Anita does it all

Hi readers,

I am back with yet another narration of my sexual encounter, this narration is just yesterday’s.

अनीता अपने मइके से वापिस आ गई है, कल वो काम पे आई, वो बहुत बेसब्र लग रही थी, मैंने उसे कमर से पकड़ते हुए ” क्या हुआ? परेशान लग रही है?” वो मेरा हाथ पकड़ते हुए ” परेशान तो हूँ ही. कितने दिनों से आपसे नहीं मिली हूँ, मेरी माँ भी पूछ रही थी, क्या हुआ तेरा दिल नहीं लग रहा. मैंने उसे और करीब खींचते हुए” क्यों नहीं लगा तेरा मन?” वो शर्मा गई और उसने अपने चेहरा छुपा लिया” रहने दो ! आप को पता नहीं क्यों नहीं लग रहा था?” मैंने उसे गले पे चूमते हुए” नहीं पता, तू बता तेरा मन क्यों नहीं लगा? मैंने उसे फिर चूमा. वो अपने गले को मेरे होटों पे फेरना लगी” हम्म आप की बहुत याद आती थी, रात दिन, वहां रहना मुश्किल पद गया था, बस मत पूछों, मैंने उसके दुपट्टा हटा दिया और उसे छाती पे चूमने लगा, वो मेरे बालों में हाथ फेर रही थी. मैंने उसे गोद में उठा लिया और अपने कमरे की तरफ चल दिया, वो ” पहले काम ख़तम कर लेती? मैंने उसे चूमते हुए” जानेमन यह भी तो ज़रूरी काम है!” मैंने उसे बिस्तर पे लेटा दिया और अपनी शर्ट उतार दी, वो मेरे सीने पे हाथ फेरते हुए” आप का शरीर कितना सख्त हो गया है, मैं उसके होंठ चूमने लगा, वो मेरे होटों को चूस रही थी, मैंने अपनी जीब उसके मुँह में डाला वो तुर्रंत उसे चूसने लगी, वो गरम हो चुकी थी, मैंने उसकी कमीज ऊपर की और उसके नाभि को अपनी जीब से सहलाने लगा, उसके पेट को चूमते हुए ऊपर जाने लगा, वो ठंडी आहे बाहर रही थी, मैंने उसकी कमीज उसके मुम्मो से ऊपर करदी, उसने सफ़ेद रंग की ब्रा पहनी हुई थी, उसके छाती की लिए गज़ब लग रही थी, मैंने उसके ब्रा में से उसका मुम्मा बाहर निकला और उसके निप्पल के चरों ओर जीब फेरने लगा, ऐसे करते करते मैंने उसके निप्पल खड़े कर दिए, मैंने दुसरे हाथ से उसके सलवार खोलने की कोशिश कर रहा था, उसने झट अपने हाटों से अपनी सलवार खोल दी, मैंने उसकी कच्ची में हाथ दाल दिया, और उसकी दरार में उंगली फेरने लगा, वो गीली हो चुकी थी, मेरी ऊँगली जैसे ही उसकी चूत से लगी, उसने अपनी सलवार और कच्ची नीचे सरका दी, मैं उसे पेट पे चूमते हुए नीचे जाने लगा. उसके हलके हलके बाल उग आए थे, मैं उसके टांगो के बीच आ गया, उसने अपनी टाँगे फैला ली और मैं उसकी चूत को चाटने लगा, वो आहे भरने लगी” अहह हम्म्म करो अच्छा लगा रहा है, कितने दिनों बाद” मैं ताबड़ तोड़ उसकी चूत चाट रहा था, वो बिलकुल गीली हो गई थी, मैंने अपना लण्ड निकला और उसकी चूत पे रगड़ने लगा, लण्ड के स्पर्श से वो पागल से हो गई, उसने हाथ बड़ा के लण्ड पकड़ लिया और अपनी दरार में रगड़ने लगी, और अपने द्वार पे लगा दिया” डाल दो अंदर और मत खेल करो रहा नहीं जा रहा, मैं उसके