मेरी कामुक चाची

मेरी छोटी चाची बबीता मेरी चोरी पकड़ चुकी थी, उनको नग्न अवस्था मे स्नान करते देखकर अपना लंड़ झाड़ा था ! उसको चोरी छिपे स्नान करते देख तो लिया, लेकिन वो आखिर मे मुझे देख ली थी ! दोपहर को सबलोग साथ मे खाना खाये और फिर सब अपने -2 कमरे मे आराम करने लगे, लेकिन चाची मेरे कमरे मे आ गयी……. “अरे चाची आप मेरे कमरे मे

(बबिता) इतना चौंक क्यो गये, छुप-2 कर तो बहुत मजा ले रहे थे अब सामने आ गयी तो तेरी फ़ट क्यो रही है

(राहुल) आप गलत सोच रही है, मेरी क्यो फ़टेगी आप की तो. ” और वो मेरे बेड़ पर बैठ गयी ! चाची को घुरता हुआ मै बेड़ पर एक किनारे हो गया और आराम से लेट गया !

चाची भी एक किनारे मे लेट कर आराम करने लगी, फ़िर वो करवट होकर मुझे निहारने लगी ! वो मेरी ओर खिंसक रही थी और मेरी नज़र उनके स्तन पर मानो टिक सी गयी थी, मै चाची को आहिस्ते से बोला…. ” दरवाजा खुली है आप इधर मत आइए

(चाची) क्या दिक्कत है तुम्हे. ” और वो मेरे काफ़ी करीब थी, फ़िर क्या था मेरा हाथ उनके स्तन पर चला गया और मै उनके चुचि को मसलने लगा ! वो मेरे करीब कामुकता की वजह से ही आई थी, उनके गाल को चुमने लगा और चुचि को मसल रहा था, उनके चेहरे को चुमता हुआ गोलाई को थामे जोर-2 से दबाता रहा और वो मेरे ओंंठो से अपने ओंठो को रगड़्ने लगी ! मेरा लंड़ गरम हो चुका था और पल भर मे ही चाची का जिभ मेरी मुह्न मे था, उम्मिद के बिपरीत वो अधिक कामुक थी, पल भर बाद जिभ निकाल ली और मै उनके सिने पर से साड़ी हटा चुका था ! बबिता मेरे लंड़ को बरमुड़ा के उपर से पकड़ कर बोली…… ” नग्न स्नान करते झांक रहा था, अभी चोदोगे

(राहुल) जरुर, रात को चाची अभी कोई आ गया तो. ”

चाची भला मानने वाली थी, वो मेरे उपर सवार होकर मेरे गाल चुमने लगी, उनका गदराया जिस्म मेरे बदन पर था, मै उसके पिठ से चुत्तर तक को सहला रहा था, अब बर्दास्त करना मुस्किल था! मै चाची को अपने बदन पर से निचे किया और कमरे का दरवाजा बंद कर दिया, आकर बेड़ पर सवार हुआ और चाची के कमर के पास बैठकर उसके साड़ी साया को उपर कि ओर करने लगा ! चाची के नग्न जङ्हा और बुर का हिस्सा देखकर अपना हाथ उसके बुर पर लगाया, बार को सहलाते हुए अपना दो उङली एक साथ उनके बुर मे घुसा दिया, मेरी उंग़ली बुर को कुरेदने लगी और वो सिसक रही थी! बबिता कि बुर गरम थी और उसको कुरेद्ता हुआ मै एक हाथ उनके चुची पर लगा दिया और मसल्ते हुये अपने आपको गरम करने लगा ! चाची चुदने को आतुर थी, बोली….. ” राहुल अब देर मत करो चोदो ना. ” मै अपना बरमुड़ा को खोला और उनके दोनो मोटे जङ्हा के बिच लंड़ पकड़ कर बैठ गया, सुपाड़ा को बुर के मुहाने से लगाकर धीरे से लंड़ को अंदर पेला और पल भर मे मेरा मुसल लंड़ उनकी बुर मे था ! अब जोर -2 का झट्का देते हुए चुदाई करने लगा और वो मस्त होती जा रही थी, पल भर बाद उसके बदन पर लेटकर चोदने लगा और बबिता अपने चुत्तर को उपर निचे करते हुए चुदाई का मजा लेने लगी! मेरा लंड़ बुर मे पुरी गति के साथ आ जा रहा था, वो अब चिंखने लगी……. “अबे साले जोर से रगड़ो पानी निकलने वाला है

(राहुल) जरुर बे रांड़. ” और बबिता की बुर से रस फ़ेंकने लगा !

बबिता के बुर से लंड़ निकालकर उसके मुह्न के पास बैठा और अपना लंड़ उनके मुह्न मे ड़ाल दिया, वो अपना मुह्न खोले मेरे 2/3 लंड़ को ले ली और मुह्न बंद करके चुसने लगी ! उसके गोलाई को दबाता हुआ मस्त होने लगा तभी चाची मुह्न से लंड़ निकाल् कर अपना जिभ उसपर फ़ेरने लगी, पल भर बाद चाची के बुर मे मेरा मुसल लंड़ था और पुरे गती से चुत चुदाई करते हुए उसके बदन पर सवार हो गया! बबिता अपने गांड़ को उच्हाल्ने लगी और हमदोनो चुदाई मे मसगुल थे, 12-14 मिनट की चुदाई के बाद मै……. “ले बे रांड़ बुर को विर्य पिला आह्हह मेरा गिरा… ” चाची के बुर मे रस झाड़कर मै थक गया !

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Linga11

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