मेरी माल बहने

हाय फ्रेंड्स, मैं विक्की फिर से एक हॉट स्टोरी लेकर आया हूँ. मेरी उम्र २४ साल है और मैं ग्रेजुएशन कर रहा हूँ. मेरी ३ बहने है और तीनो के तीनो टंच माल है. सबसे बड़ी गायत्री दीदी है, उम्र ३2 साल और शादीशुदा है. वो अपने पति के साथ दिल्ली में रहती है. उसके बाद स्नेहा दीदी है, उम्र २८ साल और आईटी कंपनी में जॉब करती है. और सबसे छोटी का नाम आकांक्षा है, उम्र २२ साल और बहुत शरारती है.
मेरी तीनो बहने काफी पढ़ी लिखी है और हाई क्लास की माल लगती है. ये कहानी स्टार्ट होती है जब मैं स्नेहा दीदी से मिलने दिल्ली गया. स्नेहा दीदी बहुत ही सुन्दर और सेक्सी लड़की है. दीदी की हाइट 5″8′ है और बदन पूरा भरा हुआ है. दीदी की बॉडी का माप 38-30-38 है. दीदी की चूचियां वॉलीबॉल जितनी बड़ी बड़ी थी. जिसे देखकर मेरे मुंह में हमेशा पानी आता है. और सबसे मस्त दीदी की भरी हुई गांड है जो बहुत ही चौड़ी और बाहर निकली हुई है. जब भी दीदी चलती है तो उनके चुत्तड़ बहुत मस्त थिरकते है. दीदी मुझे काफी दिनों बाद मिली थी इसलिए देखते ही गले लगा लिया. हमदोनो बातें करने लगे. दिनभर मैं दीदी के बूब्बे और चुत्तड़ो को निहारता रहता था.
एक दिन जब मैं सुबह उठा तो मुझे बहुत जोर के शूशू आयी, मैं दौड़ता हुआ बाथरूम में चला गया. वहा पहुंचते ही मेरे होश उड़ गए. बाथरूम में स्नेहा दीदी पूरी नंगी नहा रही थी. मैं तो दीदी का नंगा गदराया बदन देखने में लग गया. क्या बड़े बड़े बॉल थे दीदी की. पानी में भींगी दीदी का नंगा जिस्म कहर ढा रहा था. दीदी की भरी और कसी हुई चूचियां उछल रही थी. पानी की बूंदे दीदी की चूचियां से बहता हुआ उनकी बूर में समां रही थी . दीदी की बूर पूरी तरह शेव्ड थी, मस्त चिकनी और फूली हुई बूर थी. और दीदी की नंगी विशाल गांड देखकर लंड सलामी देने लगा. अब तक दीदी ने भी देखलिया और अपने हाथो से चुचो और बूर को छुपाने लगी. दीदी ने मुझे डाटने लगी …
दीदी: तू यहाँ क्या कर रहा है
मैं: दीदी बहुत जोर की सुशु लगी है
दीदी: तो देख कर नहीं आ सकता था क्या
मैं: सॉरी दीदी पर लगता है आपने दरवाजा ठीक से बंद नहीं किया था
दीदी: अब तो देख रहा है ना मैं नहा रही हूँ .. जा बाहर जा जल्दी
मैं: दीदी मुझे बहुत जोर की आयी है .. मैं रुक नहीं सकता