ऊपर लेट गया और उसके होटों को चूमने लगा, वो मुझे वापिस चूम रही थी, मेरा लैंड पूरा तंत हो गया था और बिना हाथ लगये ही अंदर जाने लगा, जैसे ही सुपाडे ने उसकी चूत को फैलाया, उसने एक गहरी सांस भरी, ” हम्म्म ” मैं रुक गया|” क्या दर्द हो रहा है?” उसने मुझे कस के पकड़ लिया” नहीं ” मैंने और अंदर डाला, करते करते पूरा अंदर चला गया., अब उसे थोड़ा दर्द हो रहा था, मैं डाल के रुक गया. उसका चेहरा लाल पद गया, मैंने फिर पूछा” तुझे दर्द हो रहा है?” उसने सिर हिलाते हुए” नहीं कुछ नहीं” मैंने लण्ड को धीरे से पीछे किया और फिर पूरा अंदर डाला उसकी सिसकी निकल गई ” ऊ हाँ ऐसे ही करो ” उसने मेरे हाथ लेके अपने मुम्मे पे रख दिया ” इसे दबाते रहो” लण्ड पूरा अंदर बाहर हो रहा था, वो आँखे बंद किया हर पल का मज़ा ले रही थी, थोड़ी देर ऐसे ही चलता रहा, मेरे पीठ में दर्द होने लगा, मैं रुक गया, वो मेरे पीठ पे हाथ फेर रही थी” क्या हुआ रुक क्यों गए?” मैं उसके साइड में लेट गया, उसने अपने आप ही अपनी पीठ मेरी तरफ करदी, अब उसकी पीठ मेरे सीने से छु रही थीमैंने देखा उसकी पीठ पे चोट के निशाँ थे, मैंने उसे छूते हुए” अरे अनीता यह क्या हुआ ?” उसे शायद चिमीलाहट हुई” ससस ाई, जाने दो बाद में बताती हूँ अभी मुझे इस बारे में कोई बात नहीं करनी” मेरा लण्ड उसकी गांड में, मैंने पूछा ” पीछे से ?” बोली” नहीं रे बाबा पहले आगे से तो काम ख़तम करलो!” कहके उसने अपना एक पेअर उठा लिया और मेरे लण्ड को पीछे से अपनी चूत पे लगा दिया, और एक हलके से धक्के में लैंड अंदर चला गया, ऐसे हम पहली बार कर रहे थे, उसने मेरे हाथ अपने मुम्मे पे रख दिया, उसके नरम चूतड़ कुछ अलग ही मज़ा दे रहे थे, मैं उसे कस के चोदने लगा ” अहह क्या हो गया आराम से करो अभी तो इतने अच्छे से कर रहे थे ” मैंने आराम आराम से डालना शुरू किया, इस बार जैसे ही सुपाड़ा छूट में घुसा उसने पेट पे हाथ लगा लिया” बस इतने में ही आगे पीछे करो” मैं वैसे करने लगा बहुत अच्छा लग रहा था उसकी चूत टाइट है, इसलिए लण्ड के अंदर जाते ही उसे कस लेती है, कुछ देर वैसे चोदते हुए मैंने एक ज़ोर के झटके से लण्ड पूरा अंदर तक पहुंचा दिया वो चीला पड़ी ” आह करते रहो भइया जी मुझे हो रहा है” मैं उसे पुरे गहरे झटके देने लगा, और उस की निप्पल को दांतों से पकड़ लिया, वो झड़ने लगी, उसके ऐठने लगे, मैं उसे स्पीड से छोड़ रहा था, उसकी चूत से पानी बह रहा था और सब कुछ चिकना हो गया था, और उस जोश में लण्ड गलत दिशा में चला गया और उसके गांड के घुसा” हए मार दिया, ” उसके मुँह से चीख निकली” आ निकालो” वो रोने लगी, उसकी शकल से ही लग रहा था की उसे बहुत दर्द हुआ है, मैंने लण्ड निकाल के फिर उसकी चूत में दाल दिया पर वो नहीं मानी रोते हुए ” नहीं निकालओ क्या करते हो आप भी, बहुत दर्द हुआ है”

