सेक्सी पड़ोसन: बबिता जी

हेलो दोस्तों मेरा नाम रवि है, मेरी उम्र १८ साल है और मैं गोकुलधाम सोसाइटी में रहता हूँ. मैं अभी 12th का एग्जाम देने वाला हूँ. पर लास्ट ईयर मेरे मार्क्स अच्छे नहीं आए थे, इसलिए मेरे पापा मुझे सोसाइटी में रहने वाले अय्यर अंकल के पास टूशन के लिए भेजने लगे. अय्यर अंकल साइंटिस्ट है, वो मुझे टाइम निकाल कर टूशन देते थे.
मेरा कुछ खास ट्यूशन पढ़ने का मन नहीं करता, पर अय्यर अंकल की बीवी बबिता को देखने के लिए मैं उनके घर जाता था. बबिता ३२ साल की गदरायी बंगाली माल है. उसका फिगर ४०-३२-४० होगा. उनकी पहाड़ जैसी तनी हुई बड़ी बड़ी चूचियां और भारी चुत्तड़ मेरा लंड खड़ा कर देती है. मैं टूशन के बहाने बबिता को ताड़ने जाता था… दिन भर उसकी गदरायी जवानी को देखता और रात को उसके नाम की मूठ मरता.
एक बार अय्यर अंकल कांफ्रेंस के लिए बाहर गए हुए थे पर मुझे पता नहीं था. मैं डेली के तरह टूशन पढ़ने उनके घर आया. बबिता ट्रेडमिल पर रनिंग कर रही थी. बबिता ने स्पोर्ट्स ड्रेस पहना हुआ था जो बहुत टाइट था, जिससे उसका भूगोल पूरा दिख रहा था. बड़ी बड़ी तरबूज के जैसी चूचियां उछल रही थी, और मटकती हुई भारी गांड मेरा बुरा हाल कर रही थी. मैं उनकी जवानी का लुत्फ़ उठा रहा था… उन्होंने मुझे देख लिया

बबिता: अरे रवि… आओ … पर अय्यर तो आज नहीं है
मैं: ठीक है आंटी मैं कल आता हूँ
बबिता: अरे यार तुझे मैं आंटी लगती हूँ क्या…. कॉल मी बबिता
मैं: ठीक है बबिता
बबिता: चल एक काम कर मैं ही तुझे आज टूशन पढ़ा देती हूँ
मैं: ठीक है

बबिता ने ट्रेडमिल बंद की और सोफे में आकर बैठ गयी… पसीना से कपडे उसके बदन से चिपक गए थे… उसकी टाइट टीशर्ट से चूचियां बाहर आने के लिए मचल रही थी. निप्पल टीशर्ट से चिपक गयी थी, साली ने सायद ब्रा नहीं पहनी थी… उसकी चूचियां बहुत हिल रही थी… जब भी वो झुकती उनका क्लीवेज दिखने लगता और मुझे नंगी चूचियों के दर्शन हो जाते.. मैंने सोचा आज साली को चोदा जाये…

मैं: बबिता जी अंकल कहा गए है
बबिता: अरे तुम्हारे अंकल को काम करने से ही फुर्सत नहीं… कांफ्रेंस में गए है हैदराबाद
मैं: ओह्ह्ह्ह फिर तो आप अकेला फील करती होंगी..
बबिता: क्या बताऊ रवि.. हमेशा कांफ्रेंस मीटिंग के लिए घूमते रहते है और यहाँ रहते है तो भी दिन भर काम करते रहते है..
मैं: ओह्ह्ह्ह ये तो बहुत बुरी बात है… अंकल को अपनी सुन्दर बीवी के लिए टाइम निकालना चाहिए…
बबिता: थैंक्यू रवि तुझे मैं सुन्दर लगती हूँ
मैं: हाँ बबिता आप सुन्दर भी हो और सेक्सी भी
बबिता: हट बदमाश… अच्छा बोल कुछ पियेगा?
मैं: बबिता जी मैं तो सिर्फ दूध पिता हूँ
बबिता: रुक मैं लेकर आती हूँ

वो अपनी भारी चुत्तड़ो को हिला हिला कर किचन की तरफ जाने लगी… लेग्गिंग्स उसकी गांड से चिपक गयी थी… जिससे उसकी विशालकाय गांड क्या मस्त लग रही थी. फिर वो मेरी लिए दूध लेकर आयी…

बबिता: येलो रवि
मैं: बबिता जी मुझे फ्रेश दूध पीना है…

मैंने उसकी चूचियों की तरफ इशारा करके बोला, जिसे बबिता ने तुरंत समझ लिया.. पर वो मजाक करने लगी..

बबिता: पर हमारे घर में फ्रेश दूध तो नहीं है..
मैं: घर में नहीं है तो क्या हुआ, आपके पास तो है…
बबिता: इसका क्या मतलब रवि की मेरे पास दूध है…

मैंने बबिता की चूचियों में हाथ रख कर बोला…

मैं: बबिता जी मुझे ये दूध पीना है ..
बबिता: पर रवि दूध पिने के बाद पे भी करना पड़ता है
मैं: बबिता जी चिंता मत करिये जितना दूध पिलाओगी उतना ज्यादा पे करूंगा
बबिता: ठीक है फिर पी लो जितना पीना है दूध

मुझे ग्रीन सिग्नल मिल गया.. मैंने बबिता को पीछे से पकड़ लिया और अपना खड़ा लंड उसकी भारी गांड में रगड़ने लगा और उसकी चूचियों को मसलने लगा.. बहुत बड़ी बड़ी चूचियां थी….मैं पुरे जोश में चूचियों को दबा रहा था… और बबिता अह्ह्ह्हह्हह उउउउउउउ की आवाजे निकाल रही थी… मैंने उसकी टीशर्ट उतर दी… अब उसके भारी तरबूज हवा में उछलने लगे… बहुत ही सुन्दर कसी हुई और सॉफ्ट चूचियां थी.. मैं एक एक चूचियों को दबा दबा का चूस रहा था…..

