मेरी कामुक चाची – भाग 3

बबिता मेरे से चुदकर खुश थी लेकिन अभी तो पुरी रात बाकी थी ! शाम 7:15 बजे होटल के बेरा को बुलाकर बियर लाने को कहा और फ़िर हम दोनो बारी-2 से बाथरूम घुसकर फ़्रेश हुए! बबिता एक गाउन पहनकर अपने जिस्म को धक्क रखी थी और थोड़ी देर बाद बेरा दो बोतल बियर लाकर रख दिया और हम दोनो ने उसे खाना का भी मेनु बता दिया ! वो जब चला गया तो बबिता उठ्कर दरवाजा बंंद कर दी, अब 10:00 बजे रात तक कोई हमदोनो के कमरे मे आनेवाला नही था ! मै कमरे के अंदर की कुर्सी पर बैठ्कर बियर पिने लगा तो बबिता मुझे देखकर मुस्कराई….. ” राहुल क्या अकेले-2 बियर पियोगे या

(राहुल) ओह आप भी पिती है तो इधर आइये. ”

दोनो कुर्सी पर बैठ बियर पिने लगे और मै उसके गाउन को कोहनी के पास पकड़ा और धीरे-2 उपर कि ओर सरकाने लगे, उसका गाउन जब कमर के पास आ गया तब वो मेरे सामने खड़ी होकर गाउन को अपने बदन से निकाल दी ! अब बबिता पुरी तरह से नग्न थी और मै बियर पिकर मस्त हो चुका था, उसके सामने खड़ा हुआ और अपने सिने से लगाकर चुमने लगा ! दो नग्न बदन एक दुसरे से लिपटे हुए थे, तभी बबिता अपने जिभ को मेरे मुह्न मे ड़ालकर मेरे सिने से चुची रगड़ने लगी, उसके जिस्म पर हाथ फ़ेरता हुआ मै उनके चुत्तर के फ़ांक के बिच उंग़ली रगड़ने लगा, पल भर बाद बबिता मुझसे अलग खड़ी थी ! मै उसको सर से पैर तक निहारने लगा और वो शरमा रही थी, तभी उसके कमर को पकड़े दोनो बिस्तर पर आ गये ! बबिता मुझे बेड़ पर लिटाकर मेरे बदन पर लेट गयी और अपने रसिले ओंठो से मुझे चुमने लगी, मेरे चेहरे को चुमते हुए अपना ओंठ मेरे ओंठ पर रख दी और मै अपना जिभ उनके मुह्न मे ड़ाल दिया और बबिता मेरे जिभ को चुसते हुए अपने स्तन को मेरे सिने से रगड़ रही थी ! मेरा हाथ उनके भारी भरकम नितम्ब को सहलाने लगा और एक उंग़ली उनके गांड़ के गरम छिद्र मे घुसा कर हिलाने लगा, वो पल भर बाद मेरे जिभ को निकालकर मेरे छाती को चुमने लगी और चाची मेरे सोये लंड़ को भरसक जगाने का प्रयास कर रही थी ! वो मेरे नग्न बदन को चुमते-2 कमर तक जा पहुंची और मेरे लंड़ मे अब जान आने लगा जबकी चाची मेरे मोटे-2 जाङ्ह को चुमने मे मस्गुल थी, वो एक तकिआ मेरे चुत्तर के निचे ड़ालकर मेरे गांड़ के छिद्र को उङ्ली से कुरेदने लगी ! उनकी एक उंग़ली मेरे गांंड़ को कुरेद रही थी और मेरा लंड़ अब जागने लगा, पल भर बाद चाची अपने जिभ से मेरे गांड़ को चाट्ने लगी और मेरा लंड़ अब काफ़ि तेजी से खड़ा होने लगा, पल भर बाद वो बाथरूम भागी तो मे भी मुत्ने गया, चाची अपना ताण्ग फ़ैलाये बुर बिचकाये छर-छर मुत रही थी, फ़िर वो अपने बुर को साबुन से साफ़ की और दोनो बेड़ पर थे !