और घंटी बजी,

हम दोनों हड़बड़ा गए, वो पूरी नंगी थी और मेरा लण्ड पूरे जोश में खड़ा था, मैंने बात संभालते हुए” रानी होगी”तू डर क्यों रही है, तू यहीं रह मैं देखता हु, मैंने जाके परदे में से देखा रानी खड़ी थी, मैंने दवाज़ा खोला ” रानी बहुत ही गलत टाइम पेै आई है” उसने पहले मुझे देखा और फिर शॉर्ट्स में खड़े लण्ड को, ” अनीता आ गई? उसने ने बताया तक नहीं, तभी अनीता कमरे में से निकली, ” जीजी कल शाम को ही आई हूँ, ” रानी उसे देख ” क्या हुआ तू रो रही है?”

Anita” जीजी कुछ नहीं, ”

रानी मेरी तरफ देखने लगी” तू क्यों मुस्कुरा रहा है? ये क्यों रो रही है, ? मैं हंस पड़ा कुछ नहीं जोश जोश में गलत छेद में चला गया” रानी भी हंस पड़ी” अरे बहन ज्यादा दर्द तो नहीं हो रहा?” वो बुरी तरह से शर्मा गई” मैं ये भी नहीं कह सकती आपको क्या पता” रानी उसे बहलाते हुए ” कोई बात नहीं धीरे धीरे आदत बन जाएगी, पता नहीं इसे क्या मज़ा आता है पीछे डालने में?” मैं ” अरे डाला नहीं था यह इतनी गीली हो गई की पता ही नहीं लगा कब कब में फिसल के पीछे घुस गया. ” हाँ हाँ क्यों इतना क्या जोश चढ़ा ?” मैंने बात ख़तम करते हुए” चल छोड़ इन बातों को, आ अनीता”, अनीता मेरे पास आई मेरा लैंड अभी भी तना हुआ था, मैं वही सोफा पे बैठ गया, और लण्ड बाहर निकाल के” ले अनीता ठंडा कर इसे, वो मेरे साथ बैठ गई और लण्ड को पकड़ लिया और खाल को पीछे कर दिया और बड़े सेक्सी अंदाज़ से सुपाडे पे अपनी जीब फेरने लगी, मैंने रानी को आँख मरते हुए बुलाया” रानी तू भी आजा, वो मन करते हुए बोली” मुझे तो तू भूल ही जा डी तीन दिन, मैं अभी नहीं कर सकती” मैं समाज गया की उसके पीरियड्स हो रहे है, मैंने मज़े लेते हुए” क्या हुआ तुझे? आज कैसे मन कर रही है?” वो ” जैसे तुझे नहीं पता !” इस सब के बीच में अनीता लैंड चूसे जा रही थी, मैंने अनीता के गाल पे हाथ फेरते हुए” और अनीता लॉलीपॉप अच्छा है?” रानी ज़ोर से हंसने लगी, ” उसे बहुत स्वाद लग रहा देख कैसे मज़ा से चूस रही है, वो कुछ नहीं बोली बस चुप चाप चूस रही थी उसने शॉर्ट्स में हाथ दाल के मेरे टट्टों को सहलाने लगी वो टट्टों को मुठी में भर के दबा रही थी,, मुझे फिर चूत मारने का मन कर गया” अनीता आजा ऊपर ” वो खड़ी हुई और सलवार उतारने लगी,

Raani” जब तुम दोनों का हो जाये तो अंदर आके कुछ काम भी कर लियो. “अनीता ने अपने सारे कपडे उतार दिया और मेरे ऊपर बैठ गई, मैं उसके मुम्मो से खेलने लगा” आज कैसे तू रानी के सामने शर्मा नहीं रही?