बबिता: अह्ह्ह्हह्हह रवि… खूब चुसो और दबाओ इन चूचियों को…
मैं: बबिता जी… कितनी मस्त चूचियां है आपकी…
बबिता: अह्ह्ह्हह्हह उईईईईई रवि … तेरे अंकल तो कुछ करते ही नहीं…. कब से प्यासी हूँ..
मैं: बबिता जी … मैं भी कब से आपके गदराया बदन का मजा लेना चाहता था… आपकी गांड चूचियां देखकर ही जवान हुआ हूँ मैं…. और कितनी बार मूठ मारी है मैंने आपके नाम की…
बबिता: ओह्ह्ह्हह रवि… बहुत गरम कर दिया है तूने मुझे… ला अपना हथियार दिखा मुझे

बबिता ने मेरी पैंट उतर… पर मेरा ९” का लौडा देखकर चौंक गयी…

बबिता: अरे रवि तुझे तो मैं बच्चा समझती थी… साला इतना बड़ा और जालिम हथियार छुपकर कर बैठा है…
मैं: बबिता जी थोड़ा लंड को प्यार कर दीजिये.. यही तो आपके दूध का बिल पे करेगा…
बबिता ने मेरा लंड मुंह में ले लिया और जोर जोर से चूसने लगी… मेरा लंड पूरी तरह अकड़ चूका था… और ज्यादा चुसाई बर्दास्त नहीं कर पाया और मेरा माल गिर गया…

मैंने बबिता की लेग्गिंग्स भी उतर दी… उसकी चौड़ी गांड बहुत सी सेक्सी और मादक लग रही थी… जिसे मैंने खूब मसला… जब मैंने उसकी चुत देखि तो मन खुस हो गया… बहुत ही चिकनी और सुन्दर बूर थी… मैं उसकी बूर को खूब चूसा.. मेरा लंड फिर से अकड़ने लगा…

बबिता: अह्ह्ह्हह्हह रवि… जल्दी पेल अपना लंड…
मैं: उफ्फफ्फ्फ़ बबिता…. मैं एक ही शर्त मैं अपना लंड घुसाउंगा… तुम्हे मैं जब भी चोदना चहुंगा तुम मुझसे चुदोगी …
बबिता: उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ ऊह्ह्हह्ह्ह्ह रवि… मुझे मंजूर है… मैं तुम्हारी रंडी बनने की तैयार हूँ… जल्दी घुसा अपना लंड मेरे बूर में और चुदाई कर मेरी…

मैंने अपना लंड बबिता की बूर में पेल दिया… उसकी बूर काफी टाइट थी… सायद अंकल बबिता को चोदते नहीं थे.. २-३ धक्को में मेरा लंड पूरा बूर में समा गया…

बबिता: ओह्ह्ह्हह्हह …. उईईईईई रवि… क्या जालिम लंड है तेरा…
मैं: उफ्फ्फ्फ़ बबिता… आपकी बूर भी बहुत टाइट है.. मेरा लंड को चोदने में बहुत मजा आ रहा है…
बबिता: उईईईईई उउउउउउउ ओह्ह्ह्ह रवि तेरा अंकल कभी ध्यान ही नहीं देते मुझपर…
मैं: कोई नहीं बबिताजी…. आज से आप मेरी रंडी बनकर रहोगी… तुम्हारी चुदाई में कभी कमी नहीं आएगी…
बबिता: आअह्ह्ह्हह साले हरामी सिर्फ बोलता ही रहेगा …. जोर लगा जल्दी जल्दी चोद मुझे…
मैं: उफ्फ्फ्फ़ साली बहुत बड़ी रांड है तू…देख कैसा चोदता हूँ तुझे आज

मैं अपना लंड निकाल कर पूरा घुसा रहा था, और लम्बे लम्बे शॉट मार रही था.. बबिता की बूर में मेरा लंड फचा फच अंदर जा रहा था… और उसकी मॉनिंग बढ़ती ही जा रही थी…

बबिता: ओह्ह्ह्हह्ह रवि… मजा आ गया… थोड़ा और तेज चोद मैं झड़ने वाली हूँ
मैं: येले साली खा जा पूरा लंड मेरा…..कितने बड़े और रसीले आम है तेरे… इन्हे दबा दबा कर चोदने में बहुत मजा आ रहा है…
बबिता: ओह्ह्ह्हह्ह …उउइइइइइइइइइ रवि …

मेरी चुदाई की रफ़्तार बढ़ गयी… मेरा लंड ताबड़ तोड़ बबिता के बूर में अंदर बाहर हो रहा था.. उसकी बड़ी बड़ी चूचियों को दबा दबाकर मैं चोद रहा था….घमाशान चुदाई के बाद हमदोनो खल्लास हो गए..
मैं २ दिन तक बबिता के घर पर ही रुका रहा जब तक अंकल नहीं आ गए… इन दो दिनों में मैंने बबिता को बहुत बार चोदा. अब जैसे ही अंकल ऑफिस के लिए जाते है मैं उनके घर जाता हूँ और बबिता जी को खूब चोदता हूँ

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