ को उपर निचे करते हुए चुदवाने लगी ! मै उनके ओंठ और गाल को चुम रहा था, उसके दोनो स्तन मेरे छाती से दबे हुए थे और मेरा लंड़ गपागप बुर मे आ जा रहा था, तभी मम्मी चिंख पड़ी…… “राहुल और तेज चोदो ना बुर से पानी आने पर है. ” और उसकी चुत से पानी फ़ेंक दिया ! मै अब अपने जिभ से बुर का रस चाट्ने लगा और फ़िर नेहा बेड़ पर कुत्तिया कि तरह हो गयी, उसके गांड़ की ओर से बुर मे लंद ड़ालकर चोदता हुआ उसके कमर को पकड़े हुए था, वो अपने गांड़ को हिलाने लगी और मै अब झड़्ने के करिब था ! 12-15 मिनट तक चोदता रहा फ़िर विर्य बुर मे स्खलित हो गया, तभी मम्मी मुस्कुरा कर बोली……. “लेकिन राहुल गांड़ की मालिश तो बाकि रह गयी

(राह्लल)कल कर दुण्गा समझी बे रांड़. “

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Linga11

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