Anita” |कब तक शरमाती रहूंगी? उसे भी पता है और मुझे भी!” वो बात करते करते मेरे लण्ड के सुपाडे पे ऊँगली फेर रही थी, उसने लण्ड को चूत पे लगाया और बैठ गई लण्ड उसकी गीली चूत में समां गया उसने एक गहरी सांस भरी और” ये अब मेरा है” वो आगे पीछे होने लगी, कुछ देर ऐसे ही करती रही फिर हट गई मुझे मज़ा नहीं आ रहा आप ऊपर से करो पूरा अंदर तक लगता है” मैं जोश में था मैं उसके ऊपर ा गया और उसने लण्ड पकड़ के चूत में लगा लिया, मैंने एक ही झटके में पूरा लण्ड अंदर डाल दिया उसकी आह निकल गई” अहह ऐसे ही करो ” तीन चार झटके हुए ही थे की फ़ी से घंटी बजी मैं रुक गया, घंटी फिर बजी, रानी दरवाज़ा खोलने आई” दोनों अभी यहीं हो?” अंदर जाओ, पता नहीं कौन है” अनीता उसे अनसुना कर के मुझे बुरी तरह चूमने लगी, मानो इस में उसे मज़ा आ रहा हो, रानी ने दरवाज़ा खोला, ” हाँ यहाँ क्यों है?” मैं घबरा गया पता नहीं कौन है. मैं खड़ा हो गया, रानी ने दरवाज़े से मुझे रुकने का इसहारा किया, बाहर से आवाज़ आई, अनीता काम करके चली गई क्या? रानी ने उसे डांटते हुए” नहीं वो अंदर काम कर रहे है, क्यों? यहाँ अनीता मेरा लण्ड पकड़ के मुझ खींच रही थी, वो कहने लगा” मुझे कुछ काम है उससे बुला दो, रानी ने उसे वहीँ रुकने को बोलै और दरवाज़ा बंद करकर आ गई” अरे तेरा आदमी आया है, जल्दी कपडे पेहेन और उसे दफा कर, देख कोई शक नहीं होना चाइये, रानी ने मुझे अंदर भेज दिया, अनीता ने जल्दी से कपडे पहने और बाहर चली गई, घबराहट के मारे मेरा सारा जोश ठंडा हो गया, मेरे लण्ड को देख रानी हँसते हुए बोली” क्या हुआ मेरे राजा इतने में ही जोश ठंडा हो गया?”

Me” क्यों नहीं होगा? बाहर उसका आदमी खड़ा है और यहाँ वो मेरे नीचे लेटी हुई है” और सोचो वो अंदर आ जाता?”

Raani” ऐसे कैसे अंदर आ जाता मेरे होते हुए? और वैसे भी उसे पता है की वो कहीं और लग रही है, उसे कोई मतलब नहीं है, ”

इतने में अनीता आई” क्या हुआ अंदर क्यों आ गए? वो अपनी सलवार खोलने लगी,

Raani” अरे रुक जा तुझे बहुत जल्दी है, ! क्या कह रहा था? सोच मैं नहीं होती तो क्या हो जाता ?

Anita” हँसते हुए बोली क्या हो जाता जीजी ? हम दोनों में सांठ गाँठ हो गई है. हम साथ में सिर्फ रहते है, और कुछ नहीं, बाकी वो अपने रस्ते है और मैं अपने, ”

Raani” सही सही बता, तूने उसे बता दिया हमारे बारे में? “

Anita” नहीं जीजी मैंने ऐसा कुछ नहीं किया है, उसे ये भी नहीं पता की मैं कुवारी नहीं हूँ “

रानी ने चैन की सांस ली, मैं तो डर गई थी की तूने सब काम खराब कर दिया,

वो अपनी सलवार उतार चुकी थी और उसने कमीज भी उतार दी” अब जाने दो इन बातों को ” वो मेरे पास आई और उसने मेरे लण्ड को हाथ में लिया और धीरे धीरे हिलाने लगी, रानी काम करने चली गई, मैंने पूछा” me” कोई दिक्कत तो नहीं है? “