मेरा मन चाची की गांंड़ मारने को हो रहा था, अब बेड़ पर वो लेट गयी और मै उनके नितम्ब के निचे तकिआ ड़ालकर उनके दोनो पैर को दो दिशा मे किया और गांड़ की छिद्र को फ़लकाकर अपने जिभ से चाट्ने लगा, जबकी मेरा एक उङ्ली उनके चुत मे था, गांड़ के मुहाने से थोड़ा अंदर तक जिभ घुसाकर चाटता हुआ मै उसकी बुर को उङ्ली से कुरेद रहा था और अब बबिता की गांड़ छोड़कर बुर को फ़लकाया और अपना जिभ उसके अंदर ड़ालकर बुर चोदने लगा ! चाची एक चुदक्कर औरत थी और उसका बुर काफ़ि लोचदार हो चुका था, लगभग 8 साल से तो चुदाई का लाइसेंस इनको मिल चुका था और अब चाची की बुर के दोनो रान को मुह्न मे लेकर चुसने लगा और वो पल भर बाद रस झाड़ दी ! बबिता की बुर का रस पिकर मै उसके मुह्न के पास जा बैठा और अपना लंड़ पकड़े उसके ओंठ पर सुपाड़ा रगड़्ने लगा और वो रांड़ अपने मुह्न को नही खोली तो मै उनके मुह्न मे जबर्दस्ती लंड़ घुसेड़ दिये और बबिता चाची सोये-2 लंड़ को मुह्न मे भरकर ऐसे चुभला रही थी मानो लोलिपोप चुस रही हो, पल भर बाद लंड़ पर जिभ फ़ेरने लगी और मेरा लंड़ अब चुदाई के लिये तय्यार था !

बबिता को बेड़ पर कोहनी और घुटने के बल किया और उनके गोल गुम्बदाकार नितम्ब के सामने लंड़ पकड़ कर हो गया, बुर और गांड़ के दो छिद्र मेरे सामने थे तो मै सुपाड़ा को बुर मे घुसाकर उनका कमर थामा और जोर का झट्का दे दिया, मेरा पुरा लंड़ बुर मे था और बबिता चिंख पड़ी…… “आह्हह है रे चोदु कितना मोटा लम्बा लंड़ है तेरा आह

(राहुल) चुपचाप चुदवा साली चिंख तो ऐसे रही है जैसे अभी इनका सील तोड़ रहा हु. ” और मेरा लंड़ बुर को तेजी से चोदने लगा तो साली रांड़ अपने गांड़ को हिलाहिलाकर चुदाई का मजा दुना कर रही थी! मेरा मुसललंड़ चाची के चिकने और गिले चुत मे गपागप आ जा रहा था और दोनो चुदाई मे मसगूल थे, बबिता को चोदकर मुझे मजा तो आ रहा था लेकिन मेरा मन उसके गांड़ पर थी ! बबिता के गांड़ का मुहाना देख समझ चुका था की ये गांड़ु किस्म की औरत है, फ़िलहाल उसको चोदता हुआ उसके सिने से झुलते चुची को पकड़कर मसलने लगा, 7-8 मिनट कि चुदाई मे ही उसकी बुर आग हो चुकी थी और मेरा लंड़ बुर की गहराई को मापने मे लगा हुआ था, अब चाची चिखने लगी…… “आह्ह राहुल बुर मे आग लगी हुई है कब रस फ़ेंकोगे. ” लेकिन मै चोदता रहा और वो पल भर बाद बाथरूम चली गयी, अब बेड़ पर लेट्कर लंड़ का इंतजार करने लगी और मै उनके बुर मे लंड़ पेलकर चोदने लगा और बबिता के जिस्म पर सवार हो गया, वो मुझे कसकर पकड़ ली थी और अपने चुत्तर को उपर निचे करते हुए चुदवा रही थी, मै उनके गाल को चुम रहा था और 15 मिनट कि चुदाई के बाद लंड़ विर्य स्खलित कर दिया और चाची का बुर विर्य से भर गया, दोनो नग्न सोये रहे…….

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Linga11

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