मैंने कमोड के पास गया और जल्दी से अपना लंड निकल कर मूतने लगा .. मेरा लंड दीदी का नंगा बदन देखकर पूरा अकड़ा हुआ था .. दीदी की नजर मेरे 9″ लम्बे और 3″ मोटे लंड पर पड़ी और उसकी आँखें फटी रह गयी ..
दीदी: विक्की तुझे बिलकुल भी शर्म नहीं अति .. अपनी दीदी के सामने ही सुशु करने लगे
मैं: क्या करू दीदी बहुत जोर की आ रही थी … कण्ट्रोल करना मुश्किल हो गया था
दीदी अभी भी एक हाथ से अपनी चूचियों को छुपा रही थी और एक हाथ से अपनी बूर … पर उसकी गोरी गाड़ मुझे अब भी दिख रही थी … दीदी ने मुझे ताड़ते हुए देख लिया
दीदी: उधर क्या देख रहा है
मैं: कुछ नहीं दीदी … आप क्यों छुपा रही हो … मैंने तो सबकुछ देख लिया है और आपके हाथो से कुछ चुप तो रहा है नहीं ..
दीदी: विक्की मैं तुम्हारी तरह बेशर्म थोड़े ना हूँ …चल जल्दी से जा यह से
मैं: ठीक है दीदी
मैंने कोई जल्दी नहीं की … लंड को अच्छे से हिला हिला कर दीदी को दिखाया और फिर वहा से चला गया .. थोड़ी देर बाद दीदी बाथरूम से वापस आयी और जल्दी जल्दी ऑफिस चली गयी ..
मैं दिन भर दीदी के नंगे जिस्म को याद करके मूठ मारता रहा … शाम को ६ बजे दीदी ऑफिस से घर आयी .. दीदी ने वाइट शर्ट और ब्लैक ट्रॉउज़र पहनी हुई थी .. इतनी टाइट शर्ट में दीदी के चुच्चे फाड़ कर बाहर आने को बेचैन थे. ऐसा लग रहा था की दो पहाड़ो को दीदी ने अपनी छाती में कैद कर रखा है .. दीदी ने आते ही चाय बनाई और हम दोनों चाय पिने लगे … मैं अभी भी दीदी की चूचियों को ताड़ रहा था
दीदी: भाई तू मुझे ऐसे क्यों घूर रहा है
मैं: दीदी जब से आपको नहाते हुए देखा है मेरे आँखों के सामने आपका नंगा बदन ही घूम रहा है
दीदी: भाई ऐसी बातें मत कर … मैं तेरी बहन हूँ… जो देखा भूल जा
मैं: दीदी मैं भी भूलना चाहता हूँ .. पर क्या करू भूल नहीं पा रहा हूँ … आपकी बड़ी बड़ी पपीते जैसे चूचियां, पतली कमर और आपकी सुन्दर और प्यारी चूत मेरा नींद हराम कर रखी है ..
दीदी: कुछ तो शर्म कर हरामी अपनी बहन से बात कर रहा है … मैं तेरे से बात ही नहीं करती जा
फिर दीदी कमरे में चली गयी और दरवाजा अंदर से बंद कर ली .. मुझे लगा मैंने कुछ ज्यादा ही बोल दिया ..रात को दीदी ने दरवाजा खोला और मेरे साथ डिनर करने लगी
मैं: सॉरी दीदी
दीदी: कोई बात नहीं …चल जल्दी से खा ले
मैं अभी भी दीदी की चूचियों को ताड़ रहा था .. दीदी ने देखा पर कुछ बोली नहीं … दीदी ने एक टाइट टीशर्ट और शॉर्ट्स पहनी हुई थी … दीदी की भारी गांड छोटी सी शॉर्ट्स में बहुत ही सेक्सी लग रही थी .. और चूचियां टीशर्ट में और भी बड़ी लग रही थी..जो काफी हिल रही थी. मैं डिनर के बाद टीवी देखने लगा, थोड़ी देर बाद दीदी भी मेरे पास आकर बैठ गयी .. मैं बिच बिच में दीदी की चूचियों का ताड़ रहा था ..
दीदी: भाई टीवी उधर चल रही है ..तू इधर ध्यान ना दे
मैं: सॉरी दीदी .. आपकी चूचियां इतनी बड़ी बड़ी है की पूछो मत
मैं: एक बात पुछु दीदी .. अभी आपने ब्रा नहीं पहनी है क्या
दीदी: हाँ नहीं पहनी है .. क्यों
मैं: तभी आपके बॉल और भी बड़े लग रहे है
दीदी: तू साला बस यही देखता रह
मैं: दीदी एक बात आपकी चूचियां इतनी बड़ी बड़ी कैसे हो गयी … जरूर आपका कोई बॉयफ्रेंड होगा
दीदी: हाँ पहले था .. उसने ही दबा दबा कर बड़ी कर दी …
मैं: उफ्फ्फ्फ़ दीदी .. आपके बॉयफ्रेंड की तो लाटरी लग गयी होगी …दीदी फिर तो आपने सेक्स भी किया होगा
दीदी: नहीं बे तूने क्या मुझे ऐसी वैसी समझ लिया है
मैं: सॉरी दीदी आप तो गुस्सा हो गयी ..
फिर दीदी सोफे से उठी जाने के लिए पर मैंने दीदी की हाथ को पकड़ कर अपनी तरफ खींचा और अपनी गोद में बैठा लिया .. अब दीदी के भारी गांड मेरे लंड पर थी .. और मैंने दीदी की चूचियों को दबा दिया .. बहुत ही सॉफ्ट और भरी हुई चुची थी …..
दीदी: आआअह्ह्ह्हह्हह विक्की ये क्या कर रहा है
मैं: दीदी मुझे आपसे प्यार हो गया है … मुझे थोड़ा प्यार कर लेने दो
दीदी: ओह्ह्ह्हह्ह भाई ये गलत है .. तुम मेरे भाई हो ..
मैं: उफ्फफ्फ्फ़ दीदी जब से आपकी जवान बदन को नंगा देखा है … मेरे अंदर का भाई मर गया …