Anita” नहीं कोई दिक्कत नहीं है, आप बस मुझे ऐसे ही प्यार करते रहो, आप के लिए मैं कुछ भी करुँगी, ” कह के उसने लण्ड मुँह में ले लिया और मेरा हाथ उसने अपनी चूत पे रख दिया, मैं उसकी दरार में ऊँगली फेरने लगा, उसने पैर खोल लिए, मेरे से अब रहा नहीं जा रहा था मैंने उसे लेटाया और लण्ड घुसा दिया, वो भी यहीचाह रही थी, मैंने जल्दी जल्दी झटके मारना शुरू किया, वो भी बहुत उतावली हो रही थी, लण्ड उसके अंदर तक लग रहा था वो झड़ने के करीब थी, वो हर झटके पे आहें भर रही थी, आह्ह आह ” ये सुन रानी कमरे में आ गई” क्या हो गया भई इतने ज़ोर से कर रहे हो? अनीता बहुत ज़ोर से झड़ने लगी” आअह करते रहो अंदर तक ” मैं उसे और ज़ोर से चोदने लगा, मैं भी बस त्यार था, मेरा लावा छूटने लगा, मैंने लण्ड बाहर निकाल लिए, और माल छूटने लगा पहली धार सीधे उसके चेहरे पे गिरी और बाकि सारा उसके मुम्मो और पेट पे. वो बोली इतना सारा ! मैं उसके साथ लेट गया ” तूने जो इतना गरम कर दिया था!

Raani” तूने कंडोम नहीं लगाया? कुछ करके मानेगा क्या?” इतना इसके अंदर छोड़ता, पता है न क्या हो सकता है? फिर मत रोना!

Anita” मुस्कुराते हुए” कुछ नहीं होगा जीजी मैंने पहले ही हल निकाल दिया है.

Raani” कैसे भला?

Anita” मैंने डॉक्टर से गोली लगवा ली है !

Raani” तू बड़ी तेज़ है! चल बस ध्यान रखना, ये भी कभी कभी फ़ैल हो जाती है, चल जाके साफ़ करले, या अभी है कुछ कसर?

Anita” हाँ मैं हूँ अभी आप जा रही हो क्या?

Raani” क्यों चले जाऊं, आज मेरे हालत ठीक नहीं है तो ऐसे करेगी?”

Anita” नहीं नहीं ऐसे नहीं कह रही मैं तो पूँछ रहगी हु, अगर आपको और काम नहीं है तो साथ चलेंगे!”

Raani” नहीं मुझे जाना है, और वैसे भी तुम दोनों के साथ रही तो मेरा भी मन करेगा. ” रानी चली गई.

मैंने अनीता से पुछा सही बता तूने अपने पति को बताया है?

नहीं नहीं मैंने कुछ नहीं बताया, उसी ने मुझे कहा है की उसे लड़के अच्छे लगते है, और मैं अगर किसी के साथ होना चाहु तो उसकी तरफ से ठीक है बस घर में कुछ नहीं पता लगना चाइये.

फिर क्या सोचा तूने ?

आपसे मुझे जो मुझे चाइये वो मिल रहा है, मैं कहीं और क्यों जाऊ ? उसे मैंने टिश्यू दिया वो अपने पे से माल को साफ़ करने लगी, मैं वाशरूम चला गया, मैं वापस आया तो वो वैसे ही बैठी हुई थी,

Me” क्या हुआ ?”

Anita “कुछ नहीं मेरा और मन है. ”

Me” अब तो तुझे ही मेहनत करनी पड़ेगी, इसे खड़ा करने में, वो मेरे पास आई ” बताओ क्या करू? इसे खड़ा करने के लिए, ” मैंने मौके का फ़ायदा उठाते हुए” जो कहूंगा करेगी? क्यों आप के कहने पे क्या नहीं करती मैं? तो ठीक है फिर आ बैठ, मैंने अपना लैपटोप खोला और एक पोर्न फिल्म चलाई, उसमे एक लड़की खीरा अपनी चूत में डालके मैथुन कर रही थी,

Anita” ये क्या कर रही है? ये भी कोई अंदर डालने की चीज़ है? “

Me” क्या तूने कभी ऐसे किया है? “वो शर्मा गई ” हटो ये क्या बात हुई,

Me” बता न कभी किया है?”