मैं दीदी की चूचियों को जोर जोर से दबा रहा था .. दीदी भी आह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह्ह कर रही थी
दीदी: आअह्ह्ह्हह भाई … बस अभी छोड़ दे .. बाकी फिर कभी कर लेना
मैंने भी दीदी को छोड़ दिया .. दीदी वहा से चली गयी … रात को फिर मैंने दीदी के नाम की मूठ मारी ….दूसरी सुबह मैं दीदी के नहाने का वेट करने लगा .. जैसे ही दीदी बाथरूम गयी थोड़ी देर बाद फिर मैं भी बाथरूम में घुस गया .. दीदी को आज फिर नंगा देखने का प्लान कामयाब हो गया
दीदी: विक्की तू फिर आ गया ..
मैं: दीदी मुझे आज भी सुशु लगी है
दीदी: मैं सब समझ रही हूँ तुझे … चल जल्दी से जा यहा से
फिर मैं सुशु करने लगा … मैंने देखा दीदी की नजर मेरे खड़े लंड पर थी
मैं: दीदी कैसा है आपके भाई का हथियार
दीदी: मुझे क्या मालूम
मैं: सच बताओ ना दीदी ..कैसा लगा मेरा लंड?
दीदी: तू ऐसे नहीं मानेगा ना … बहुत तगड़ा है तेरा लंड .. बहुत ही प्यारा हथियार है भाई तेरा ….
मैं: दीदी फिर एक बार मुँह में लेकर प्यार करो ना इसे
दीदी: मैं नहीं करुँगी
मैं: प्लीज दीदी .. एक बार मुंह में ले लो
मैंने अपना लंड दीदी के हाथ में दे दिया … दीदी काफी देर तक पकड़ी रही पर कुछ किया नहीं … मेरे बार बार बोलने पर दीदी में मेरा लंड मुंह में ले लिया और चूसने लगी … दीदी मेरा लंड सक कर रही थी और मैं उनकी चूचियों को दबा रहा था ..

आआह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह दीदी बहुत मजा आ रहा है ….. और चुसो दीदी …
भाई बहुत ही प्यारा लंड है तेरा ..
ओह्ह्ह्हह्ह दीदी … अपनी बूर में डलवा लो ना मेरा लंड
नहीं भाई ऐसा नहीं हो सकता ….
दीदी ने मेरा लंड चूस कर माल गिरा दिया .. फिर मैं निचे झुक गया और अपना मुंह दीदी की चुत पर ले गया
ये क्या कर रहा है भाई
दीदी आपने मेरा चूसा अब मेरी बारी
मै दीदी की बूर को चूसने लगा … दीदी अब सातवे आसमान पर पहुंच गयी … आआह्ह्ह्हह भाई ओह्ह्ह्हह … मैं साथ ही साथ दीदी की चूचियों को भी दबा रहा था … आआअह्ह्ह्हह भाई अब छोड़ दे अब कण्ट्रोल नहीं हो रहा है .. मैं और जोर जोर से दीदी की चुत चाटने और चूसने लगा …ओह्ह्ह्हह्हह ईईईई उउउउउ करते हुए दीदी बहुत बुरी तरह झड़ी..
दीदी अब चुदाई करे क्या
अभी नहीं भाई मेरा तो हो गया ….
दीदी अपनी गांड मटकते हुए चली गयी ..

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