Anita” हाँ एक बार, पर ऐसे अंदर कुछ नहीं डाला. ”

Me” बता न कैसे?”

Anita” उस दिन जब आपने और जीजी ने मेरे सामने किया था, घर जाके मुझे बहुत बेचैनी हो रही थी, आपका तना हुआ ही दिमाग में घूम रहा था, नीचे भी बहुत चिकना हो रहा था, मेरा हाथ अपने आप ही सलवार में चला गया और मुझे बहुत अच्छालगने लगा, मैं धीरे धीरे ऊँगली फेर रही थी, फेरते फेरते रगड़ने का मन करने लगा और मुझे होने लगा, बस इतना ही,

Me” क्या मेरे सामने फिरसे करेगी?”

Anita” चलो! आपके सामने क्यों? मुझे शर्म आएगी. मैंने बोल बोल के उसे मन लिया” तू अगर करेगी तो मेरा भी खड़ा हो जाएगा, वो मान गई, मैंने मोबाइल से रिकॉर्डिंग चालु करि, वो हड़बड़ा के बोली ” किसी को दिखोगे तो नहीं?

Me” नहीं मेरी जान ये तो मैं अभी डिलीट कर दूंगा, ”

वो मेरे सामने सोफे पे बैठ गई और अपनी टाँगे फैला ली, और उसने अपनी दरार में ऊँगली फेरने लगी, उसने अपनी चूत के गीलेपन को अपने पुरे चूत पे लगा लिया और अपने दाने को सहलाने लगी, उसका दाना फूलने लगा, मेरा लण्ड खड़ा होने लगा, थोड़ी देर में वो मस्त हो गई और ऊँगली भी करने लगी, ऐसा नज़ारा मैंने कभी नहीं देखा था, सब कुछ रिकॉर्ड हो रहा था और उसे कोई फरक नहीं पड़ रहा था, मैं जल्दी से किचेन से एक खीरे ले आया और उसे पकड़ा दिया वो फुल मस्त हो रही थी, मैंने खीरा उसकी चूत पे लगाया, उसने खीरा पकड़ लिया, और उसे दरार में फेरने लगी, उसने अंदर डालाना शुरू किया, पहले तो थोड़ी दिक्कत हुए पर उसने जैसे तैसे अंदर डाल लिया, मेरा लैंड पूरा तंत हो गया था, उसने और अंदर डाला, क्या नज़ारा था, वो खीरे को आगे पीछे चलाने लगी, उसे भी मज़ा आने लगा, उसने करते करते मुझे पास आने का इशारा किया” मुझे हो जाएगा आप दाल दो, मैं उसे देख काफी उत्तेजित हो गया था, मैंने झटके से खीरा खींच लिया” ससस आह डाल दो ” मैंने अपना लैंड उसकी गीली चूतमें डाल दिया वो बहुत चिकने थी, मैंने लैंड पूरा अंदर तक डाल दिया, और हलके झटके देने लगा, और वो झड़ने लगी, उसका बुरा हाल हो रहा था, उसने पैर मेरे कंधे पे डाल दिया मैं भी उसे माल छोड़ना छह रहा था, पर मुझे नहीं हो रहा था, मैं उसे बुरी तरह चोदने लगा, और कुछ देर बाद मेरे छूटने लगा, उसे अहसास हो गया वो ” बहार निकालो “मैंने निकाल लिया उसने तुर्रंत लण्ड को मुँह में ले लिया और टटो को पकड़ लिया वो मुँह से करने लगी और टटो को रगड़ने लगी, मैं उसके मुँह में ही झड़ने लगा, उसने एक बूँद भी बाहर गिरने नहीं दिया, और तक तक करती रही जब तक लण्ड नरम नहीं पड़ गया, उसने माल अंदर जातक लिया. ” अब तो मान गए न की आप के लिया कुछ भी करती हूँ?”

Me” हाँ मान गया, ”.

After that we both were exhausted do anything.

More coming soon

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